VIDEO: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में झपकी मारते नजर आए अश्विनी चौबे और बिहार सरकार के मंत्री, RJD ने साधा निशाना

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बिहार में एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम यानी एईएस (चमकी बुखार) से मरने वाले बच्चों का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। आकड़ो के मुताबिक, इस बिमारी की चपेट में आने से मुजफ्फरपुर में अब तक 96 बच्चों की मौत हो चुकी है। इस दौरान रविवार को हालात का जायजा लेने मुजफ्फरपुर श्रीकृष्ण सिंह मेडिकल कालेज अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने इस समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से राज्य को सभी संभव तकनीक और आर्थिक मदद का आश्वासन दिया।

झपकी

अस्पताल के दौरे के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। उनकी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वास्थ्य राज्य मंत्री और बिहार भाजपा के नेता अश्विनी चौबे झपकी मारते नजर आए। सिर्फ अश्विनी चौबे ही नहीं बल्कि बिहार के मंत्री सुरेश शर्मा भी उंघते नजर आए। दोनों मंत्रियों के सोनो वाली तस्वीर और वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अश्विनी चौबे के झपकी मारते हुए का वीडियो शेयर करते हुए ज्योति यादव नाम के एक यूजर ने लिखा, “बिहार के मुजफ्फरपुर में सौ बच्चों की मौत के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री हर्षवर्धन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य मंत्री अश्विनी चौबे और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे से नींद रोकी नहीं जा रही थी। सौ बच्चों की मौत के बाद नींद कैसे आ सकती है?”

वहीं, आरजेडी ने भी एक तस्वीर साझा करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अश्विनी चौबे के सोने का आरोप लगाया। आरजेडी ने ट्वीट कर लिखा, ‘200 बच्चों की जान जाने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे उसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सो रहे हैं। बिहार सरकार के मंत्री भी जम्हाई ले रहे। जाने इनकी मानवीय संवेदना कहाँ मर गई? सीएम तो गहरी निद्रा में है ही?’

राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी बच्चों की मौत के लिए राज्य व केंद्र सरकार की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। कुशवाहा ने ट्वीट कर लिखा, ‘लगभग 200 परिवारों का आँगन सुना हो चुका है और हजारों बच्चें काल की गोद में है फिर भी डबल इंजन सरकार सो रही हैं। अब तो ईश्वर के भरोसे ही बिहार और देश की आश बची है’

मधेपुरा के पूर्व सांसद पप्पू यादव ने ट्वीट कर बच्चों की मौत के लिए सरकार पर तंज कसा। पप्पू यादव ने अश्विनी चौबे की कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, ‘सोइये हुज़ूर! ये बच्चे आपके नहीं हैं। इसमें हिन्दू-मुसलमान की राजनीति नहीं हो सकती, तो जग कर आप क्या करेंगे? 5 साल बाद इसमें पाक की साजिश ढूंढ लीजियेगा। फिर वोट ले, ऐसे ही गधा बेच सो जाइयेगा। गरीब मां-बाप अपने बच्चों की बेमौत मौत पर रतजगा करें, उनकी आंखों की नींद उड़ जाय। आपको क्या फर्क?’

गौरतलब है कि बिहार के कई जिलों में एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम यानी एईएस का कहर जारी है। बिहार में इसे चमकी बुखार भी कहा जाता है। बच्चों की मौतों पर नीतीश सरकार घिरती हुई नजर आ रहीं है। चमकी बुखार के कहर के चलते अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। एईएस के प्रकोप से मरने वाले ज्यादातर बच्चे समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुजफ्फरपुर में एईएस से हुई बच्चों की मृत्यु पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।मुख्यमंत्री ने इस भयंकर बीमारी से मृत हुए बच्चों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से शीघ्र ही चार-चार लाख रूपये अनुग्रह अनुदान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन एवं चिकित्सकों को इस भयंकर बीमारी से निपटने के लिए हरसंभव कदम उठाने का निर्देश देने के साथ एईस से पीड़ित बच्चों के ज़ल्द स्वस्थ होने के लिये ईश्वर से प्रार्थना की है।

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