पैनलिस्ट द्वारा ‘नामर्द’ कहे जाने के बाद अब लाइव डिबेट के दौरान अर्नब गोस्वामी ने खोया आपा, मेहमान को बता दिया ’10 जनपथ का कुत्ता’

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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर के साथ मिलकर अंग्रेजी न्यूज चैनल ‘रिपब्लिक टीवी’ की स्थापना करने वाले भारत के सबसे विवादास्पद एंकर और संस्थापक अर्नब गोस्वामी अब खुलकर बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में उतर आए हैं। गोस्वामी हर रोज अपने शो में किसी ना किसी बहाने सत्तारूढ़ बीजेपी और मोदी सरकार से सवाल ना पूछकर कांग्रेस और राहुल गांधी को कठघरे में खड़ा करते हुए दिखाई देते हैं।

राजीव चंद्रशेखर की मदद से रिपब्लिक टीवी की स्थापना के बाद से उनके आलोचकों की संख्या में भारी इजाफा हो गया है। पिछले दिनों सीपीआई-एम के एक नेता ने गोस्वामी को लाइव डिबेट के दौरान ही ‘नामर्द’ बता दिया था। इस बीच गोस्वामी ने सोमवार को अपना आपा खो दिया। उन्होंने अपने एक पैनलिस्ट को ‘कुत्ते’ के रूप में संबोधित कर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। गोस्वामी ने कुत्ता कहकर संबोधित करने वाले पैनलिस्ट को कांग्रेस के प्रति वफादार होने का आरोप लगाया।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब अतिथि द्वारा गोस्वामी पर बीजेपी के सहानुभूतिपूर्ण होने का आरोप लगाकर मुंह से कुत्ते की सीटी निकालने के लिए कहा गया था। सपा नेता आज़म खान की भद्दी टिप्पणियों को लेकर ‘कांग्रेस महागठबंधन’ को दोषी ठहराते हुए गोस्वामी ने अपने पैनलिस्ट राजीव देसाई से भीड़ गए, जो अक्सर उनके शो में कांग्रेस समर्थक के रूप में पेश होते हैं। कांग्रेस ने आधिकारिक रूप से रिपब्लिक टीवी का बहिष्कार कर दिया है और शो में अपने प्रवक्ताओं को नहीं भेजती है।

दरअसल, डिबेट के दौरान गोस्वामी उस समय हैरान हो गए जब देसाई ने अपने मुंह से ‘कुत्ते की सीटी’ बजाने के लिए  कहकर अपना तर्क शुरू किया। उन्होंने कहा कि अर्नब, एक पल के लिए, यदि आप कुत्ते के मुंह से सीटी निकालेंगे, तो आपको एहसास होगा कि श्री आज़म खान ने जो कहा वह पूरी तरह से अप्रिय था।” इन्होंने गोस्वामी को हमला करने के लिए उकसाने की कोशिश की।

इसके बाद अत्यधिक क्रोध में देसाई को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नहीं, नहीं…। श्री राजीव देसाई क्यों नहीं…कुत्ते की सीटी जो आपको दी गई थी… क्या आप भौंकना बंद कर दिए? नहीं, आपकी यह छाल किसी की छाल की तरह लगती है, जो 10 जनपथ (यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी का निवास) से जनित है। वह इतने ज्यादे गुस्से में थे कि उन्हें अपने वाक्यों को पूरा करने के लिए संघर्ष करना पड़ा।

वह यहीं नहीं रूके… उन्होंने आगे कहा कि एक बिस्किट के लिए आप 10 जनपथ के पालतू हो जाते हैं। आप भौंकते हैं और अपनी पूंछ को पूरी निष्ठा के साथ हिलाते हैं। आप उसी तरह से भौंकेंगे जैसा 10 जनपथ आपको छाल बनाकर देगा। अब मैं आपसे पूछूंगा। कृपया मुझे बताएं कि आप क्या सोचते हैं कि आजम खान ने क्या कहा? अपने गुस्से में, गोस्वामी भूल गए कि उनके अतिथि, राजीव देसाई ने खान के बयान को ‘अरुचिकर’ कहकर अपना तर्क शुरू किया था।

गोस्वामी ने खान के विवादास्पद बयानों के लिए बीजेपी के खिलाफ सभी को दोषी ठहराते हुए अपना शो शुरू किया था। उन्होंने कहा था कि आजम खान अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी जयाप्रदा के बारे में सबसे अश्लील, विकृत और सस्ती बात कहते हैं और प्रियंका वाड्रा उसका समर्थन करती हैं। ममता बनर्जी उनका समर्थन करती हैं। मायावती उनका समर्थन करती हैं। और न केवल इन महिला नेताओं ने बल्कि पूरे अवार्ड वापसी गैंग, छद्म उदारवादियों सहित सभी ने उनका समर्थन किया।

गोस्वामी का गुस्सा ऐसा था कि वे यह भी भूल गए कि कांग्रेस बीएसपी-एसपी-आरएलडी महागठबंधन का हिस्सा नहीं है।पिछले हफ्ते, सीपीआई-एम के एक नेता ने उन्हें ‘नामर्द’ कहकर संबोधित कर सभी को स्तब्ध कर दिया था, जिसका अर्थ होता है नपुंसक। बता दें कि हाल ही में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बीजेपी प्रत्याशी जयाप्रदा के खिलाफ रामपुर से महागठबंधन के उम्मीदवार आजम खान ने शर्मनाक बयान दिया था।

जयाप्रदा का नाम लिए बगैर आजम खान ने जनसभा में मौजूद लोगों से पूछा, ‘क्या राजनीति इतनी गिर जाएगी कि 10 साल जिसने रामपुर वालों का खून पिया, जिसे उंगली पकड़कर हम रामपुर में लेकर आए, उसने हमारे ऊपर क्या-क्या इल्जाम नहीं लगाए। क्या आप उसे वोट देंगे?’ आजम ने आगे कहा कि आपने 10 साल जिनसे अपना प्रतिनिधित्व कराया, उसकी असलियत समझने में आपको 17 साल लगे, मैं 17 दिन में पहचान गया कि इनके नीचे का अंडरविअर खाकी रंग का है।

उनके बयान को लेकर चुनाव आयोग ने उनके प्रचार पर 72 घंटों की रोक लगाने का आदेश दिया है। बता दें कि अर्नब गोस्वामी ने एनडीए के राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर और बीजेपी समर्थक मोहनदास की मदद से बड़े ही धमाके के साथ 6 मई 2017 को अपने नए इंग्लिश चैनल ‘रिपब्लिक टीवी’ को लॉन्च किया था, जिसके बाद से ही वह लगातार विवादों में हैं। अर्नब गोस्वामी को उनके आलोचक बीजेपी समर्थक करार देते हैं।

 

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