लखनऊ हत्‍याकांड: सीएम केजरीवाल का BJP पर तीखा हमला, पूछा- ‘विवेक तिवारी तो हिंदू था, फिर उसे क्यों मारा?’

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमती नगर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान वाहन नहीं रोकने के मामले में एक सिपाही ने एपल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी (38) की गोली मारकर कथित रूप से हत्या कर दी। पीड़ित परिवार ने मामले की सीबीआई से जांच की मांग की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वारदात को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि जरूरत पड़ी तो मामले की सीबीआई जांच भी कराई जाएगी।

इस बीच अब लखनऊ से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक विवेक तिवारी हत्याकांड पर राजनीति शुरू हो गई है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घटना को सांप्रदायिक रंग देते हुए केंद्र और राज्य में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने बीजेपी से सवाल पूछते हुए ट्वीट कर कहा है कि विवेक तिवारी तो हिंदू था फिर उसको क्यों मारा?

सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपने ट्वीट में लिखा, ”विवेक तिवारी तो हिंदू था? फिर उसको इन्होंने क्यों मारा? भाजपा के नेता पूरे देश में हिंदू लड़कियों का रेप करते घूमते हैं? अपनी आँखों से पर्दा हटाइए। भाजपा हिंदुओं की हितैषी नहीं है। सत्ता पाने के लिए अगर इन्हें सारे हिंदुओं का क़त्ल करना पड़े तो ये दो मिनट नहीं सोचेंगे।”

क्या है मामला?

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के वीआईपी इलाके गोमती नगर क्षेत्र में शुक्रवार (28 सितंबर) रात जांच के दौरान कथित तौर पर गाड़ी नहीं रोकने वाले 38 वर्षीय एक व्यक्ति को गश्त कर रहे पुलिस कांस्टेबल ने गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान विवेक तिवारी के रूप में की गई है। वह अमेरिकी मल्टीनेशनल कंपनी एप्पल में काम करता था। मृतक विवेक एप्पल कंपनी का एरिया मैनेजर था।

पुलिस ने बताया कि घटना मध्यरात्रि के बाद डेढ़ बजे के आसपास की है। गश्त कर रहे दो पुलिसकर्मियों ने उसे वाहन रोकने के लिए कहा था। लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि कांस्टेबल ने मामला संदिग्ध देखकर वाहन पर गोली चला दी। गोली कार के शीशे को छेदती हुई तिवारी को जा लगी।

उन्होंने बताया कि इससे पहले तिवारी के वाहन ने पुलिसकर्मियों की मोटरसाइकिल को टक्कर मारी थी। वाहन एक खंभे से टकराया और तिवारी ने भागने का प्रयास किया। मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता लग सकेगी।
हालांकि, कांस्टेबल प्रशांत कुमार का कहना है कि उसने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी।

नौकरी और मुआवजे का एलान

उत्तर प्रदेश सरकार ने विवेक तिवारी के परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा और नगर निगम में नौकरी देने का एलान किया है। हालांकि मृतक विवेक तिवारी (जिनकी पुलिस कॉन्स्टेबल की गोली से मौत हो गई थी) की पत्नी कल्पना ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मामले की CBI जांच की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने 1 करोड़ रुपये मुआवजा और पुलिस विभाग में एक नौकरी की भी मांग की है।

योगी ने कहा- यह एनकाउंटर नही है, जरूरत पड़ी तो होगी सीबीआई जांच

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ के गोमती नगर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान कथित तौर पर वाहन नहीं रोकने पर एक सिपाही द्वारा चलाई गई गोली लगने से विवेक तिवारी की मौत की वारदात को गंभीरता से लेते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो मामले की सीबीआई जांच भी कराई जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह एनकाउंटर नहीं था। घटना की जांच की जाएगी। यदि आवश्यक हुआ, तो हम इस घटना की सीबीआई जांच का आदेश देंगे।

SIT करेगी जांच

बहरहाल, मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की है। साथ ही घटना के तूल पकड़ते ही गोली चलाने वाले सिपाही प्रशांत चौधरी और उसके साथी सिपाही संदीप कुमार को बर्खास्त कर दिया गया है। दोनों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर किया है। वहीं, मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन का कर दिया गया है। आरोपी सिपाहियों प्रशांत चौधरी और संदीप को जेल भेज दिया गया है। एडीजी आनंद कुमार ने बताया कि यह हत्या का मामला है।

सना खान ने बताई पूरी कहानी

लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कलानिधि नैथानी ने बताया कि सना खान नामक महिला ने मुकदमा दर्ज कराया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि शुक्रवार/शनिवार की रात करीब दो बजे वह अपने सहकर्मी विवेक तिवारी (38) के साथ कार से घर जा रही थीं। रास्ते में गोमतीनगर विस्तार इलाके में उनकी गाड़ी खड़ी थी। तभी सामने से दो पुलिसकर्मी आए, तो उन्होंने (गाड़ी स्टार्ट कर आगे बढ़ते हुए उनसे) बच निकलने की कोशिश की। इस पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका और जब वह नहीं रूके तो उन्होंने गोली चला दी। इस कारण बेकाबू हुई कार अंडरपास की दीवार से जा टकराई।

उन्होंने बताया कि कार के जोर से टकराने की वजह से विवेक को सिर में चोट आई और काफी खून बहने लगा। सना ने मदद मांगी, कुछ ही देर बाद आई पुलिस ने विवेक को अस्पताल पहुंचाया, जहां थोड़ी देर बाद उसकी मृत्यु हो गई। वहीं, SSP के मुताबिक प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया है जब कार मौके पर खड़ी थी, तो कुछ संदिग्ध गतिविधि महसूस होने पर पुलिस ने पूछताछ की कोशिश की। इस पर कार अचानक आगे बढ़ी और पुलिस की मोटरसाइकिल से टकरा गई। गाड़ी जब पीछे होने के बाद फिर आगे बढ़ रही थी तो कांस्टेबल प्रशांत चौधरी ने गोली चला दी, जो विंडशील्ड से होती हुई तिवारी को लग गई।

आत्मरक्षा में चलाई गोली

वहीं, इस मामले में गोली चलाने वाले एक आरोपी कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी का कहना है कि उसने आत्मरक्षा में गोली चलाई। वारदात के बाद अस्पताल में भर्ती हुए गोली चलाने वाले कांस्टेबल प्रशांत ने बताया कि उसे गश्त के दौरान एक संदिग्ध गाड़ी दिखी, जब वह उसके पास गया तो गाड़ी अचानक स्टार्ट हो गई और आगे खड़ी हमारी गाड़ी को दो-तीन बार टक्कर मारी। रोकने की तमाम कोशिशों के बावजूद गाड़ी नहीं रुकी और मुझ पर चढ़ गई। इस पर मैंने आत्मरक्षा में गोली चला दी।

 

 

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