केंद्रीय मंत्री वीके सिंह द्वारा योगी आदित्यनाथ को ‘देशद्रोही’ कहने से इनकार करने के बाद बीबीसी हिंदी ने जारी किया अनकट वीडियो

0

बीबीसी हिंदी का दावा है कि केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह ने उसे दिए एक इंटरव्यू में कहा कि अगर कोई भारत की सेना को ‘मोदी जी की सेना’ कहता है तो यह गलत ही नहीं बल्कि देशद्रोह भी है। हालांकि, बाद में वीके सिंह अपने बयान से पलट गए। जिसके बाद बीबीसी हिंदी ने गुरुवार को वीके सिंह के इंटरव्यू का वो अनकट वीडियो जारी किया है, जिसमें वो ‘मोदी जी की सेना’ कहने पर देशद्रोही कहते हुए नजर आ रहें है।

मॉब लिंचिंग
file photo

बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा था कि भारत की सेनाएं भारत की हैं, और ये किसी राजनीतिक पार्टी की नहीं हैं। वीके सिंह ने कहा, ‘बीजेपी के प्रचार में सब लोग अपने आप को सेना भी बोलते हैं, लेकिन हम किस सेना की बात कर रहे हैं? क्या हम भारत की सेना की बात कर रहे हैं या पॉलिटकल वर्कर्स की बात कर रहे हैं? मुझे नहीं पता कि क्या संदर्भ है। अगर कोई कहता है कि भारत की ‘सेना मोदी जी की सेना’ है तो वो गलत ही नहीं, वो देशद्रोही भी है। भारत की सेनाएं भारत की हैं, ये पॉलिटिकल पार्टी की नहीं हैं।’

इस बयान पर विवाद होने के बाद केंद्रीय मंत्री ने ऐसी किसी भी टिप्पणी से इनकार करते हुए कहा कि इंटरव्यू लेने वाले रिपोर्टर ने ‘कट-पेस्ट’ करने का काम किया है। पूर्व सेनाध्यक्ष ने इस पर सवाल खड़ा करते हुए ट्विटर पर लिखा, “बीबीसी हिंदी ने वही किया जिसके लिये मैंने प्रेस्टीट्यूट (presstitute) शब्द दिया था। मैंने जो कहा वह मेरे पास रिकार्ड है। लगता है रिपोर्टर सो रहा था या उसने जान बूझ कर कट पेस्ट कर गलत बयान बनाया। वाल डन जुगल-कितना पैसा मिला??”

बीबीसी हिंदी ने भी वीके सिंह के हमले का तुरंत जवाब दिया। बीबीसी हिंदी ने ट्विटर पर लिखा, “बीबीसी हिंदी को इंटरव्यू देने के बाद जनरल वीके सिंह ने उस इंटरव्यू की रिपोर्टिंग पर एक ट्वीट करके बीबीसी हिंदी को ‘प्रेस्टीट्यूट’ कहने के साथ ही बयान तोड़-मरोड़कर पेश करने और पत्रकार पर ‘पैसे लेने का आरोप लगाया’। यहां आप इस अनकट वीडियो में ख़ुद देखिए कि जनरल वीके सिंह ने क्या कहा था।”

गौरतलब है कि, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह के संसदीय क्षेत्र गाजियाबाद में रविवार (1 अप्रैल) को एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय सेना को ‘मोदी जी की सेना’ बताया था। योगी आदित्यनाथ के इस बयान पर विपक्षी पार्टियों ने आपत्ति जताई है। वहीं, योगी के इस बयान पर संज्ञान लेते हुए भारत के चुनाव आयोग ने योगी आदित्यनाथ से उनके इस बयान पर 5 अप्रैल तक जवाब तलब किया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here