VIDEO: असम NRC के मुद्दे पर मुस्लिम नेता का जवाब सुन अर्नब गोस्वामी हुए शांत, वीडियो शेयर कर कुणाल कामरा सहित यूजर्स ने लिए मजे

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असम में सोमवार (30 जुलाई) को बहुप्रतीक्षित नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) का दूसरा और आखिरी मसौदा जारी कर दिया गया। जिसके मुताबिक कुल 3.29 करोड़ आवेदन में से इस लिस्ट में 2.89 करोड़ लोगों को नागरिकता के योग्य पाया गया है, वहीं करीब 40 लाख लोगों के नाम इससे बाहर रखे गए हैं। बता दें कि एनआरसी का पहला मसौदा 31 दिसंबर और एक जनवरी को जारी किया गया था। पहला मसौदा गत दिसंबर में जारी किया गया था। इसमें असम की 3.29 करोड़ आबादी में से केवल 1.90 करोड़ को ही भारत का वैध नागरिक माना गया था।

असम एनआरसी का अंतिम मसौदे के आने के बाद से राजनीति भी शुरू हो गई है। संसद से लेकर सड़क तक विपक्षी दल और मोदी सरकार के बीच तकरार जारी है। इसके अलावा भारतीय समाचार चैनलों पर भी इस मसले पर काफी तीखी बहस हो रही है। लेकिन अंग्रेजी समाचार चैनल ‘रिपब्लिक टीवी’ पर इस मुद्दे को लेकर हो रही अजीबोगरीब बहस सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ‘रिपब्लिक टीवी’ के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी के डिबेट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

लोग अर्नब के डिबेट के एक हिस्से को सोशल मीडिया पर शेयर कर खूब मजे ले रहे हैं। इस वीडियो को जाने-माने स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है, जो वायरल हो गया है। दरअसल अर्नब गोस्वामी के शो में बतौर गेस्ट मौजूद असम के ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के नेता बदरुद्दीन अजमल से कहा कि वो उनके तीन शब्दों को तीन बार दोहरा कर दिखाएं। यह शब्द थें ‘बांग्लादेशी गो होम’।

शो के दौरान अर्नब बदरुद्दीन अजमल पर बार-बार दबाव बनाते हुए यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि आप ‘बांग्लादेशी गो होम’ कह कर दिखाएं। थोड़ी देर बाद मौलाना अर्नब को जवाब देते हैं और ‘बांग्लादेशी गो होम’ को वो दो-तीन बार दोहराते हैं। अजमल के जवाब पर अर्नब शांत जो जाते हैं, क्योंकि उन्हें लगा कि वह ‘बांग्लादेशी गो होम’ नहीं कहेंगे लेकिन इसका उल्टा हो गया।

जिसके बाद अर्नब का रिएक्शन देखने लायक था। अर्नब के रिएक्शन पर सोशल मीडिया यूजर्स कई मजाकियां प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। लोग अपने-अपने अंदाज में वीडियो शेयर कर मजा ले रहे हैं। खबर लिखे जाने तक कुणाल कामरा द्वारा शेयर किए इस वीडियो को करीब 2000 बार रीट्वीट किया जा चुका है, जबकि करीब 5000 लोगों ने लाइक किया है।

देखिए लोगों के रिएक्शन:-

बता दें कि एनआरसी की सूची में उन सभी भारतीय नागरिकों के नाम-पते और तस्वीरें हैं, जो 25 मार्च 1971 से पहले से असम में रह रहे हैं। साथ ही राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर जारी करने वाला असम देश का पहला राज्य बन गया है। भारत के रजिस्ट्रार जनरल शैलेष ने बताया कि असम में वैध नागरिकता के लिए 3 करोड़ 29 लाख 91 हजार 384 लोगों ने आवेदन किया था। इनमें से 2 करोड़ 89 लाख 83 हजार 677 लोगों के पास ही नागरिकता के वैध दस्तावेज मिले।

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