बीजेपी वाले असली ‘हिंदू’ होंगे तो गौमाता को छूकर कहेंगे कि वो जाति के आधार पर वोट नहीं मांगते: आशुतोष

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दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) से इस्‍तीफा देने वाले आशुतोष ने आज सुबह एक ट्वीट किया, जिसे लेकर मीडिया में ये कायास लगाए गये कि उन्होंने बिना नाम लिए दिल्‍ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला है। मगर कुछ देर बाद ही आशुतोष ने सफाई दी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर भी जमकर हमला बोला।

आशुतोष
फाइल फोटो: आशुतोष

दरअसल, आशुतोष ने बुधवार(29 अगस्त) की ट्वीट कर कहा था कि 23 साल के मेरे प‍त्रकारिता करियर में किसी ने मेरी जाति नहीं पूछी लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में मुझे उम्‍मीदवार घोषित किया गया तो मेरे उपनाम (सरनेम) का उल्‍लेख किया गया जबकि मैंने इसका विरोध किया था।

आशुतोष ने ट्वीट कर लिखा, ’23 साल के पत्रकारिता के करियर में कभी भी किसी ने मुझसे मेरी जाति या फिर उपनाम (सरनेम) नहीं पूछा। मैं हमेशा मेरे नाम से ही जाना जाता रहा था। लेकिन जब मुझे 2014 लोकसभा चुनाव लड़ने के दौरान कार्यकर्ताओं से जब मिलवाया गया तो मेरे सरनेम का उपयोग किया गया। हालांकि, मैंने इसका विरोध किया था। लेकिन तब मुझे कहा गया कि सर, आप कैसे जीतोगे। आपकी जाति के यहां काफी वोट हैं।’

हालांकि कुछ देर बाद आशुतोष ने फिर से एक अन्य ट्वीट कर सफाई देते हुए कहा है कि टीवी चैनलों ने मेरे ट्वीट को गलत समझा है। आशुतोष ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘टीवी के चील-गिद्धों ने मेरे ट्वीट को गलत समझा। मैं ‘आप’ में नहीं हूं ना ही पार्टी के अनुशासन से बंधा हूं। अपने विचार व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र हूं। मेरे शब्दों का इस्तेमाल कर ‘आप’ पर हमला करना गलत है। ये मीडिया की स्वतंत्रता का गलत इस्तेमाल है। मुझे बख्श दो। मैं ‘आप’ का कार्यकर्ता नहीं हूं।’

इसके बाद आशुतोष यहीं नहीं रुके, उन्होंने बीजेपी को भी आड़े हाथों लिया। आशुतोष ने ट्वीट करते हुए लिखा, “पता चला है कि बीजेपी मेरे ट्वीट पर प्रेसर कर रही है। अच्छा है। बीजेपी को गंगा मइयाँ में खड़ा खोकर कहना चाहिये/ गौ माता को छू कर कहना चाहिये कि वो जाति के आधार पर न तो टिकट देती है और न ही वोट माँगती है। असली “हिंदू” होंगे तो ये ज़रूर कहेंगे।”

गौरतबल है कि साल 2015 में दिल्ली में केजरीवाल सरकार के गठन के बाद आप से अलग हुये प्रमुख नेताओं की फेहरिस्त में आशुतोष, चौथा बड़ा नाम हैं। इससे पहले आप के संस्थापक सदस्य योगेन्द्र यादव, प्रशांत भूषण और शाजिया इल्मी पार्टी से नाता तोड़ चुके हैं। पिछले कुछ समय से पार्टी की गतिविधियों से अलग चल रहे कुमार विश्वास भी आप नेतृत्व से नाराज बताए जाते हैं।

पूर्व पत्रकार आशुतोष ने साल 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप को मिली कामयाबी के फलस्वरूप केजरीवाल के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में वह आप के टिकट पर दिल्ली की चांदनी चौक सीट से चुनाव लड़े थे। हालांकि इसमें उन्हें बीजेपी के डा. हर्षवर्धन के सामने हार का सामना करना पड़ा था।

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Posted by Janta Ka Reporter on Wednesday, 29 August 2018

Pizza Hut

1 COMMENT

  1. Gau mata ke naam pe Vote mangte hai aur usi gau mata ko kaat kar bechne walon se chanda bhi lete hai…
    Ab batayiye gau mata BJP ke liye Paisa aur Vote dono kaam me aarahi hai tabhi to gau mata ke naam pe raajneeti ki ja rahi hai, aur abto bjp ka percentage aur bhi jayada ho gaya hai kyun ke pehle gau mata ko kharidna parta tha uske liye paise dene parte the aur ab jab log dar se gau mata ko khol ke bhaga de rahe hai tab beef bechne wali companies ko paise se kharidna bhi nahi par raha hai ab to road pe chalti hui aise hi mil jati hai… Dekhe gau mata ke kitne faide hai BJP ke liye aur logo ke liye bas maut hai……

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