हम अँग्रेजी हुकूमत से भी खतरनाक वक़्त में जी रहे है: अरुंधति रॉय

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प्रखयात लेखक और कार्यकर्ता अरुंधति रॉय के मुताबिक हम अँग्रेजी हुकूमत से भी खतरनाक वक़्त में जी रहे है। देश के हालात आज़ादी के पहले से भी ज़्यादा बदतर हो गए है। ऐसे हालात जहा शायद डॉ अंबेडकर को अँग्रेजी हुकूमत में बोलने की ज़्यादा आज़ादी थी। अरुंधति ने ये बातें डॉ बीआर अंबेडकर के निबंध “अन्नीहीलेसोन ऑफ कास्ट” के ऊपर लिखी गई अपनी किताब के तमिल संस्करण को जारी करते हुए कही।

अरुंधति ने कहा कि उनके ऊपर चल रहे आपराधिक मामलों की वजह से वो खुल कर बात नहीं कर सकती। मौजूदा हालात को बेहद खतरनाक बताते हुए अरुंधति रॉय ने कहा कि इस असुरक्षित माहौल में भाषा को बदला जा रहा है, विडियो से छेड़खानी की जा रही है। ऐसा लगता है मानो आपके इर्दगिर्द हर चीज में बदलाव किया गया है।

अरुंधति रॉय के मुताबिक आज आरएसएस राष्ट्रवाद के नाम पर भारत माता की जय के नारे लगवाती है, वही अगर डॉ अंबेडकर आज जिंदा होते और हिन्दू धर्म पर टिप्पणी करते तो शायद उनको भी जेल में डाल दिया गया होता। रॉय ने आरोप लगाया कि अँग्रेजी हुकूमत की तरह ही आज भी हर रोज भारतीय सेना का इस्तेमाल नागालैंड, मिज़ोरम, असम, मणिपुर, कश्मीर, जूनागढ़, गोवा और पंजाब में अपने ही लोगों के खिलाफ़ किया जा रहा है। इतना ही नहीं अब छत्तीसगढ़, ओड़ीशा और झारखंड में भी अपने ही लोगों के खिलाफ़ सेना का इस्तेमाल करने की तैयारी की जा रही है।

रॉय ने मौजूदा सिस्टम के लिए उच्च जाति के प्रभुत्व को जिम्मेदार ठहराया। अरुंधति ने कहा कि अगर आप जमीन के मालिक से लेकर सरकार, मीडिया, कोर्ट, शिक्षक और संपादकों कि तरफ नज़र दौड़ाएंगे तो चौंकानेवाली दशा सामने आएगी।

27 COMMENTS

  1. Ye who hi log hai jinko Gen VK singh ji ne kucch kaha tha. So Just ignore them they are doing service to their master. including this site.

  2. ये भी एक गजब की बला हैं। जब N.A.C. मे बैठकर दलाली कर रहीं थीं और देश लुट रहा था तो देश का माहौल रहने लायक था। इनको बहुत से राज्यों में मिलिटरी वाशिन्दो पर गोली चला रही है। गोली तो आतंकवादी चला रहे हैं, लेकिन वे तो धर्मात्मा हैं। ऐसे लोगों को अफवाह फैलाने और गलत बयानबाजी के लिये एकान्तवास दे देना चाहिए।

  3. Mr. J.n.shukla….
    lagta hai ham hindustaniyon me kuch aur ho na ho lekin ek khoobi zarur hai ki ham sirf apne ko hi sahi mante hain …….ham iss par vichar karne ke liye bhi taiyar nahi hote ki dusra bhi sahi kah sakta hai ……aap usi mansikta se grasit hain…

    • Javed bhai.. You are absolutely right.. The kind of atmosphere that has been purposely created by the so called RSS and VHP, who are actually governing the Nation and not Modi, am sure are funded by Congress. Lol.. They would ensure that BJP and Modi Raj should be over… This is actually a matter of probe.. More over the internal unrest in the BJP Cadre itself will be suicidal for Modi. Just understand the plight of people like Sushma Swaraj and Arun Jetty, who have given their more than 30 years to BJP, have been side lined by the Duo. MODI AND AMIT SHAH. Unke dil par kya beet rahi hoga jab videsh mantri se jyada foreign trips Modi ji laga rahe hon, aur videsh mantri sirf ek middle person ka kaam Kar rahi hon, videsh mein phanse hue Indians ko India laane ka, Gen. VK Singh ke sehyog se. And specially when the PM is mute over any issue troubling the country internally… Jai Ho!!!!.

