अरविंद केजरीवाल ने ए राजा समेत द्रमुक नेताओं से की मुलाकात, स्टालिन ने सीएम से कांग्रेस के प्रति अपने विरोधाभासी रुख को छोड़ने के लिए कहा

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विपक्षी दलों की एकजुटता के लिए सोमवार को प्रस्तावित विपक्ष के नेताओं की बैठक से पहले द्रमुक नेता एम के स्टालिन, पूर्व केंद्रीय मंत्री कनिमोझी और ए राजा ने आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्‍ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से उनके निवास पर मुलाकात की।

केजरीवाल

इस मुलाकात के दौरान द्रमुक नेताओं ने सीएम केजरीवाल को एक शाल का उपहार दिया और 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले बीजेपी विरोधी गठबंधन बनाने के प्रयासों सहित राजनीति पर चर्चा की। इस दौरान द्रमुक नेताओं ने केजरीवाल से कांग्रेस के प्रति अपने विरोधाभासी रुख को छोड़ने के लिए कहा।

सूत्रों के हवाले से एनडीटीवी में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, स्टालिन ने केजरीवाल से कहा कि ‘आप अपने मन में कांग्रेस के प्रति कोई नकारात्मक रवैया ना रखें, आज देश को महागठबंधन की जरूरत है और इस महागठबंधन में आपकी भूमिका है।’ समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक द्रमुक अध्यक्ष ने चेन्नई में एम करुणानिधि की मूर्ति के उद्घाटन समारोह के लिए भी सीएम केजरीवाल को आमंत्रित किया।

आप के सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री के आवास पर हुई बैठक में द्रमुक नेता ने केजरीवाल के साथ विपक्ष के नेताओं की बैठक के बारे में चर्चा की। समझा जाता है कि लगभग बीस मिनट की मुलाकात के दौरान स्टालिन ने क्षेत्रीय दलों की कांग्रेस के साथ तल्खी को मिटाने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने देश के व्यापक हित में विपक्ष की एकता को अपरिहार्य बताते हुये कहा कि कांग्रेस और आप सहित अन्य क्षेत्रीय दलों को मामूली मतभेद भूल कर एकजुट होना चाहिये।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि केजरीवाल विपक्षी दलों के नेताओं की सोमवार को दोपहर बाद होने वाली बैठक में हिस्सा लेंगे। इससे पहले वह तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी मुलाकात करेंगे।

बता दें कि आम आदमी पार्टी (आप) बनाने से पहले केजरीवाल ने भ्रष्टाचार से जुड़े मंत्रियों पर हमला किया था जिसमें ए राजा भी शामिल थे। पिछले साल जब एक विशेष अदालत ने 2 जी घोटाले के मामले में राजा को बरी कर दिया तो केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि, 2 जी घोटाला सबसे बड़ा घोटाला है। इसने देश को हिलाकर यूपीए के पतन के कारणों में से एक था। आज सब लोग स्कॉट मुक्त हो जाते हैं। सीबीआई ने मामले को गड़बड़ कर दिया? जानबूझ कर? लोगों को जवाब चाहिए।

बता दें कि आप और कांग्रेस के गठबंधन की चर्चा कुछ महीनों पहले भी सुर्खियों में आई थी लेकिन दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने इसका पुरजोर खंडन किया था। यही नहीं आप और कांग्रेस के बीच रिश्तों में बड़ी खटास तब ज्यादा बढ़ गई थी, जब अगस्त महीने में दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय जनता दल ने एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया और कांग्रेस की तरफ से यह शर्त रख दी गई कि राहुल गांधी अरविंद केजरीवाल के साथ मंच साझा नहीं करेंगे। इसी कारण अरविंद केजरीवाल के भाषण देने के एक घंटे बाद राहुल गांधी मंच पर आए थे।

 

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