पूरे राजकीय सम्मान के साथ अरुण जेटली का अंतिम संस्कार संपन्न , विदेशी दौरे की वजह से ‘मित्र’ नरेंद्र मोदी नहीं हो पाए शामिल

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पूर्व वित्त मंत्री और दिग्गज भाजपा नेता अरुण जेटली का पूरे राजकीय सम्मान के साथ आज दिल्ली में अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। आज सुबह उनके पार्थिव शरीर को पार्टी मुख्यालय ले जाया गया था जहाँ उनके समर्थकों ने उन्हें आखरी बार श्रद्धांजलि दी। बाद में उनके पारर्थिव शरीर को यमुना तट पर स्थित निगमबोध घाट ले जाया गया था जहां उन्हें आखरी विदाई दी गयी।

अरुण जेटली

जेटली का कल AIIMS में देहांत हो गया था। वो 66 वर्ष के थे और एक लम्बे समय से बीमार चल रहे थे।

उनके अंतिम संस्कार में उनके ‘मित्र’ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल नहीं हो पाए क्यूंकि वो इस समय तीन दिवसीय विदेशी दौरे पर बहरीन में हैं। समाचार एजेंसी ANI के अनुसार प्रधानमंत्री ने कल जेटली के परिवार से फ़ोन पर बात की और जेटली की मौत पर शोक प्रकट किया।

बहरीन में जेटली की मौत पर बोलते हुए मोदी भावुक हो गए थे और कहा था कि आज उन्होंने अपने ‘मित्र’ को खो दिया है।

मोदी के प्रधानमंत्री बनने में जेटली का रोल सबसे अहम् था। न सिर्फ उन्होंने पार्टी के अंदर प्रधानमंत्री पद केलिए मोदी की दावेदारी का सब से बढ़ चढ़ कर समर्थन किया था बल्कि मोदी के पक्ष में दिल्ली में मीडिया को मैनेज करने में भी उनका रोल ख़ास था। यही वजह है कि जेटली की मौत पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रिय अद्द्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि पूर्व वित्त मंत्री की मौत उन के लिए ‘एक व्यक्तिगत क्षति है।’

शाह ने ट्विटर पर लिखा था , “अरुण जेटली जी के निधन से अत्यंत दुःखी हूँ, जेटली जी का जाना मेरे लिये एक व्यक्तिगत क्षति है। उनके रूप में मैंने न सिर्फ संगठन का एक वरिष्ठ नेता खोया है बल्कि परिवार का एक ऐसा अभिन्न सदस्य भी खोया है जिनका साथ और मार्गदर्शन मुझे वर्षो तक प्राप्त होता रहा।

आज सुबह जेटली के विपक्षी पार्टियों के कई दिग्गज नेता उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे जिनमें शरद पवार, प्रफुल पटेल, अजित सिंह और चंद्रबाबू नायडू शामिल थे।

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