  4. Achha ji to ap angrejo ke jamane ke hai apko aajadi ke pahle ki sari ghatna ko dekhi h
    ap chahti h ki indian army churi pahan kar ghar me baithe or india fir se aatankwad ka gulam ho jaye

    • Jahar ko amrit kah dene se wo amrit nahi ho jata. sach hamesha karwi lagti hai… Aaj India me jo ho raha hai wo jaati dharm se pare hai…Use usi sacchai me dekhne ki koshis karni chahiye…Mujhe lagta hai ki kuch thik nahi ho raha hai…

  5. कमेंट्स जरूर दें। विचारों का षड्यंत्र भी विचित्र है –
    ☆ सत्य कड़वा होता है, पर क्यों कहा जाता है? सोचा कभी? क्यों नहीं सोचा? झूठ के अभ्यस्त क्यों बने हैं?
    ☆ आतंकवाद और अपराध का कोई धर्म नहीं होता ।कैसे मान लिया यह बात? जबकि धर्म, जाति जैसी बातों का आग्रह ही मुख्य प्रेरक तत्व है इनके लिए।
    ☆ राजनीति गंदी चीज है, कहा जाता है, क्या पता है आपको कि ऐसा एक षड्यंत्र के तहत प्रचारित किया गया है ताकि ज्यादातर लोग इससे दूर रहें और दो-चार लोग सत्ता का सुख भोगें।
    ☆ कथा सुनने से मन पवित्र होता है, पूजा पाठ करने से भावनाऐं पवित्र होती हैं। कैसे मान लें? हिंदुस्तान का हर आदमी धार्मिक है लेकिन मन कितना पवित्र है इसका सच आप सभी जानते हैं। हर व्यक्ति लूटने के फिराक में है देश को; अभ्यर्थी कमाई वाली पोस्ट चाहता है, कंचन-कामिनी के विरोधी इन दोनों का जमावड़ा किए हैं।
    ☆दिल्ली, शिकोहाबाद, बुलंदशहर की घिनौनी घटनाओं को देखकर दिल मानने को तैयार नहीं है कि मेरा भारत महान।
    कमेंट्स जरूर दें!
    >>>> अशोक सिंह सत्यवीर

    • बिल्कुल सही कहा है अरुधंति राय ने I आज जहाँ देखो भगवा आतंकी जाती और धर्म के नाम पर लोगो को मार-पिट रहे है उनकी हत्या कर रहे है , गलत को सही और सही को गलत करने में लगे हुए है , इसे क्या कहा गायेगा ?

  6. aazadi ka matalab abhi tak log nahi samajhe he aaazadi ka matalab anusasan and kam karne ki aazadi aur responsibility .aab andhurti roy hi bole ki naksali ko aage badhane me kiska hath he iske aalawe kashmir ke bare me logo ko n samajhane me kiska hath he aap log apne aap ko kuchh samajhte he to public domain me apne aap ko kaha pate he.

  7. Lekhak samaj ke darpan hotey hein… isko sanjidagi se sochney ki jarurat hai , per kisko kyaa farq padtaa hai…

  8. मैं एक भारतवासी, संसद में ये प्रस्ताव रखवाना चाहता हूं के गुमराह करने वाली तथा सार्वभौम देश का अपमान करने वाली बात करने से लम्बी सज़ा का कानून बनाया जाए। ऐसी बदसूरत, बद ज़बान औरतों को भी सज़ा मिले।

  9. अरुंधती राय को नब्ज की सही पहचान है. मैं उससे सहमत हूँ.

  10. Sunday, May 15, 2016
    * नीति प्रीति का साथ मधुर *
    जीवन की अमृतमय धारा, स्नेह-सलिल अभिवाहित सुर।
    काँटों में फूलों की संगति, नीति प्रीति का साथ मधुर॥1॥

    कृपण रहा यह अद्भुत मानव,
    विकसित कहता, रहा अबोध।
    धूनी चला रमाने भगकर,
    ठुकराकर उर का अनुरोध।

    समरसता की प्यारी रहनी, छुपा रहा आनंद प्रचुर।
    काँटों में फूलों की संगति, नीति प्रीति का साथ मधुर॥2॥

    जो अद्भुत मणियों का स्वामी,
    ऐसा जीवन कहाँ असार?
    खारा कह जीवनसागर को,
    तजा श्रेय-समृद्धि अपार।

