यूरोपीय सांसदों के कश्मीर दौरे पर प्रियंका गांधी-मायावती ने उठाए सवाल, असदुद्दीन ओवैसी ने भी शायराना अंदाज में कसा तंज

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यूरोपीय सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल के जम्मू-कश्मीर दौरे को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भारतीय सांसदों को रोकना और विदेशी नेताओं को वहां जाने की अनुमति देना ‘अनोखा राष्ट्रवाद’ है।

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प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा, “कश्मीर में यूरोपियन सांसदों को सैर-सपाटा और हस्तक्षेप की इजाजत लेकिन भारतीय सांसदों और नेताओं को पहुँचते ही हवाई अड्डे से वापस भेजा गया! बड़ा अनोखा राष्ट्रवाद है यह।”

वहीं, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि भारतीय सांसदों को रोकने और विदेशी नेताओं को वहां जाने की अनुमति देने में ‘कुछ न कुछ बहुत गलत है।’ उन्होंने ट्वीट कर कहा, ”यूरोप से आए सांसदों का जम्मू-कश्मीर का दौरा करने के लिए स्वागत है जबकि भारतीय सांसदों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी जाती है। कुछ न कुछ ऐसा है जो बहुत गलत है।”

वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर लिखा, “जम्मू-कश्मीर हमारा, फिर यूरोपियन यूनियन वाले कैसे पधारे? हमारा मामला, हम देखेंगे! पर मोदीजी ने यूरोपियन यूनियन को कश्मीर में पंच क्यों बनाया? दूसरे देशों के सांसदों को कश्मीर जाने की अनुमति है, हमारे सांसदों को क्यों नहीं? यह मोदी सरकार का फर्जी राष्ट्रवाद और संसद का अपमान है।”

भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने भी यूरोपीय संघ के शिष्टमंडल के जम्मू-कश्मीर दौरे को लेकर केंद्रीय सरकार पर हमला बोला। उन्होंने सोमवार को ट्वीट कर कहा, “मुझे आश्चर्य है कि विदेश मंत्रालय (MEA) ने यूरोपीय संघ के सांसदों के व्यक्तिगत तौर पर (यूरोपीय संघ के आधिकारिक शिष्टमंडल के तौर पर नहीं) जम्मू-कश्मीर इलाके का दौरा करने के प्रबंध किए हैं। यह हमारी राष्ट्र नीति से पीछे हटना है। मैं सरकार से यह दौरा रद्द करने की अपील करता हूं क्योंकि यह अनैतिक है।”

वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि यूरोपीय सांसदों को कश्मीर भेजने से पहले देश के सांसदों को वहां भेजना चाहिए था। मायावती ने ट्वीट कर लिखा, जम्मू-कश्मीर में संविधान की धारा 370 को समाप्त करने के उपरान्त वहां की वर्तमान स्थिति के आकलन के लिए यूरोपीय यूनियन के सांसदों को जेके भेजने से पहले भारत सरकार अगर अपने देश के खासकर विपक्षी पार्टियों के सांसदों को वहाँ जाने की अनुमति दे देती तो यह ज्यादा बेहतर होता।

AIMIM के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने यूरोपियन डेलिगेशन के कश्मीर दौरे पर निशाना साधा है। ओवैसी ने ट्वीट कर कहा कि यूरोपियन पार्लियामेंट के सांसद जो इस्लामोफोबिया के शिकार हैं उन्होंने सही चुनाव किया है, ऐसे लोग मुस्लिम बहुल घाटी जा रहे हैं। ओवैसी ने दल में शामिल सांसदों को नाजी लवर भी बताया है। उन्‍होंने शायराना अंदाज में ये भी कहा, गैरों पर करम अपनों पर सितम, ए जाने वफा ये जुल्म न कर, रहने दे अभी थोड़ा सा धरम

गौरतलब है कि, यूरोपीय संघ के 27 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को जम्मू-कश्मीर का दौरा कर रहा है। यह शिष्टमंडल जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाए जाने के बाद वहां की स्थिति का आकलन करेगा। ये सांसद जम्मू-कश्मीर के स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनके अनुभव जानना चाहते हैं।

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