अर्नब और सुधीर सरकार भरोसे, रवीश, राजदीप, बरखा, रिफत भगवान भरोसे

0

सुनने मे आया है कि जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी के बाद सरकार ने एक और पत्रकार (अंग्रेजी न्यूज चैनल टाइम्स नाऊ के अर्नब गोस्वामी) की सुरक्षा का जिम्मा अपने कंधो पर लेते हुए उन्हें Y कैटेगरी की सुरक्षा देने का फैसला किया है।

Photo: Janta Ka Reporter
Photo: Janta Ka Reporter

अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स की खबर अनुसार, अब अर्नब गोस्वामी 24 घंटे 20 सुरक्षा गार्ड्स और दो निजी सुरक्षा अधिकारियों के घेरे मे रहेंगे। कुल मिलाकर सरकार ने अर्नब गोस्वामी की सुरक्षा के लिए बेहतरीन कदम उठाया है और हो सकता है इस कड़ी मे अगला नाम सुदर्शन न्यूज चैनल के सुरेश चव्हाण्के जी का हो। अच्छी बात है कि सरकार पत्रकारों को लेकर फिक्रमंद है, पत्रकारों की चिंता है सरकार को, पर ये चिंता और ये फिक्र बहुत हद तक अधूरी सी दिखाई देती है, क्योंकि इन दोनो पत्रकारों की छवि सरकार समर्थित पत्रकार की है और ऐसे मे पूरी पत्रकारिता जगत मे सिर्फ इन दो पत्रकारो को ही सुरक्षा देना अपने आप मे ही एक सवाल है।

Also Read:  Rifat Jawaid's Facebook Live on demonetisation, Kejriwal, Prashant Bhushan

बड़ा सवाल ये है कि इतने पूरे पत्रकारिता जगत मे क्या सिर्फ इन्ही दो लोगो को सुरक्षा की आवश्यकता है? लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारिता के सिपाहियों को धमकी की बात कोई नई नही है, अगर हम वर्तमान समय के नामी पत्रकारों की फेसबुक और ट्विटर टाईम लाईन पल जाकर देखे तो धमकियों और अपशब्दो की भरमार देखने को मिलती है। सोशल मीडिया के इन तथाकथित गुंडो की गुंडागर्दी और अपशब्दो से तंग आकर वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार काफी समय से सोशल मीडिया से दूर है। राजदीप सरदेसाई, बरखा दत्त, अभिसार शर्मा, ओम थानवी, दिलीप सी मंडल जैसे पत्रकारों को आये दिन सोशल मीडिया के माध्यम से खुलेआम गालियां और धमकियाँ दी जाती है।

Also Read:  सोशल मीडिया: 'चोर मचाये शोर? यह कहावत अर्नब गोस्वामी ने सार्थक कर दी है'

इनके इनबॉक्स का हाल क्या होगा उसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल है, अभी पिछले दिनों ही जनता का रिपोर्टर के फाउंडर और वरिष्ठ पत्रकार रिफत जावेद को ट्विटर पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। बेहतर होता सरकार इन सब पत्रकारों की सुरक्षा भगवान भरोसे ना छोड़कर इनके लिए भी कोई ठोस कदम उठाती। वास्तविक जीवन मे ना सही कम से कम सोशल मीडिया पर ही इनको सुरक्षित माहौल मुहैया कराने के लिए इन्हें साइबर सुरक्षा प्रदान करती।

रवीश कुमार जैसे पत्रकार को आश्वस्त करती की आप निडर होकर फेसबुक और ट्विटर पर वापस आईये हम आपको ऐक सुरक्षित माहौल मुहैया करायेंगे, राजदीप सरदेसाई, बरखा दत्त, अभिसार शर्मा जैसे पत्रकारों को आश्वस्त करते की अब उन्हें सोशल साइट्स पर कोई गालियाँ नही देगा। रिफत जावेद जैसे पत्रकार को जान से मारने की धमकी देने वाले सोशल मीडिया के तथाकथित गुंडों की धमकी को गंभीरता से लेते हुए उनकी भी सुरक्षा का प्रबंध करती।

Also Read:  Ram Kumar, accused of killing Chennai techie Swathi, bites live wire, dies

एक समान नागरिक सहिंता की पैरवी करने वाली सरकार को पत्रकारो पर भी एक समान नागरिक सहिंता का नियम लागू करना चाहिए सभी पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए पर्याप्त बंदोबस्त करने चाहिए ना केवल सुधीर चौधरी और अर्नब गोस्वामी बल्कि रवीश कुमार, राजदीप सरदेसाई, बरखा दत्त, अभिसार शर्मा, रिफत जावेद जैसे और भी पत्रकारों की सुरक्षा की समीक्षा करनी चाहिए, क्योंकि धमकियाँ इन सब को भी मिलती है, खतरा इन्हें भी है।

धन्यावाद जय हिंद जय भारत।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here