टाइम्स नाउ और रिपब्लिक टीवी ने राहुल गांधी को लेकर किया अजीबोगरीब दावा, सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए अर्नब गोस्वामी

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अर्नब गोस्वामी का रिपब्लिक टीवी और टाइम्स नाउ ने मंगलवार यानी 22 जनवरी को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को लेकर एक अजीबोगरीब भविष्यवाणी करके सभी को हैरान कर दिया। कांग्रेस के कथित आलोचक रिपब्लिक टीवी और टाइम्स नाउ जैसे मीडिया संस्थानों ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया राहुल गांधी 2019 के लोकसभा चुनाव में एक या दो नहीं बल्कि तीन सीटों से चुनाव लड़ेंगे।

टाइम्स नाउ ने तो इन तीनों सीटों के नाम भी बता दिए। टाइम्स नाउ के मुताबिक पहली महाराष्ट्र की नांदेड़, दूसरी मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा और तीसरी उत्तर प्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट। अर्नब गोस्वामी के रिपब्लिक टीवी ने दावा किया है कि अमेठी में राहुल गांधी की हार की आशंका के मद्देनजर चिंतित कांग्रेस ने 2019 आम चुनाव के लिए तीन सीटों का चुनाव किया है। रिपब्लिक का ट्वीट तो अभी भी मौजूद हैं, लेकिन टाइम्स नाउ ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है।

रिपब्लिक टीवी के इस दावे के बाद अर्नब गोस्वामी सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हुए। वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष मिश्रा ने तंज कसते हुए लिखा, “अर्नब के पास व्हाट्सएप है और इस समय राष्ट्रवाद का सबसे बड़ा सोर्स व्हाट्सएप है। जो व्हाट्सएप पर आएगा वही सत्य कहलायेगा। अर्नब ने बोला राहुल गांधी 3 सीट पर लड़ेंगे, मतलब लड़ेंगे। रिपब्लिक डिस्क्लेमर नहीं देता कि हमारी खबरें काल्पनिक हैं।”

वहीं, पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी ने याद दिलाया कि तीन सीटों से चुनाव लड़ने का प्रावधान तो हमारे संविधान में भी नहीं है, फिर कैसे कोई तीन सीट पर चुनाव लड़ सकता है? स्वाति ने लिखा कि प्रिय रिपब्लिक आपकी अज्ञानता अद्भूत है, क्योंकि आप अधिकतम दो सीटों से ही चुनाव लड़ सकते हैं। आप अपने बीजेपी का प्रोपेगेंडा चलाइए लेकिन आपके पास तथ्य नहीं है।

वहीं, पत्रकार आदित्य मेनन ने लिखा है कि एक उम्मीदवार केवल 2 सीटों पर ही चुनाव लड़ सकता है, इसलिए राहुल गांधी के तीन सीटों से लड़ने की कोई संभावना ही नहीं है। रिपब्लिक पर तंज कसते हुए मेनन ने लिखा कि थोड़ा कंट्रोल में फेक लिया करो। साथ ही उन्होंने हैशटैग फेक न्यूज का इस्तेमाल किया है।

वहीं, टाइम्स नाउ पर निशाना साधते हुए पत्रकार मेघनाद ने लिखा है कि कानून कहता है कि एक व्यक्ति दो से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव नहीं लड़ सकता है। टाइम्स नाउ से उम्मीद कर रहा हूं कि रिपोर्टिंग से पहले कानून के बारे में जानकारी लेनी चाहिए। इसके अलावा संवैधानिक मामलों के कई जानकारों ने संविधान की धारा 33(7) का हवाला देकर टाइम्स नाउ और रिपब्लिक टीवी से तीखे सवाल पूछे हैं।

 

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