बवाना उपचुनाव: जीत से उत्साहित केजरीवाल ने BJP को दी हर चुनाव में VVPAT इस्तेमाल की चुनौती

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दिल्ली विधानसभा के बवाना उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) ने इस सीट पर कब्जा बरकरार रखा है। सोमवार(28 अगस्त) को आए नतीजे में ‘आप’ प्रत्याशी राम चंद्र ने 24 हजार से अधिक मतों से शानदार जीत दर्ज की। इस चुनाव में बीजेपी दूसरे और कांग्रेस तीसरे स्थान पर रही। इस शानदार जीत से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के हौसले बुलंद हैं।Arvind Kejriwalपिछले कुछ दिनों से एक के बाद एक चुनावी शिकस्त झेल रही AAP की इस जीत से उत्साहित केजरीवाल ने बीजेपी को चुनौती दी है कि वह सारे चुनाव में VVPAT (वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल) वाली मशीनों से कराकर देख ले। बता दें कि यह मशीन मतदाता को वह पर्ची देती है, जिसमें उसके द्वारा वोट दी गई पार्टी का चुनाव चिह्न अंकित होता है। यह स्लिप कुछ देर बाद अपने आप ही एक सील्ड बॉक्स में गिर जाती है।

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, अपने आवास पर सोमवार(28 अगस्त) को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने EVM में कथित छेड़छाड़ का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हाल के चुनावों में बीजेपी को मिली जीत के पीछे EVM की गड़बड़ी है।

केजरीवाल ने कहा कि AAP पर विश्वास जताकर बवाना के मतदाताओं ने संदेश दिया है कि पैसों का लालच देकर दूसरे दलों के विधायकों को तोड़ने वाली बीजेपी की राजनीति दिल्ली में असफल हो गई है। पंजाब, गोवा और दिल्ली में राजौरी गार्डन उपचुनाव के अलावा नगर निगम चुनाव में हार के बाद केजरीवाल काफी समय तक चुप्पी साधे रहे और बवाना में जीत के बाद उन्होंने अपने पुराने आरोप दोहराए।

उन्होंने कहा कि यदि आप में (BJP) दम है तो हर चुनाव VVPAT वाली EVM मशीनों से कराओ। आप EVM से छेड़छाड़ करते हो और फिर जीत का दावा करते हो। गौरतलब है कि दिल्ली की बवाना विधानसभा सीट पर 23 अगस्त को हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी को बंपर जीत मिली है।

आप प्रत्याशी राम चंद्र ने बीजेपी के उम्मीदवार वेद प्रकाश को 24,052 वोटों से मात देकर बवाना सीट पर जीत हासिल की, उन्हें 59,886 वोट मिले। जबकि बीजेपी उम्मीदवार वेदप्रकाश को 35,834 वोट मिले। जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार सुरेंद्र कुमार 31,919 वोट हासिल करके तीसरे स्थान पर रहे।

क्या है VVPAT?

दरअसल, VVPAT का मतलब होता है वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल। यह एक प्रिंटर मशीन है जो ईवीएम की बैलेट यूनिट से जुड़ी होती है। ये मशीन बैलेट यूनिट के साथ उस मतदान कक्ष में रखी जाती है, जहां मतदाता गुप्त मतदान करने जाते हैं। मतदान के समय VVPAT से एक परची निकलती है, जिसमें उस पार्टी और उम्मीदवार की जानकारी होती है, जिसे मतदाता ने वोट डाला होता है। VVPAT वाली EVM मशीन को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

 

 

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