    दृष्टिभेद पर प्रश्न शेष है, पर किस हेतु रहे आतुर?
    काँटों में फूलों की संगति, नीति-प्रीति का साथ मधुर॥3॥

    नित्य लब्धि से रहे अपरिचित,
    चंचल पत पर क्यों इतराऐ?
    अविरल धार गिरे अमृत की,
    मृषा- तृषा हित इत-उत धाऐ।

    क्रैषक कर्म अनाविल करता, गति तुरीय पर मुक्ता थिर।
    काँटों में फूलों की संगति, नीति-प्रीति का साथ मधुर॥4॥

    युवा हृदय, यौवनयुत मानस में,
    जीवन का सत्य उभरता।
    दुरुहदशाओं से मत भागो,
    सच में यौवन यहीं विकसता।

    ‘सत्यवीर’ खतरों में जागो, छुपा वहीं पीयूष प्रचुर।
    काँटों में फूलों की संगति, नीति-प्रीति का साथ मधुर॥5॥

    अशोक सिंह ‘सत्यवीर’
    [पुस्तक-‘पथ को मोड़ देख निज पिय को’]

  11. ऐसा क्यों होता है की जिसको भी विदेशों से पुरस्कार मिलता है वो भारत एवं भारत की सरकार का विरोध ही करते है | यदि आज डॉ.अम्बेटकर जी जिन्दा होते तो अरुंधती रॉय जैसे लोग जेल में चक्की पीस रहे होते |

  12. लेखिका जी को आजकल importance नही मिल रही है इसलिये शायद गुलामी याद आ रही हैं।ऐसा coment अगर तब अर्गेजो के लिये कोई करता तो जेल मे होता।

  13. Absolutely right, but it for you corrupted people.
    Modi is not allowing your organisation to do any corruption or any black money from foreign to destroy India.
    Arundhati Roy you should leave India and go to Pakistan. That is the best place for you.

  14. I totally disagree with her. She is distubing good atmosphere. Congress has done norhing in 60 years. Till date no prime minister of India is so famous in world. Modi has introduce worldd that India is a poweful Country. Erlier she was punished by Hon’ble supreme court for contemt. Now she again started and abusing India. If she is not happy, she should live with her choice elsewhere, every Citizen of India must respect our motherland.

  15. अरुंधती राय ने सटीक बात की है .आज देश में जिस प्रकार का असहिश्नतापूर्ण वातावरण बन गया है और भगवा आतंक की भाषा बोली जा रही है वह हमारे शासकों की मानसिकता को दर्शाता है .पुछल्ले संगठन बढ़ चढ़ कर ताल ठोंक कर मिडिया के सामने स्वयम भद्द और लोकतान्त्रिक मर्यादाओं के खिलाफ आतंक पैदा करने वाला प्रदर्शन करते हैं , महिलाओं ,पत्रकारों ,बुधिजिवियों को अपमानित करने में कोई भूल चूक नहीं करते .यदि कोई उनसे असहमत हो तो तत्काल देध्द्रोही बना दिया जाता है .इसमें कोई शक नहीं देश में २१वी सदी का फासिज्म कम करने लगा है जन्हा विरोध और विरोधियों के लिए कोई स्थान नहीं है

  16. विनाशकाले विपरीत बुद्धि !!!!!! जिस आजादी को पाने के लिये लाखों लोगों ने बलिदान दिया अपनी जान न्योछावर करके लड़कर जान देकर भारत को आजाद करवाया जिसके कारण आज हम सब लोग शान जी रहे है और हमारा देश आजादी के बाद से नित नयी तरक्की की गाथा लिख रहा……और इन मानसिक गुलामी की शिकार मैडम को अँग्रेजी गुलामी आज अच्छी लग रही है…..ये माओवादियों ,उग्रवादियों ,आतंकवादियों देशद्रोहीयों के ह्यूमन राइट्स की बात करने वाली महिला है इसे देश की तरक्की आम आदमी से कोई मतलब नहीं है…..

  17. Arundhati sweetie, you like many others have constantly been blabbering against Modi.
    Mr Kejriwal has been doing nothing apart from abusing Modi
    . Several absurd activists too do this for a living 365 days a year and you want the world to believe that freedom of expression is being curbed
    We know you’ve always been against an able administrator like modi leading the nation, but take it with a pinch of salt . Just a little over two more years, then let the nation decide .

  18. She is right. Ambedkar would be allowed to write “Annihilation of Caste” today, that he wrote 70 years ago during British rule.

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