बीजेपी को बड़ा झटका, अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अपांग ने दिया इस्तीफा, बोले- ‘वाजपेयी के सिद्धातों पर नहीं चल रही है पार्टी’

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जैसे-जेसे आम चुनाव का समय करीब आ रहा है, वैसे ही सियासी उठापटक को दौर भी शुरु हो गया है। गठबंधन और महागठबंधन के बीच सियासी दलों के कई वरिष्ठ नेता से लेकर विधायक और सांसद अपनी पार्टी को छोड़ दूसरे का दामन थाम रहे हैं। इसी कड़ी में केंद्र में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को बड़ा झटका लगा है। अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता गेगोंग अपांग ने मंगलवार (15 जनवरी) को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी अटल बिहारी वाजपेयी के सिद्धातों पर नहीं चल रही है।

अपांग ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भेजे अपने त्यागपत्र में कहा है, “मैं यह देखकर निराश हूं कि बीजेपी अब दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी के सिद्धातों पर नहीं चल रही।” उन्होंने कहा, “पार्टी अब सत्ता हासिल करने का मंच बन गई है। यह एक नेता की मुट्ठी में है, जो विकेंद्रीकरण या लोकतांत्रिक निर्णय प्रक्रिया से नफरत करता है और उन मूल्यों को नहीं मानता, जिनके लिए पार्टी की स्थापना हुई थी।”

अपांग ने कहा कि बीजेपी को अरुणाचल प्रदेश में 2014 में जनादेश नहीं मिला था। लेकिन पार्टी नेतृत्व ने खरीद-फरोख्त कर, हर गंदा तिकड़म कर दिवंगत कालिखो पुल को मुख्यमंत्री बनवा दिया। सर्वोच्च न्यायालय के प्रतिकूल फैसले के बावजूद भाजपा की एक सरकार गठित की गई। अपांग ने कहा, “कालिखो की आत्महत्या की न तो कोई उचित जांच कराई गई और न ही भाजपा नेतृत्व ने पूर्वोत्तर में कई अन्य भाजपा सरकारों के गठन के दौरान नैतिकता का कोई ख्याल ही रखा।”

पूर्व सीएम ने कहा है कि 10-11 नवंबर को पासीघाट में हुई राज्यस्तरीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान भाजपा महासचिव राम माधव ने कई सदस्यों और पदाधिकारियों को अपने विचार तक नहीं रखने दिए। उन्होंने कहा, “चुनाव से पहले पेमा खांडू को मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय न तो उस नियम के अनुरूप है और न उस परंपरा के, जिसका भाजपा जैसी काडर आधारित पार्टी अनुसरण करती है।”

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