‘बीजेपी ने पेट्रोल पंप वालों को धमकी दी है कि जो आज हड़ताल नहीं करेगा, उस पर इनकम टैक्स की रेड कराई जाएगी’

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राजधानी दिल्ली में डीजल और पेट्रोल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) नहीं घटाने के विरोध में पेट्रोल पंपों की हड़ताल सोमवार (22 अक्टूबर) सुबह से शुरू हो गई। हड़ताल के कारण राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल पंप मंगलवार (23 अक्टूबर) सुबह पांच बजे तक बंद रहेंगे। हड़ताल का आह्वान दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन (डीपीडीए) ने किया है। इस दौरान करीब 400 पेट्रोल पंप और उनसे जुड़े सीएनजी स्टेशन बंद हैं। यह सभी दिल्ली सरकार के फैसले के विरोध में 24 घंटे के लिए बंद रहेंगे।

File Photo: Reuters

पेट्रोल पंप मालिकों ने दिल्ली सरकार से वैट में कमी करने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि दोनो ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार के उत्पाद शुल्क में कटौती करने और दिल्ली से सटे बीजेपी शासित राज्यों के भी कमी करने से वहां पेट्रोल डीजल सस्ता हो गया है। हरियाणा और उत्तर प्रदेश के पंपो पर डीजल और पेट्रोल सस्ता मिल रहा है, लेकिन दिल्ली सरकार के वैट कम नहीं करने के कारण यहां पर पेट्रोल-डीजल महंगा है जिसके कारण दिल्ली के पंप मालिकों को नुकसान हो रहा है।

AAP-BJP में घमासान

इस बीच इस हड़ताल को लेकर दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) और विपक्ष भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच घमासान शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस हड़ताल को बीजेपी की साजिश करार दिया है।केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि यह हड़ताल प्रायोजित है और बीजेपी के इशारे पर की गई है।

केजरीवाल ने सोमवार को ट्वीट कर लिखा, “भाजपा ने पेट्रोल वालों को धमकी दी है कि जो आज हड़ताल नहीं करेगा, उस पर इंकम टैक्स की रेड कराई जाएगी। तेल कंपनियों ने भी धमकी दी है कि जो पेट्रोल पम्प हड़ताल नहीं करेगा, उसके ख़िलाफ़ सख़्त ऐक्शन होगा। भाजपा वाले दिल्ली वालों को तंग करना बंद करें। ये दिन दहाड़े गुंडागर्दी बंद करें”

दिल्ली के सीएम ने एक अन्य ट्वीट में लिखा है, “पिछले चार सालों में पेट्रोल पर अनाप शनाप टैक्स मोदी जी ने लगाया है, हमने नहीं लगाया। मोदी जी टैक्स कम करें और जनता को राहत दें। हम माँग करते हैं की पेट्रोल डीज़ल को GST के दायरे में लाया जाए। केंद्र सरकार पेट्रोल डीज़ल को GST में क्यों नहीं ला रही?”

वहीं, सीएम केजरीवाल के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी दिल्ली के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से केजरीवाल के ट्वीट को कोट करते हुए लिखा गया है, “पेट्रोल पंप मालिकों ने इसलिए हड़ताल की है, क्योंकि आपने पेट्रोल-डीजल पर वैट कम नहीं किया जिस कारण दिल्ली वालों को सस्ता पेट्रोल-डीजल लेने के लिये पड़ोसी राज्यों में जाना पड़ रहा है,जिससे दिल्ली के पेट्रोल पंप मालिकों को नुकसान हो रहा है।’आप’ वाले दिल्ली वालों को तंग करना बंद करें।”

डीपीडीए के अध्यक्ष निश्चल सिंघानिया ने समाचार एजेंसी भाषा से कहा, “केंद्र सरकार ने चार सितंबर को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क सहित 2.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी। जिसके बाद पड़ोसी राज्य हरियाणा, उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों ने अपने वैट (मूल्य वर्धित कर) में भी इतनी ही कटौती कर जनता को पांच रुपये तक राहत दी थी।” लेकिन दिल्ली सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर वैट घटाने से इनकार कर दिया जिसके परिणाम स्वरूप दिल्ली में पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तुलना में ईंधन महंगा हो गया।

सिंघानिया ने कहा कि दिल्ली में ईंधन महंगा और उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा जैसे राज्यों में सस्ता होने से ग्राहक वहां के पेट्रोल पंपों पर जा रहे हैं। इससे राजधानी के पेट्रोल पंपों की बिक्री में भारी गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्यों के मुकाबले दाम में अंतर होने की वजह से दिल्ली में डीजल की बिक्री में 50 से 60 प्रतिशत और पेट्रोल की बिक्री में इस तिमाही में 25 प्रतिशत तक गिरावट आई है। डीपीडीए के अध्यक्ष ने कहा कि सोमवार को दिल्ली के सभी 400 पंप पेट्रोल, डीजल की न ही खरीद करेंगे और न ही बिक्री होगी।

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