कम नहीं हो रही रिपब्लिक टीवी के संस्थापक अर्नब गोस्वामी की मुश्किलें, अब केरल के लोगों को ‘अपमानित’ करने के आरोप में कोर्ट ने किया तलब

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अंग्रेजी समाचार चैनल ‘रिपब्लिक टीवी’ के विवादास्पद एंकर और संस्थापक अर्नब गोस्वामी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। जी हां, अर्नब गोस्वामी को एक और झटका लगा है। केरल के लोगों को कथित तौर पर ‘अपमानित’ करने से संबंधित एक मामले में कन्नूर की न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट ने रिपब्लिक टीवी के संस्थापक को 20 जून को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश देते हुए तलब किया है।

केरल की मातृभूमि वेबसाइट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सीपीआई-एम के एक नेता ने केरल के लोगों को कथित तौर पर ‘बेशर्म’ कहने के लिए गोस्वामी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। सीपीआई-एम के नेता पी ससी ने पिछले साल सितंबर में गोस्वामी को कानूनी नोटिस देने के बाद अदालत का दरवाजा खटखटाया था। केरल सरकार द्वारा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सरकार से मदद की कथित पेशकश स्वीकार किए जाने के बाद गोस्वामी पर केरल के बाढ़ पीड़ितों का अपमान करने का आरोप लगाया गया था।

दरअसल, पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हुआ था, जो गोस्वामी के शो का हिस्सा था। वायरल वीडियो को शेयर कर लोगों ने आरोप लगाया कि अर्नब ने अपने शो में केरल के लोगों को ‘बेशर्म’ कहा। वीडियो में गोस्वामी को यह कहते हुए सुना जा सकता है: “ये ग्रुप बेशर्म है। मैंने इतने बेशर्म भारतीय पहले कभी नहीं देखे। वे चारों तरफ झूठ फैला रहे हैं। मुझे नहीं पता इसके बदले उन्हें क्या मिला, पता नहीं उन्हें इसके लिए कितने पैसे मिले? क्या उन्हें अपने देश को गाली देने के लिए पैसे मिले? क्या ये भारत को बदनाम करने का एक षड्यंत्र है?”

गत वर्ष वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी के मलयाली सह-संस्थापक राजीव चंद्रशेखर को हैशटैग #ShamelessMalayali के साथ निशाना साधना शुरू कर दिया था। गोस्वामी को लिखे अपने पत्र में, ससी ने उन्हें लोगों से माफी मांगने या मुआवजे में 10 करोड़ रुपये का भुगतान करने के लिए कहा था।

यूएई की केरल को 700 करोड़ रुपये की मदद पर चर्चा के लिए गोस्वामी ने अपने डिबेट में एक पैनल बुलाया था। केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन के कार्यालय की तरफ से इस मदद के बारे में ट्वीट किया गया था, लेकिन बाद में यूएई की तरफ से इस खबर का खंडन कर दिया गया। हालांकि, मुख्यमंत्री विजयन अपने दावे पर कायम रहे और इसके लिए एक यूएई के मलयाली बिसनेसमैन का हवाला दिया।

बता दें कि इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने 6 मार्च को अर्नब गोस्वामी और उनके चैनल रिपब्लिक टीवी द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया था। गोस्वामी द्वारा कथित रूप से सुनंदा पुष्कर मौत मामले में गैरकानूनी तरीके से गोपनीय दस्तावेज चोरी करने के आरोप में कांग्रेस नेता शशि थरूर द्वारा की गई शिकायत पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश को रद्द करने की मांग की गई थी।

 

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