ईस्टर के मौके पर श्रीलंका में चर्च और होटल में सीरियल ब्लास्ट, 160 लोगों की मौत और सैकड़ों घायल

0

ईस्टर पर्व के दौरान श्रीलंका के कई इलाकों में बम धमाकों की खबर है। श्रीलंका में तीन गिरजाघरों और तीन होटलों में करीब एक साथ हुए छह विस्फोटों में कम से कम 160 लोगों की मौत हो गई और 450 से ज्यादा लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। श्रीलंका के इतिहास में यह सबसे भयानक हमलों में से एक है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस धमाके में श्रीलंका में तीन गिरजाघरों और तीन होटलों में एक के बाद एक कर विस्फोटों मरने वालों की संख्या बढ़कर 160 हो गई और 450 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। धमाके में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

पुलिस प्रवक्ता रूवन गुनासेखरा ने बताया कि ये विस्फोट स्थानीय समयानुसार पौने नौ बजे ईस्टर प्रार्थना सभा के दौरान कोलंबो के सेंट एंथनी चर्च, पश्चिमी तटीय शहर नेगेम्बो के सेंट सेबेस्टियन चर्च और बट्टिकलोवा के एक चर्च में हुए। वहीं अन्य तीन विस्फोट पांच सितारा होटलों- शंगरीला, द सिनामोन ग्रांड और द किंग्सबरी में हुए। होटल में हुए विस्फोट में घायल विदेशी और स्थानीय लोगों को कोलंबो जनरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

श्रीलंका के आर्थिक सुधार एवं लोक वितरण मंत्री हर्षा डी सेल्वा ने बताया कि धमाकों में विदेशी नागरिकों सहित कई लोग हताहत हुए हैं। अस्पाल से जुडे़ सूत्रों ने बताया कि कोलंबो में 45, नेगेम्बो में 90 और बट्टिकलोवा में 27 लोगों की मौत हो गई। वहीं 450 से अधिक लोग धमाकों में घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि कोलंबो नेशनल हॉस्पिटल में मौजूद 45 शवों में से नौ की पहचान विदेशी नागरिकों के तौर पर हुई है। इनमे कुछ अमेरिकी और ब्रिटिश हैं।

कोलंबो नेशनल हॉस्पिटल के प्रवक्ता डॉक्टर समिंदि समराकून ने बताया कि 300 से ज्यादा घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, बट्टिकलोवा अस्पताल के प्रवक्ता डॉक्टर कलानिधि गणेशालिंघम ने बताया कि सेंट माइकल चर्च के 100 से ज्यादा घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी समूह ने नहीं ली है। श्रीलंका में पूर्व में लिट्टे (एलटीटीई) ने कई हमले किए हैं। हालांकि 2009 में लिट्टे का खात्मा हो गया।

राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। सिरिसेना ने कहा, ‘‘मैं इस अप्रत्याशित घटना से सदमे में हूं। सुरक्षाबलों को सभी जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।’’ प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने इसे ‘‘कायराना हमला’’ बताते हुए कहा कि उनकी सरकार ‘‘स्थिति को नियंत्रण’’ में करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने ट्वीट किया,‘‘ मैं श्रीलंका के नागरिकों से दुख की इस घड़ी में एकजुट एवं मजबूत बने रहने की अपील करता हूं। सरकार स्थिति को काबू में करने के लिए तत्काल कदम उठा रही है।’’

हर्षा डी सेल्वा ने बताया कि श्रीलंका सरकार ने आपात बैठक बुलाई है। सभी आवश्यक आपातकालीन कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ बेहद भयावह दृश्य, मैंने लोगों के शरीर के अंगों को इधर-उधर बिखरे देखा। आपातकालीन बल सभी जगह तैनात हैं।’’ पीटीआई के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका में सिलसिलेवार धमाकों के बाद द्वीपीय देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से टेलीफोन पर बातचीत की है।

कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त ने ट्वीट किया, ‘‘विस्फोट आज कोलंबो और बट्टिकलोवा में हुए। हम स्थिति लगातार नजर रख रहे हैं। भारतीय नागरिक किसी भी तरह की सहायता, मदद और स्पष्टीकरण के लिए इन नंबरों पर फोन कर सकते हैं- +94777903082, +94112422788, +94112422789।’’

उच्चायुक्त ने अन्य एक ट्वीट में लिखा, ‘‘ दिए गए नंबरों के अलावा भारतीय नागरिक किसी भी सहायता व मदद और अन्य किसी स्पष्टीकरण के लिए +94777902082, +94772234176 नंबरों पर फोन कर सकते हैं।’’ (इनपुट्स भाषा के साथ)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here