महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, छत्तीसगढ़ सहित देश के कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ से हाहाकार

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महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, गुजरात, छत्तीसगढ़ समेत देश के कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ से बुरा हाल है। सेना, नौसेना, वायुसेना और एनडीआरएफ की कंपनियां बचाव और राहत कार्य में लगी हुई है। बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए NDRF की टीम लगातार मदद में जुटी हुई है। सबसे ज्यादा जान एवं माल का नुकसान महाराष्ट्र और केरल में हुआ है।

बाढ़
फोटो: ANI

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बीते तीन दिनों से हो रही बारिश से इन राज्यों में अब तक करीब 93 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता हैं। बाढ़ के कारण अकेले केरल में अब तक 42 लोगों की मौत हो चुकी है। तमिलनाडु, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और गुजरात में बाढ़ से जन-जीवन अस्त-व्यस्त है। इन राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और लेंडस्लाइड से भारी तबाही हुई है।

केरल में 42 लोगों की मौत

केरल में मूसलाधार बारिश का कहर लगातार जारी है और बाढ़, भूस्खलन तथा बारिश संबंधी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 42 हो गई है। वहीं, एक लाख से अधिक लोगों ने राहत शिविरों में पनाह ली है। अधिकारियों ने सुबह सात बजे मिली रिपोर्ट के हवाले से बताया कि आठ अगस्त से अभी तक बारिश संबंधी घटनाओं में कोझिकोड और मलप्पुरम में जिले में 20 और वायनाड में नौ लोगों की जान गई है।

उन्होंने बताया कि राज्य के 988 राहत शिविरों में 1,07,699 लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया। वायनाड से सबसे अधिक 24,990 लोगों ने इन शिविरों में पनाह ली है। अधिकारियों ने बताया कि अब भी कई लोगों के मलप्पुरम और वायनाड में हुए भूस्खलन के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है। वहां राहत अभियान जारी है।

अधिकारियों ने बताया कि वायनाड में लगातार बारिश के कारण राहत कार्य प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों ने पानी का स्तर बढ़ने के कारण बाणसुर सागर बांध खोलने का संकेत भी दिया। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी शुक्रवार को कहा था कि बांध किसी भी समय खोला जा सकता है। जिला प्रशासन सुबह स्थिति का आकलन करने के बाद इस संबंध में निर्णय लेगा।

राहुल गांधी ने पीएम मोदी से मांगी मदद

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, केरल के आठ जिले बाढ़ की चपेट में हैं। मल्लपुरम और वायनाड में हालत सबसे ज्यादा खराब हैं। यहां शुक्रवार को 25 जगहों पर भूस्खलन हुआ जिसमें दो जगह 40 लोगों के दबे होने की आशंका है। वायनाड में छह लोगों की मौत हुई। इन इलाकों से 64 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शुक्रवार को केरल में बाढ़ के हालात पर चर्चा की और राज्य को संकट के इस दौर से निपटने में केंद्र सरकार से मदद मांगी है।

राहुल गांधी ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से भी बाढ़ ग्रस्त इलाकों में राहत कार्य में मदद करने की अपील की है। राहुल गांधी ने अपने वायनाड सांसद वाले ट्विटर हैंडल पर कहा, केंद्र सरकार ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

महाराष्ट्र में बाढ़ से हाहाकार

केरल के अलावा महाराष्ट्र में भी स्थिति काफी भयावह हो गई है। बाढ़ के कारण महाराष्ट्र में अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है। बाढ़ में फंसे करीब दो लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। NDRF और नेवी की टीम लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही है। बाढ़ प्रभावित सांगली जिले में बचाव कार्य में जुटी एक नौका के गुरुवार को एक जलाशय में पलट जाने से नौ लोगों की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए। भारी बारिश की वजह से मुंबई जाने वाले दूध की सप्लाई पर भी बुरा असर पड़ा है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और केरल में शनिवार शाम तक भीषण बारिश होने का अनुमान है। केरल के कई इलाकों में भारी बारिश से उत्तरी केरल बाढ़ की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने केरल के चार जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। ये चार जिले भारी वर्षा और तेज हवाओं की चपेट में हैं।

एनडीआरएफ डीजी एसएन प्रधान ने शुक्रवार को कहा था कि महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल राज्य अब चिंता का मुख्य क्षेत्र हैं और एनडीआरएफ टीमों की अधिकतम तैनाती इन राज्यों में है। महाराष्ट्र में, सांगली और कोल्हापुर जिले चिंता का विषय हैं जहां भयंकर बाढ़ आयी है। कर्नाटक में हम बेलगाम, कोडागु और उत्तर कन्नड़ जिलों को करीब से देख रहे हैं। कुल मिलाकर, केरल में स्थिति वास्तव में खराब नहीं हुई है, लेकिन भारी वर्षा के कारण वायनाड में भूस्खलन की घटना हुई थी।

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