निर्भया रेप केस: वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह के सुझाव पर भड़की निर्भया की मां, बोलीं- मुझे ऐसा सुझाव देने वाली वो होती कौन है?

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सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह की ओर से माफी देने के सुझाव पर निर्भया की मां आशा देवी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, आखिर इंदिरा जयसिंह मुझे यह सुझाव देने वाली कौन हैं? बता दें कि, वकील इंदिरा जयसिंह ने सोनिया गांधी का उदाहरण देते हुए कहा था कि जैसे उन्होंने पति राजीव गांधी के हत्यारों को माफ किया था, वैसा ही निर्भया की मां को भी करना चाहिए।

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निर्भया की मां आशा देवी ने वकील इंदिरा जयसिंह पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि, “मुझे ऐसा सुझाव देने वाली इंदिरा जयसिंह कौन होती हैं? पूरा देश चाहता है कि दोषियों को फांसी दी जाए। सिर्फ इनके जैसे लोगों की वजह से ही रेप पीड़िताओं के साथ न्याय नहीं होता है।”

आशा देवी ने आगे कहा कि, “विश्वास नहीं होता कि इंदिरा जयसिंह ने इस तरह का सुझाव देने की हिम्मत भी कैसे की। बीते सालों में सुप्रीम कोर्ट में उनसे कई बार मुलाकात हुई, एक बार भी उन्होंने मेरे बारे में नहीं पूछा और आज वह दोषियों के लिए बोल रही हैं। कुछ लोग बलात्कारियों का समर्थन करके आजीविका कमाते हैं, इसलिए बलात्कार की घटनाएं बंद नहीं होती हैं।”

बता दें कि, इसके पहले इंदिरा जयसिंह ने ट्वीट कर कहा था, ‘मैं आशा देवी के दर्द से पूरी तरह वाकिफ हूं, मैं उनसे आग्रह करती हूं कि वह सोनिया गांधी के उदाहरण का अनुसरण करें जिन्होंने नलिनी को माफ कर दिया और कहा कि वह उसके लिए मौत की सजा नहीं चाहती हैं, हम आपके साथ हैं लेकिन मौत की सजा के खिलाफ हैं।’

निर्भया सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्याकांड मामले में दिल्ली की अदालत ने शुक्रवार (17 जनवरी) को सभी चारों दोषियों के खिलाफ नया डेथ वारंट जारी किया। इस नए डेथ वारंट के अनुसार अब 22 जनवरी की जगह सभी दोषियों को एक फरवरी की सुबह छह बजे फांसी की सजा दी जाएगी।

निर्भया की मां आशा देवी ने निर्भया केस के दोषियों को नया डेथ वॉरंट जारी होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, “जो मुजरिम चाहते थे वही हो रहा है। तारीख पे तारीख… तारीख पे तारीख दे रहे हैं। हमारा सिस्टम ऐसा है कि जहां दोषी की सुनी जाती है। जब तक मेरी बेटी के दोषियों को फांसी नहीं होती, मुझे संतुष्टि नहीं मिलेगी।”

गौरतलब है कि, दक्षिण दिल्ली में 16-17 दिसंबर 2012 की रात में छात्रा के साथ चलती बस में छह व्यक्तियों ने सामूहिक बलात्कार के बाद उसे बुरी तरह जख्मी करके सड़क पर फेंक दिया था। इस छात्रा की बाद में 29 दिसंबर को सिंगापुर में माउन्ट एलिजाबेथ अस्पताल में मृत्यु हो गई थी।

इस मामले के छह आरोपियों में से एक राम सिंह ने तिहाड़ जेल में कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी जबकि एक अन्य आरोपी नाबालिग था, जिसे किशोर न्याय बोर्ड ने दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाई थी। इस आरोपी को सुधार गृह में तीन साल गुजारने के बाद रिहा कर दिया गया था।

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