कांग्रेस के खिलाफ ‘फर्जी’ खबर शेयर करने पर BBC ने मोहनदास पाई को किया शर्मिंदा, पत्रकारों ने लगाई लताड़

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मणिपाल ग्लोबल एजुकेशन के चेयरमैन और इन्फोसिस के पूर्व डायरेक्टर मोहनदास पाई कांग्रेस के खिलाफ एक ‘फर्जी’ खबर शेयर कर बुरी तरह फंस गए हैं। इस वजह से सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल किया जा रहा है। साथ ही बीबीसी या ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोंरेशन ने भी ट्वीट कर पाई को शर्मिंदा कर दिया है। बता दें कि पिछले कुछ समय से मोहनदास पाई को सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुख्यात प्रशंसक के रूप में काफी प्रसिद्धि मिली है।

दरअसल, मोहनदास पाई सोमवार सुबह BBC न्यूज हब (BBC News Hub) नाम के एक फर्जी वेबसाइट का एक आर्टिकल ट्वीट किया, जिसमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को दुनिया की सबसे भ्रष्ट पार्टियों में से एक बताया गया है। इस फर्जी लेख को ट्वीट करते हुए पाई ने लिखा, ‘शॉकिंग! एक भारतीय राजनीतिक पार्टी भी शामिल।’ पाई ने जो आर्टिकल शेयर किया है उसकी हेडलाइन है, ‘दुनिया में 2018 की टॉप 10 सबसे भ्रष्ट राजनीतिक पार्टियां’

इस फर्जी न्यूज को लेकर देश के तमाम वरिष्ठ पत्रकारों ने नाराजगी व्यक्त की। क्योंकि पाई के ट्वीट को बीजेपी समर्थकों द्वारा काफी तेजी से रिट्वीट और लाइक किया जाने लगा। पाई जैसे ही कई लोग, इस वेबसाइट के URL bbcnewshub.com को असली BBC News Hub मानकर इस फर्जी लेख पर विश्वास करने लगे। इस वेबसाइट को ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन की समझ रहे थे और इस रिपोर्ट को भी BBC के सर्वेक्षण पर आधारित मानने लगे।

बीबीसी सहित तमाम पत्रकारों ने लगाई लताड़

BBC में काम करने वाले कई पत्रकारों के साथ ही ट्विटर यूजर्स ने पाई को इस बात से अवगत कराया कि उन्होंने जो लिंक शेयर किया है वह फर्जी है। पत्रकारों ने पाई से इस फर्जी ट्वीट डीलीट करने के लिए भी कहा। हालांकि, पाई ने ट्वीट डीलीट नहीं किया और उन्होंने एक और ट्वीट में लिखा, ‘फेक साइट हो या नहीं, अधिकतर राजनीतिक पार्टियां 50 साल पुरानी हैं, उनका इतिहास सब जानते हैं, उनके भ्रष्टाचार से भी सब अवगत हैं।’

BBC के पत्रकार ट्रुशर बरोट ने भी ट्वीट कर इस फर्जी खबर को डिलीट करने को कहा। बरोट ने कहा कि हनदास जी मैं बीबीसी में काम करता हूं। कृपया आप अपना मूल ट्वीट हटा सकते हैं? अन्यथा यह फैलता रहेगा। इस पर पाई लिखा, ‘आप आधिकारिक तौर पर इस रिपोर्ट का खंडन क्यों नहीं करते और क्यों नहीं कहते कि आपका इससे कोई लेना देना नहीं है। यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप अपने ब्रांड की देखरेख करें! यहां तक कि आप गलत खबरें प्रकाशित करते हैं और लोग विरोध करते हैं लेकिन आप भी परवाह नहीं करते।’

पाई ने एक और ट्वीट में कहा, ‘अच्छा है यह BBC नहीं, उसकी तरह दिखता है, लेकिन जानकारी दिलचस्प है।’ जिसके बाद बीबीसी (BBC News Press Team) ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर इस खबर को फर्जी करार दिया है। बीबीसी ने टाइम्स ऑफ इंडिया की उस खबर का लिंक भी शेयर किया जिसमें इस लेख को फर्जी बताया गया है। ‘टाइम्स फैक्ट चेक’ टीम ने अपनी पड़ताल में पाया है कि मोहनदास पाई ने जो लेख ट्वीट किया है वह फर्जी वेबसाइट का लिंक है।

ये है इस फर्जी वेबसाइट की सच्चाई

दरअसल, BBC न्यूज हब एक फेक वेबसाइट है जो फर्जी खबरों और विवादित न्यूज आर्टिकलों के जरिए हिट्स पाती है। पिछले साल नवंबर में इस वेबसाइट ने ऐसा ही फर्जी लेख छापा था, जिसमें नरेंद्र मोदी को दुनिया के सबसे भ्रष्ट प्रधानमंत्रियों में से एक बताया था। इस वेबसाइट ने ठीक यही लेख एक बार फिर इस साल प्रकाशित किया। भारत में कांग्रेस और बीजेपी दोनों पार्टियों के समर्थक एक-दूसरे के बारे में गलत जानकारियां फैलाने के लिए इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख का इस्तेमाल करते रहते हैं।

 

 

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