युद्धों में नहीं हुआ वायुसेना का सही इस्तेमाल, अभी भी आंखो में चुभता है पीओके- IAF चीफ अरूप राहा

0

गुरुवार को इंडियन एयरफोर्स के मुखिया एयरमार्शल अरुप राहा ने पाकिस्‍तान पर हमला बोला। राहा ने वर्ष 1947 का दौर याद किया और कहा कि इस समय सीमा पार से आने वाले आक्रमणकारियों को वहां की सेना का पूरा समर्थन मिला और उन्‍होंने पूरी कोशिश की कि जम्‍मू कश्‍मीर पर कब्‍जा कर लिया जाए।

एनडीटीवी की खबर के अनुसार, वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल अरूप राहा ने कहा है कि पाकिस्तान के कब्ज़े वाला कश्मीर आज भी हमारे गले की हड्डी बना हुआ है, लेकिन अगर पहले की लड़ाइयों में वायुसेना का सही इस्तेमाल होता तो हालात कुछ और होते यह पहला मौका है, जब कश्मीर को लेकर किसी वायुसेना प्रमुख ने ऐसी बात कही है।

Also Read:  पीओके से आए शरणार्थियों के लिए 2,000 करोड़ रुपये के पैकेज की तैयारी

हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में हालात का फ़ायदा उठाने में जुटा पाकिस्तान ऐसा कुछ नहीं कर पाता, अगर कश्मीर के एक हिस्से पर उसने कब्ज़ा नहीं कर रखा होता भारतीय वायुसेना प्रमुख अरूप राहा ने यह बात दिल्ली में एक सेमिनार में सीधे तौर पर कही. वायुसेना प्रमुख ने कहा कि पीओके अभी भी हमारे आंखो में चुभता है।

Also Read:  Tamil Nadu rains: Army, Air Force called in to rescue stranded people

वैसे, पाकिस्तान के साथ अब तक हुई लड़ाइयों और झड़पों में वायुसेना का इस्तेमाल कम हुआ है. सिर्फ 1971 में वायुसेना पूरी ताकत से जंग में उतरी और तस्वीर बदल गई. 1965 की जंग में वायुसेना का इस्तेमाल हुआ ही नहीं, जबकि 1947 और 1999 के करगिल में वायुसेना की भूमिका सीमित रही. वायुसेना प्रमुख के मुताबिक लड़ाई के दौरान हमने वायुसेना का सही इस्तेमाल नहीं किया।

Also Read:  बिना हिजाब पत्नी की फोटो शेयर करने पर एक बार फिर कट्टरपंथियों के निशाने पर आए मोहम्मद शमी

अपने रिटायरमेंट से तीन महीने पहले यह सब कहकर वायुसेना प्रमुख ने इशारों में उस वक्त की सरकारों पर ही निशाना साधा है. वायुसेना को इस बात का भी मलाल है कि 1962 में चीन के साथ हुई जंग में भी उसे मौके नहीं मिले, वरना हालात वहां भी कुछ और होते।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here