योगेंद्र यादव के समर्थन में आए अरविंद केजरीवाल, PM मोदी पर साधा निशाना

0

स्वराज इंडिया पार्टी के नेता योगेंद्र यादव ने बुधवार (11 जुलाई) को आरोप लगाया कि उन्हें डराने और चुप कराने के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के रेवाड़ी में उनकी बहन के अस्पताल पर इसी क्रम में आयकर विभाग ने छापा मारा गया है। उन्होंने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर प्रदर्शन शुरू करने की वजह से उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है।

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने पुराने सहयोगी योगेंद्र यादव का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को बदले की राजनीति बंद करनी चाहिए। केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए कहा कि जिस तरह से योगेंद्र यादव की बहन के अस्पताल पर छापा पड़ा वो एजेंसियों के दुरुपयोग का सीधा मामला है। मोदी सरकार राजनीतिक विद्वेष के तहत विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।

केजरीवाल ने कहा कि वो मोदी सरकार द्वारा योगेंद्र यादव के परिवार को पीड़ित करने की निंदा करते हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘मोदी सरकार द्वारा इनकम टैक्स जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल करके योगेंद्र यादव के परिवार को पीड़ित करने की हम जोरदार निंदा करते हैं. मोदी सरकार को इस तरह की बदले की राजनीति बंद करनी चाहिए।’

योगेंद्र यादव ने मोदी सरकार पर लगाया आरोप

बता दें कि योगेंद्र यादव किसानों को फसल की उचित कीमत दिलाने और हरियाणा के रेवाड़ी में शराब की दुकानों के खिलाफ आंदोलन छेड़ा हुआ है। उन्होंने दो दिन पहले, ‘पदयात्रा’ से अपना अभियान शुरू किया था। उन्होंने ट्विटर पर आरोप लगाया कि मोदी सरकार उनके परिवार को ‘निशाना’ बना रही है।

अपने सिलसिलेवार ट्वीट में यादव ने कहा कि हरियाणा के रेवाड़ी में उनकी बहन के परिवार द्वारा चलाए जा रहे दो अस्पतालों पर आयकर विभाग के अधिकारियों ने छापा मारा। इसके दो दिन पहले ही एमएसपी समेत अन्य मुद्दों पर योगेंद्र यादव की रेवाड़ी में नौ दिवसीय स्वराज पदयात्रा पूरी हुई थी।

उन्होंने कहा, मोदी सरकार अब मुझपर हमला कर रही है। रेवाड़ी में मेरी नौ दिवसीय पदयात्रा पूरी होने और एमएसपी व शराब ठेका के खिलाफ प्रदर्शन शुरू करने के दो दिन बाद, रेवाड़ी में मेरी बहनों के अस्पताल सह नर्सिग होम पर छापा मारा गया है। उन्होंने कहा, कृपया मेरी, मेरे घर की तलाशी करें, मेरे परिजनों को क्यों परेशान किया जा रहा है?

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि दिल्ली के 100 से ज्यादा अधिकारियों ने 11 बजे पूर्वाह्न् अस्पताल पर छापा मारा और उनकी बहनों, सालों और भतीजे समेत सभी डॉक्टरों को चैंबर में ‘बंद’ कर दिया गया। यादव ने शाम में एक बार फिर ट्वीट किया कि छापा लगातार जारी है और उनके परिवार के खिलाफ ‘कोई योजना’ बनाई जा रही है।

उन्होंने कहा, रेवाड़ी से नवीनतम जानकारी: अभी तक मेरी बहनों से कोई संपर्क नहीं हुआ है। दोनों अस्पतालों में किसी को जाने या बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। आईटी सर्च जारी है, और इसके पूरी रात जारी रहने की संभावना है। ऐसा लगता है किसी प्रकार की योजना बनाने के लिए वे समय ले रहे हैं। सोशल मीडिया पर योगेंद्र यादव के प्रति कई कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और विपक्षी नेताओं ने अपना समर्थन जताया।

बहन के अस्पताल से 22 लाख रुपये नकद बरामद

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने हरियाणा के रेवाड़ी में योगेंद्र यादव से जुड़े एक अस्पताल समूह के विभिन्न परिसरों से करीब 22 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इससे पहले यह सूचना मिली थी कि अस्पताल समूह ने गहने खरीदने के लिए नीरव मोदी की फर्म को नकद भुगतान किया था। हालांकि, स्वराज इंडिया के प्रमुख यादव ने आरोप लगाया है कि उनकी बहन के अस्पताल पर छापेमारी सिर्फ उन्हें ‘डराने’ और ‘चुप’ कराने के लिए की जा रही है क्योंकि उन्होंने हरियाणा में किसानों को उनकी फसलों का वाजिब दाम दिलाने के लिए मुहिम शुरू की है।

अधिकारियों ने बताया कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कलावती अस्पताल और कमला नर्सिंग होम, इसके मुख्य साझेदार डॉक्टर गौतम यादव और अन्य के निवास परिसरों की तलाशी ली। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘तीन परिसरों की तलाशी आयकर विभाग की हरियाणा जांच शाखा की टीमों द्वारा की जा रही है। करीब 40 कर अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की टीम ने यह कार्रवाई की।’ गौतम यादव योंगेंद्र यादव की बहन डॉक्टर नीलम यादव के बेटे हैं।

अधिकारियों के अनुसार इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने नीरव मोदी ग्रुप से मिली सूचनाओं के आधार यह कार्रवाई की है। नीरव मोदी 2 अरब रुपये के पीएनबी धोखाधड़ी मामले में फरार चल रहा है। पाया गया है कि गौतम यादव ने हीरा कारोबारी की कंपनी से गहने खरीदने के लिए साढ़े 6 लाख रुपये में से सवा 3 लाख रुपये का नकद भुगतान किया था। उन्होंने बताया कि तलाशी के दायरे में डॉक्टर नरेंद्र सिंह यादव भी रहे और यादव परिवार के यहां से 22 लाख रुपये नकद मिले।

एक अधिकारी ने कहा, ‘किसी भी व्यक्ति के हाथों में वर्तमान नकद सीमा दो लाख रुपये है और 22 लाख रुपये की इस नकद राशि के स्रोत की जांच की जा रही है।’ इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने यादव के इन आरोपों का खंडन किया कि विभाग की छापेमारी टीमों ने अस्पताल और आईसीयू सील कर दिया, क्योंकि कुछ सीजेरियन प्रसव भी उस दौरान हुए। अधिकारियों ने कहा कि अस्पतालों समेत तलाशी वाले परिसरों के सभी सीसीटीवी चालू रखे गए थे और उन्होंने तलाशी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग भी की है।

 

 

 

 

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here