…जब साध्वी की वेश में दिखी अर्नब गोस्वामी की रिपोर्टर, वायरल हुई तस्वीरें

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जैसे जैसे आगामी लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहा है वैसे वैसे अयोध्या में राम मंदिर बनाने की मांग भी तेज होती जा रही है। बीजेपी नेताओं से लेकर आरएसएस तक राम मंदिर को लेकर केंद्र सरकार पर दवाब और कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। इसी बीच, रिपब्लिक टीवी के अर्नब गोस्वामी ने अयोध्या मुद्दे पर चर्चा करने के लिए गुरुवार की रात को इसे अपने प्राइम टाइम बहस का हिस्सा बनाया। बता दें कि राम मंदिर का मुद्दा लोकसभा चुनावों के लिए बीजेपी के एजेंडे के साथ निकटता से जुड़ा हुआ है।

अर्नब गोस्वामी

उनके इस प्राइम टाइम बहस के दौरान उनका स्टूडियो जल्द ही अराजक हो गया क्योंकि उनके द्वारा चुने गए पैनलिस्टों ने एक-दूसरे पर हमला करने के लिए बेताब प्रयास किए। अर्नब गोस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ एक तीखा हमला किया, जिसने हाल ही में 29 जनवरी को होने वाली सुनवाई को रद्द कर दिया था। बता दें कि आगामी लोकसभा चुनाव से पहले अयोध्या में राम मंदिर बनाने की मांग तेज होती जा रही है।

गौरतलब है कि अयोध्या जमीन विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई एक बार फिर से टल गई है, यह सुनवाई 29 जनवरी से शुरू होने वाली थी। सुप्रीम कोर्ट ने पांच सदस्यीय संविधान पीठ के एक सदस्य के उपलब्ध नहीं होने के कारण राजनीतिक रूप से संवेदनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में 29 जनवरी को होने वाली सुनवाई निरस्त कर दी है।

गोस्वामी ने कहा, मैं इसे तीन महीने से कह रहा हूं और मैं उससे पहले सालों से यही कह रहा हूं और मुझे 100 प्रतिशत यकीन है कि आप में से बहुतों को ऐसा ही लगता है… कि अयोध्या को प्राथमिकता से सुना जाना चाहिए, यह प्राथमिकता है। इस मुद्दे को सुलझाना एक प्राथमिकता है… अगर इस देश की अदालतें अयोध्या पर फैसला करती हैं, तो राजनीति नहीं होनी चाहिए।

गोस्वामी ने आगे कहा कि उन्होंने हिंदू संतों द्वारा एकतरफा घोषणा को मंजूरी नहीं दी, जिन्होंने 21 फरवरी से अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू करने का वादा किया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि हिंदू संतों के द्वारा की गई यह एकतरफा घोषणा न्यायपालिका के ‘देरी’ के कारण आई।

राम मंदिर के समर्थकों के लिए कथिततौर पर बल्लेबाजी करते हुए गोस्वामी के अलावा उनका एक पत्रकार भी शामिल था, जिन्होंने भगवा पोशाक पहने हुए कुंभ मेले में भाग लिया। वह एक साध्वी की वेश में हिंदू संतों का साक्षात्कार करती देखी गई। कविता सिंह, जो हाल ही में रिपब्लिक टीवी के हिंदी चैनल के साथ जुटी है। उनको इलाहाबाद में साध्वी के रूप में हिंदू संतों से बात करते हुए देखा गया। सिंह की कुछ तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहीं है।

बुधवार को हिंदू द्रष्टाओं और धार्मिक नेताओं की एक बैठक ने घोषणा की थी कि वे विवादित स्थल पर एक भव्य राम मंदिर की आधारशिला रखने के लिए 21 फरवरी को अयोध्या में मार्च करेंगे। समाचार एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने कहा कि वे राम मंदिर की खातिर जेल जाएंगे या गोलियों का सामना करेंगे।

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