पत्रकारिता से राजनीति में आए आशुतोष ने आम आदमी पार्टी से दिया इस्तीफा, केजरीवाल ने इस्तीफा क़ुबूल करने से किया इंकार

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आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है। पत्रकारिता से राजनीति में आए आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

आशुतोष ने बुधवार को ट्विटर के जरिए पार्टी से इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने इस्तीफे के पीछे बेहद व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है। बता दें कि आशुतोष पत्रकारिता छोड़कर राजनीति में आए थे और पिछले 4 साल से आम आदमी पार्टी के साथ जुड़े थे।

उन्होंने AAP की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) को इस्तीफा भेज कर खुद को पार्टी से अलग करने की सूचना दे दी है। आशुतोष ने बुधवार को ट्वीट कर अपने फैसले की सार्वजनिक घोषणा की। उन्होंने कहा, ‘‘हर यात्रा का अंत अवश्यंभावी है। आप के साथ मेरे खूबसूरत और क्रांतिकारी जुड़ाव का भी अंत हो गया है।’’

आशुतोष ने ट्वीट कर बताया, ‘‘मैंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और पीएसी से इसे स्वीकार करने का अनुरोध किया है।’’ उन्होंने पार्टी से इस्तीफे की वजह बताते हुए कहा कि यह नितांत निजी कारणों से लिया गया फैसला है। आशुतोष ने AAP के साथ अपने सियासी सफर में उन्हें सहयोग देने वाले सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा किया।

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप पार्टी के मुखिया अरविन्द केजरीवाल ने उनका इस्तीफा क़बूल करने से इंकार दिया है। ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केजरीवाल ने कहा, “ना, इस जनम में तो नहीं।” एक और ट्वीट में केजरीवाल ने कहा की ‘आशुतोष सर हम सब आप को बहुत प्यार करते हैं। ”

हालांकि, चर्चा यह भी है कि आशुतोष राज्यसभा में नहीं भेजे जाने की वजह से नाराज चल रहे थे। यही वजह है कि अब ऐसी भी खबरें हैं कि आशुतोष राजनीति से भी सन्यास ले सकते हैं। आशुतोष दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के काफी करीबी माने जाते रहे हैं। बता दें कि आम आदमी पार्टी ने संजय सिंह, सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता को राज्यसभा में भेजा था। गौरतलब है कि साल 2015 में दिल्ली में केजरीवाल सरकार के गठन के बाद AAP से अलग हुए प्रमुख नेताओं की फेहरिस्त में आशुतोष, चौथा बड़ा नाम हैं।

इससे पहले AAP के संस्थापक सदस्य योगेन्द्र यादव, प्रशांत भूषण और शाजिया इल्मी पार्टी से नाता तोड़ चुके हैं। पिछले कुछ समय से पार्टी की गतिविधियों से अलग चल रहे कुमार विश्वास भी आप नेतृत्व से नाराज बताए जाते हैं। पूर्व पत्रकार आशुतोष ने साल 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में AAP को मिली कामयाबी के फलस्वरूप केजरीवाल के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी।

इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में वह AAP के टिकट पर दिल्ली की चांदनी चौक सीट से चुनाव लड़े थे। हालांकि इसमें उन्हें BJP के डा. हर्षवर्धन के सामने हार का सामना करना पड़ा था।

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