स्कूलों में पाठ्यपुस्तक के रूप में भगवद् गीता हो अनिवार्य, लोकसभा में पेश हुआ विधेयक

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शैक्षिक संस्थाओं में नैतिक शिक्षा की पाठ्यपुस्तक के रूप में भगवद् गीता की अनिवार्य रूप से शिक्षा प्रदान किये जाने के प्रावधान वाले एक निजी विधेयक समेत शुक्रवार (10 मार्च) को लोकसभा में 103 गैर-सरकारी विधेयक पेश किये गये।

सदन में शुक्रवार को गैर-सरकारी कामकाज के लिए समय निर्धारित होता है और आज (शुक्रवार, 10 मार्च) इस दौरान 103 गैर-सरकारी विधेयक पेश किये गये।

इनमें भाजपा सदस्य रमेश बिधूड़ी ने ‘शैक्षिक संस्थाओं में नैतिक शिक्षा पाठ्यक्रम के रूप में भगवद् गीता का अनिवार्य शिक्षण विधेयक, 2016’ पुर:स्थापित किया जिसमें प्रस्ताव है कि भगवद्गीता को पाठ्यक्रम में अनिवार्य शिक्षण के लिए शामिल किया जाए।

बिधूड़ी ने निजी विधेयक में बेरोजगार स्नातकोत्तरों को वित्तीय सहायता प्रदान करने तथा उससे जुड़े विषयों का उपबंध करने वाले विधेयक भी पेश किया। कांग्रेस के शशि थरूर ने भारत के परंपरागत ज्ञान का संरक्षण, परिरक्षण, संवर्धन और विकास से संबंधित विधेयक पेश किया।

भाजपा के प्रहलाद पटेल ने जनसंख्या नियंत्रण और उससे संबंधित विषयों का उपबंध करने वाले विधेयक को पेश किया। सत्तारूढ़ दल के ही गोपाल चिनय्या शेट्टी ने गौसंरक्षण के लिए एक प्राधिकरण और राज्यस्तर पर भी इस तरह के प्राधिकारों का गठन करने के प्रस्ताव वाला ‘गौ संरक्षण प्राधिकरण विधेयक, 2016’ पेश किया।

भाजपा के राजेंद्र अग्रवाल ने आतंकवाद के समर्थक देशों को चिह्नित करने और ऐसे राष्ट्रों के साथ व्यापार संबंधों को समाप्त करने के प्रावधान वाले निजी विधेयक को पेश किया। कांग्रेस की रंजीत रंजन ने विवाह समारोहों में अत्यधिक खर्च को रोककर सामान्य तरह से विवाह करने के साथ विवाह समारोहों में खाद्य वस्तुओं की बर्बादी का निवारण करने एवं उससे संबंधित विषयों का उपबंध करने वाले विधेयक को पेश किया।

उन्होंने देश में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए विशेष न्यायालयों के गठन के संबंध में गैर-सरकारी विधेयक पेश किया। पीटीआई की खबर के अनुसार, राकांपा की सुप्रिया सुले ने महिलाओं के विरुद्ध यौन हिंसा के अपराधों के मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के लिए विशेष न्यायालयों के गठन का प्रस्ताव रखने वाले अपने निजी विधेयक को पेश किया।

उन्होंने सभी बालकों को निशुल्क और अनिवार्य माध्यमिक तथा उच्चतर माध्यमिक शिक्षा प्रदान करने के प्रावधान वाला एक गैर-सरकारी संकल्प भी रखा। इसके साथ ही उन्होंने उच्च शिक्षा को सभी के लिए सुगम बनाने की दृष्टि से उच्च शिक्षण संस्थाओं में शुल्क के विनियमन के प्रावधान के लिए विधेयक पेश किया।

शिवसेना के श्रीरंग आप्पा बारणे ने दवाओं की कीमतें निर्धारित करने के लिए समिति का गठन करने और उससे जुड़े विषयों का उपबंध करने वाला निजी विधेयक ‘औषधि (कीमत नियंत्रण) विधेयक, 2016 पुर:स्थापित किया। भाजपा के किरीट सोलंकी ने अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों को निर्धनता से नीचे रह रहे लोगों :बीपीएल: की श्रेणी में शामिल करने वाले निजी विधेयक को पेश किया।

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