भागलपुर हिंसा: 14 दिनों के लिए जेल भेजे गए दंगा भड़काने के आरोपी केंद्रीय मंत्री के बेटे अर्जित शाश्वत, तस्वीरों में देखिए पुलिस ने कैसे किया स्वागत

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बिहार के भागलपुर में भड़की सांप्रदायिक हिंसा मामले में मुख्य आरोपी और मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत को रविवार (1 अप्रैल) को कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। अर्जित को भागलपुर जेल में ही रखा जाएगा। बता दें कि इससे पहले शनिवार (31 मार्च) देर रात पटना पुलिस ने अर्जित को गिरफ्तार किया था। हालांकि अर्जित का दावा है कि उन्होंने खुद सरेंडर किया है।

Photo: dbnnews.in

बता दें कि इससे पहले शनिवार को भागलपुर की एक अदालत ने शाश्वत की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।जिसके बाद अर्जित ने शनिवार देर रात करीब 12 बजे अपने समर्थकों के साथ पटना के शास्त्री नगर स्थित हनुमान मंदिर के पास पहुंचे थे। जहां एडिशनल एसपी राकेश दुबे के नेतृत्व में पहुंची स्पेशल ब्रांच की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद काफी गहमागहमी के बीच पुलिस उन्हें गांधी मैदान थाने ले गई।

गिरफ्तारी के बाद बिहार पुलिस सांप्रदायिक हिंसा भड़काने के आरोपी अर्जित शाश्वत को पटना से भागलपुर ले गई। जिसके बाद वहां उन्‍हें अपर मुख्‍य न्‍यायिक दंडाधिकारी (एसीजेएम) की अदालत में हाजिर किया गया। अदालत ने उन्‍हें 14 दिनों के लिए न्‍यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। केंद्रीय मंत्री के बेटे शाश्वत पर बीते 17 मार्च को जिला प्रशासन की अनुमति के बिना जुलूस निकालने का आरोप है, जिसके कारण दो समुदाय के बीच सांप्रदायिक हिंसा हुई।

गिरफ्तारी से पहले 38 वर्षीय अर्जित शाश्वत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, ‘मैं सरेंडर करने जा रहा हूं। हम उच्च अदालत में भी जाएंगे। मेरे खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर फर्जी है।’ बता दें कि अर्जित ने इससे पहले सरेंडर करने से इनकार करते हुए कहा था कि वह भगोड़े नहीं हैं। हालांकि शनिवार को पटना के शास्त्री नगर स्थित हनुमान मंदिर इलाके में एक पुलिस स्टेशन के बाहर उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया।

अर्जित की गिरफ्तारी के दौरान जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान अर्जित के समर्थकों ने जय श्री राम और वंदे मातरम के नारे लगा रहे थे। भागलपुर हिंसा मामले में पिछले हफ्ते ही भागलपुर सांसद अश्विनी चौबे के पुत्र अरिजित और आठ अन्य लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी का वॉरंट जारी हुआ था। बता दें कि अरिजित के पिता अश्विनी कुमार चौबे बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री हैं।

अरिजीत के खिलाफ जिस मामले में गिरफ्तार वॉरंट जारी हुआ है, वह भागलपुर के नाथनगर इलाके का है। नाथनगर में 17 मार्च को एक जुलूस के दौरान हिंसक झड़प हुई थी जिसके बाद अरिजीत को आरोपी बनाते हुए उन पर एफआईआर दर्ज की गई थी। हिंसा मामले में दर्ज एफआईआर में कहा गया था कि अरिजीत के नेतृत्‍व में भारतीय नववर्ष जागरण समिति की ओर से विक्रम संवत के पहले दिन नववर्ष को मनाने के लिए जुलूस निकाला गया था।

दोनों समुदायों में संघर्ष उस समय शुरू हुआ जब मेदिनीनगर के स्‍थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। इस घटना में दो पुलिसकर्मी सहित कुछ अन्य लोग जख्मी हुए थे। गिरफ्तारी देने के बाद अरिजित ने कहा कि वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सम्मान करते हैं और प्रशासनिक अधिकारियों ने जो गड़बड़ी की है, उसका वह विरोध कर रहे हैं।

Photo: dbnnews.in

मिल रही VIP ट्रीटमेंट

इस बीच पुलिस पर अर्जित शाश्वत को वीआईपी ट्रीटमेंट देने का आरोप लगा है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत को थाने में VIP ट्रीटमेंट दिया गया। वेब पोर्टल DBN न्यूज के मुताबिक भागलपुर भेजने से पहले शनिवार को अर्जित शाश्वत को महावीर मंदिर में सरेंडर के बाद पटना पुलिस अपनी गिरफ्त में लेकर गांधी मैदान थाना पहुंची।

जहां एडिशनल एसपी राकेश कुमार दुबे की मौजूदगी में अर्जित शाश्वत को तमाम VIP ट्रीटमेंट दिए गए। रिपोर्ट के मुताबिक थानाध्यक्ष दीपक कुमार के केबिन में बैठाकर सील बोतल पानी और गर्म चाय का भी इंतजाम किया गया था। उसके बाद रविवार सुबह अर्जित को सुरक्षा इंतजामों के बीच भागलपुर स्थित CJM कोर्ट में पेशी के लिए भागलपुर ले जाया गया।

 

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