निर्भया रेप केस: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने AAP सरकार को ठहराया दोषियों को फांसी में देरी का जिम्मेदार, सीएम केजरीवाल ने दिया यह जवाब

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उत्तर प्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और प्रकाश जावड़ेकर ने निर्भया सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्याकांड मामले के दोषियों को फांसी में विलंब के लिए दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उनके इस आरोप को दिल्‍ली के मुख्यमंत्री व आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दुखद बताते हुए इस तरह के मुद्दे पर राजनीति नहीं करने का अनुरोध किया।

निर्भया

बता दें कि, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में आम आदमी पार्टी सरकार पर पीड़िता की मां को न्याय से वंचित रखने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि, जुलाई 2018 में पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद जेल विभाग सो क्यों रहा था, जो आप सरकार के अधीन आता है। सरकार ने किशोर अपराधी के रिहा होते समय उसे 10 हजार रुपये और सिलाई किट क्यों दी?

हालांकि, सीएम केजरीवाल ने कहा कि ईरानी को निर्भया मामले में राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित केंद्र और दिल्ली की आप सरकार समेत सभी को ऐसे मामलों में जल्द से जल्द न्याय दिलाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

उन्होंने ट्विटर पर जारी एक वीडियो में कहा, ‘‘मुझे दुख होता है कि इस मुद्दे पर राजनीति हो रही है। क्या हमें दोषियों को जल्द से जल्द फांसी दिलाने के लिए मिलकर काम नहीं करना चाहिए?” केजरीवाल ने कहा, ‘‘कृपया इस पर सियासत मत कीजिए। मिलकर महिलाओं के लिए एक सुरक्षित शहर बनाएं।”

बता दें कि, निर्भया मामले में दोषियों को फांसी के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। ईरानी ने कहा कि जब पूरा देश 2012 के इस नृशंस कांड की पीड़िता के लिए एकजुट होकर न्याय की मांग कर रहा था, तब पता चला कि केजरीवाल ने इस मामले में न्याय में देरी कराने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा ने भी अदालत में प्रक्रिया संबंधी कारणों का हवाला देते हुए फांसी को टालने का प्रयास किया।

हालांकि, केजरीवाल ने कहा कि सब चाहते हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द फांसी हो। उन्होंने कहा हम सभी को प्रयास करना चाहिए कि समस्त प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी हो और दोषियों को फांसी दी जाए। प्रकाश जावडे़कर ने भी ऐसा ही आरोप लगाया था। आरोप प्रत्यारोप से दोषियों को जल्द फांसी सुनिश्चित नहीं होगी। दोषियों को जल्द से जल्द फांसी के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।

सीएम अरविंद केजरीवाल के बयान पर निर्भया की मां ने किया पलटवार

बता दें कि, निर्भया के दोषियों को फांसी में हुई देरी पर उनकी मां आशा देवी ने भी अरविंद केजरीवाल सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा था कि, “ये बिल्कुल गलत है कि उन्होंने समय पर काम किया, 7 साल हो गए घटना हुए, 2.5 साल हो गए सुप्रीम कोर्ट से फैसला आए, 18 महीने हो गए रिव्यू पेटिशन खारिज हुए, जो काम जेल को, सरकार को करना चाहिए था वो हमने किया।”

केजरीवाल ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए कहा था कि, “दिल्ली सरकार के अधीन सभी काम हमारे द्वारा घंटों के भीतर पूरे किए गए। हमने इस मामले से संबंधित किसी भी कार्य में देरी नहीं की। हम चाहते हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द फांसी दी जाए।” यही नहीं अपनी सरकार पर लग रहे आरोपों पर निर्भया के परिजनों को लेकर उन्होंने कहा, समझ का कुछ अभाव हो सकता है या फिर ऐसा भी हो सकता है कि उन्हें भ्रमित किया जा रहा हो।

दोषियों के खिलाफ नया डेथ वारंट जारी होने पर निर्भया की मां ने जताई नाराजगी

निर्भया सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्याकांड मामले में दिल्ली की अदालत ने शुक्रवार (17 जनवरी) को सभी चारों दोषियों के खिलाफ नया डेथ वारंट जारी किया। इस नए डेथ वारंट के अनुसार अब 22 जनवरी की जगह सभी दोषियों को एक फरवरी की सुबह छह बजे फांसी की सजा दी जाएगी।

निर्भया की मां आशा देवी ने निर्भया केस के दोषियों को नया डेथ वॉरंट जारी होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, “जो मुजरिम चाहते थे वही हो रहा है। तारीख पे तारीख… तारीख पे तारीख दे रहे हैं। हमारा सिस्टम ऐसा है कि जहां दोषी की सुनी जाती है। जब तक मेरी बेटी के दोषियों को फांसी नहीं होती, मुझे संतुष्टि नहीं मिलेगी।”

जानिए क्या है पूरा मामला:

गौरतलब है कि, दक्षिण दिल्ली में 16-17 दिसंबर 2012 की रात में छात्रा के साथ चलती बस में छह व्यक्तियों ने सामूहिक बलात्कार के बाद उसे बुरी तरह जख्मी करके सड़क पर फेंक दिया था। इस छात्रा की बाद में 29 दिसंबर को सिंगापुर में माउन्ट एलिजाबेथ अस्पताल में मृत्यु हो गई थी।

इस मामले के छह आरोपियों में से एक राम सिंह ने तिहाड़ जेल में कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी जबकि एक अन्य आरोपी नाबालिग था, जिसे किशोर न्याय बोर्ड ने दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाई थी। इस आरोपी को सुधार गृह में तीन साल गुजारने के बाद रिहा कर दिया गया था। (इंपुट: भाषा के साथ)

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