जानें क्यों, अनुपम खेर को रास नहीं आया गौतम गंभीर द्वारा मुस्लिम शख्स पर की गई हमले की निंदा, अभिनेता ने BJP सांसद को दी नसीहत

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पूर्व भारतीय क्रिकेटर और पूर्वी दिल्ली से नवनिर्वाचित सांसद गौतम गंभीर ने गुरुग्राम में एक मुस्लिम व्यक्ति पर हुए हमले की घटना को सोमवार को ‘‘निंदनीय’’ करार दिया और प्राधिकारियों से इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने की अपील की। हालांकि, इसके बाद उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया गया। इस क्रम में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घोर समर्थक बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर भी शामिल हो गए हैं, जिन्हें गंभीर का ट्वीट पसंद नहीं आया है।

गौतम गंभीर को बॉलीवुड अभिनेता ने नसीहत दी है। अनुपम खेर ने ट्वीट कर लिखा है, ‘प्रिय गौतम गंभीर आपकी जीत के लिए आपको बधाई। एक उत्साही भारतीय होने के नाते मैं इससे बहुत खुश भी हूं। आपने मुझसे कोई नसीहत नहीं मांगी है, लेकिन फिर भी मैं आपसे कहना चाहूंगा कि- मीडिया के एक धड़े में मशहूर होने के जाल में मत फंसिए। अपने काम को बोलने दीजिए। जरूरी नहीं कि बयान दिए जाएं।’

दरअसल, गुरुग्राम की घटना पर गौतम गंभीर ने ट्वीट किया था, ‘‘गुरुग्राम में एक मुस्लिम व्यक्ति से टोपी उतारने, जय श्री राम का उद्घोष करने को कहा गया। यह निंदनीय है। गुरुग्राम प्राधिकारियों को ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए जो एक मिसाल हो। हमारा राष्ट्र धर्मनिरपेक्ष है, जहां जावेद अख्तर ‘ओ पालन हारे, निर्गुण और न्यारे’ लिखते हैं और राकेश मेहरा ने हमें ‘दिल्ली 6’ में ‘अर्जियां’ जैसा गीत दिया।’’

हालांकि, गंभीर के इस ट्वीट पर दक्षिणपंथी समर्थक उनपर हमलावर हो गए और उन्हें ट्रोल करने लगे। वहीं, समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, दिल्ली में उनकी पार्टी के कुछ सदस्यों ने भी उनके ट्वीट पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि क्रिकेटर से नेता बने गंभीर के शब्दों का इस्तेमाल विपक्षी दल भाजपा के खिलाफ कर सकते हैं।

दिल्ली भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने पीटीआई से कहा, ‘‘गंभीर अब क्रिकेटर नहीं हैं और उन्हें यह समझना चाहिए कि उनके शब्दों और कार्यों को राजनीति के चश्मे से देखा जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘किसी को इस प्रकार की घटनाएं अच्छी नहीं लगतीं लेकिन हरियाणा में हुई किसी घटना पर बोलने का क्या फायदा है जिसे अन्य दल भाजपा के खिलाफ इस्तेमाल कर सकते हैं।’’

वहीं, ट्रोलिंग का शिकार होने के बाद गंभीर ने एक अन्य ट्वीट किया, ‘‘धर्मनिरपेक्षता पर मेरे विचार माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ सबका विकास’ मंत्र से प्रेरित हैं।… मैं स्वयं को केवल गुरुग्राम की घटना तक सीमित नहीं रख रहा, जाति/धर्म के आधार पर किसी भी प्रकार का दमन निंदनीय है। भारत सहिष्णुता एवं समावेशी विकास की अवधारणा पर आधारित है।’’

बता दें कि गुरुग्राम में 25 मई को लोगों के एक समूह ने 25 वर्षीय एक युवक की कथित रूप से पिटाई की थी। पीड़ित को कथित रूप से टोपी उतारने और ‘जय श्री राम’ का उद्घोष करने को कहा गया था।

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