अर्थव्यवस्था का ‘कबाड़ा’ करने वाले अरुण जेटली का मनमोहन सरकार पर हमले का पुराना वीडियो हुआ वायरल

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नोटबंदी के बाद लगातार गिरती जीडीपी और चरमरा रही अर्थव्यवस्था के कारण मोदी सरकार अब विपक्ष के साथ-साथ अपने घर में भी घिरती नजर आ रही है। पिछले दिनों देश की अर्थव्यवस्था की ‘‘बदहाली’’ पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा द्वारा केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को घेरने के बाद अब  बीजेपी के एक और पुराने दिग्गज अरुण शौरी ने भी मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

Photo Courtesy: The Indian Express

लगातार एक के बाद एक हमला बीजेपी पर देश को इस हाल में पहुंचाने के लिए किया जा रहा है लेकिन इन सबके बावजूद बीजेपी हालात को बेहतर दिखाने का प्रयास कर रही है। नई नौकरियां नहीं बनी है जबकि पुरानी लाखों नौकरियां लोगों की जा चुकी है। रोजगार बंद होने के कगार पर पहुंच रहे है और सरकार गाय बचाने के अभियान में व्यस्त है।

मनमोहन सरकार के दौरान अर्थव्यवस्था में आए मामूली बदलाव के बाद अरुण जेटली ने सरकार पर जमकर निशाना साधा था और बीजेपी की और से मांग की थी कि सरकार इस पर जवाब दे। आज जबकि बीजेपी ने नोटबंदी और GST की वजह से देश को इस हाल में पहुंचा दिया है तब अरुण जेटली का यह वीडियो फिर से वायरल हो गया है।

कमजोर आर्थिक ग्रोथ और नौकरियों के कम होते अवसरों पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आज ही अरुण शौरी ने कहा कि नोटबंदी का फैसला आत्महत्या करने जैसा था। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह कुछ ज्यादा ही बहादुरी वाला फैसला था। यही नहीं उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को ‘ढाई लोगों की सरकार’ बताया। शौरी ने कहा कि यह सरकार विशेषज्ञों की बात नहीं सुनती है।

NDTV को दिए इंटरव्यू में अरुण शौरी ने मोदी सरकार को आर्थिक मुद्दों पर कटघरे में खड़ा करते हुए नोटबंदी पर सरकार की मंशा पर सवालिया निशान लगाते हुए जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि नोटबंदी एक बहुत बड़ी मनी लॉन्ड्रिंग स्कीम थी। इसके तहत बड़े पैमाने पर काले धन को सफेद किया गया। शौरी ने कहा कि इस बात का प्रमाण खुद आरबीआई ने यह कहकर दिया है कि नोटबंदी के दौरान 99 फीसदी पुराने नोट बैंकों में जमा किए गए।

उन्होंने कहा कि नोटबंदी एक ‘मूर्खतापूर्ण झटका’ था। इस दौरान काली कमाई करने वाले लोगों ने भी अपनी रकम सफेद कर ली। शौरी ने सीधे तौर पर पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि यह ‘रहस्योद्घाटनों की सरकार’ है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को एक दिन यह ज्ञान होता है कि नोटबंदी की जानी चाहिए और वह कर देते हैं। यदि यह बहादुरी वाला कदम था। तो मैं आपको याद दिला दूं कि आत्महत्या करना भी बहादुरी भरा फैसला ही होता है।

बता दें कि यशवंत सिन्हा अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक लेख में नोटबंदी के फैसले पर मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि नोटबंदी ने गिरती जीडीपी में आग में तेल डालने की तरह काम किया। सिन्हा ने कहा कि पीएम मोदी कहते हैं कि उन्होंने गरीबी को काफी नजदीक से देखा है, लेकिन ऐसा लगता है कि उनके वित्तमंत्री इस तरह का काम में लगे हैं कि वह सभी भारतीयों को गरीबी काफी करीब से दिखाएंगे।

आपको बता दे कि इससे पूर्व भी नोटबंदी और आर्थिक विकास की दर को लेकर पूर्व वित्त मंत्री सहित पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश को मोदी सरकार की योजनाओं के बारें में चेताया था जिसका नतीजा आज बिल्कुल वहीं निकला और देश मोदी सरकार की असफल योजनओं के चलते आार्थिक मंदी के दौर में पहुंच गया।

आपको बताते इससे पूर्व भारत में आई आर्थिक मंदी पर चिंता व्यक्त करते हुए विश्व बैंक के पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री कौशिक बसु ने जीडीपी के नवीनतम आंकड़ों पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी, जिसमें कहा गया था कि भारत के विकास में गिरावट “बहुत चिंताजनक” हैं। बसु ने कहा नोटबंदी के इस राजनीतिक फैसले की देश को एक भारी कीमत चुकानी होगी जिसका भुगतान देशवासियों को करना पड़ेगा।

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