आडवाणी-जोशी को टिकट न मिलने पर केजरीवाल का छलका दर्द, कहा- ‘PM मोदी ने जिस प्रकार अपने बुज़ुर्गों का अपमान किया, ये हिंदू संस्कृति के खिलाफ है’

0

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के बाद कानपुर से पार्टी सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी का भी टिकट काट दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा सांसद मुरली मनोहर जोशी से कहा है कि वे आगामी आम चुनाव ना लड़ें। यह घटनाक्रम, उम्रदराज हो चुके अपने कई नेताओं को चुनाव में प्रत्याशी ना बनाने के पार्टी के फैसले की ही एक कड़ी है। इस फैसले के तहत बीजेपी के संस्थापक सदस्य लालकृष्ण आडवाणी को भी पार्टी ने इस बार टिकट नहीं दिया है।

वीके जैन
File Photo: PTI

बीजेपी के बुजुर्ग नेताओं को कथित तौर दरकिनार किए जाने पर बीजेपी पर विरोधी दल निशाना साध रहे हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी के आगामी लोकसभा चुनावों में नहीं लड़ने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि लोग चकित हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘बुजुर्गो का अपमान’ क्यों कर रहे हैं।

केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए कहा कि लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को टिकट ने देकर बीजेपी और पीएम मोदी ने अपने बुजुर्गों का अपमान किया है, जो ये हिंदू संस्कृति के खिलाफ है। हिंदू धर्म में हमें अपने बुजुर्गों का सम्मान करना सिखाया गया है। एक साथ कई ट्वीट करते हुए केजरीवाल ने कहा कि बुजुर्गों का अपमान करना हिंदू या भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है।

केजरीवाल ने अपने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, ‘‘मोदी जी ने जिस तरह अपने बुज़ुर्गों- आडवाणी जी और मुरली मनोहर जी- का अपमान किया है, ये हिंदू संस्कृति के बिलकुल खिलाफ है। हिंदू धर्म में हमें अपने बुजुर्गों का सम्मान करना सिखाया गया है।’’

दिल्ली सीएम ने अपने अगले ट्वीट में लिखा है, “जिन्होंने घर बनाया उन्ही बुजर्गो को घर से निकाल दिया? जो अपने बुजर्गो का नही हो सकता वो किसका होगा? क्या यही भारतीय सभ्यता है? हिन्दू संस्क्रति तो ये नही कहती कि बुजर्गों को बेज्जत करो। देश के लोगो मे चर्चा है कि मोदी जी आडवाणी जोशी और सुषमा की बेज्जती क्यो कर रहे है?”

बता दें कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी के कार्यालय ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की है। कार्यालय के अनुसार, जोशी ने कानपुर के मतदाताओं के लिए एक संक्षिप्त बयान जारी किया है। 85 वर्षीय जोशी ने 2014 में कानपुर लोकसभा सीट से ही चुनाव जीता था। बयान में कहा गया है कि “बीजेपी महासचिव (संगठन) राम लाल ने संदेश दिया है कि मुझे कानपुर या कहीं और से चुनाव नहीं लड़ना चाहिए।” इस बयान पर हालांकि जोशी के हस्ताक्षर नहीं हैं, लेकिन उनके कार्यालय ने पुष्टि की है यह बयान उनका ही है।

जोशी ने 2009 में वाराणसी लोकसभा सीट से चुनाव जीता था लेकिन 2014 में उन्होंने यह सीट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए खाली कर दी थी। पूर्व केंद्रीय मंत्री जोशी की प्रतिक्रिया अभी पता नहीं चल पाई है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और आडवाणी (91 वर्ष) के साथ जोशी दो दशक से अधिक समय तक भाजपा के चेहरे के तौर जाने जाते थे।

संसद की प्राक्कलन समिति के अध्यक्ष जोशी के विभिन्न मुद्दों जैसे रोजगार, जीडीपी और गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए) आदि पर निष्कर्षों से सरकार के लिए असहज स्थिति उत्पन्न हो गई थी। बीजेपी नेताओं का कहना है कि पार्टी ने यह ‘‘सैद्धांतिक निर्णय’’ किया है कि बुजुर्ग नेताओं को युवा नेताओं के लिए रास्ता बनाना चाहिए।

इस बार पार्टी ने आडवाणी सहित 80 साल से अधिक उम्र के अपने नेताओं बी सी खंडूरी, करिया मुंडा, कलराज मिश्रा और विजय चक्रवर्ती आदि को टिकट नहीं दिया है। बता दें कि सात चरणों में होने वाले लोकसभा चुनाव 11 अप्रैल से शुरू होंगे और 19 मई तक चलेंगे। देशभर में लोकसभा चुनाव 11 अप्रैल, 18 अप्रैल, 23 अप्रैल, 29 अप्रैल, छह मई, 12 मई और 19 मई को होंगे। जबकि मतगणना 23 मई को होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here