खुदकुशी करने वाली डॉक्टर पायल तड़वी के मामले में दो और महिला चिकित्सक गिरफ्तार

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महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के एक सरकारी अस्पताल में कनिष्ठ महिला चिकित्सक पर कथिततौर पर जातिगत टिप्पणी कर उसे खुदकुशी के लिए उकसाने के मामले में दो और चिकित्सकों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है।

गिरफ्तार

पुलिस ने बुधवार को बताया कि मंगलवार को थोड़ी देर पूछताछ के बाद डॉक्टर भक्ति मेहारे को गिरफ्तार कर लिया गया था जबकि दो अन्य आरोपी हेमा अहूजा और अंकिता खंडेलवाल फरार हो गईं थीं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, ‘अहूजा और खंडेलवाल को बुधवार तड़के मध्य मुंबई की आग्रीपाडा पुलिस ने गिरफ्तार किया।’ उन्होंने बताया कि उन्हें बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा।

आला अफसर ने बताया कि मुंबई के बी वाई एल नायर अस्पताल की मेडिकल छात्रा पायल तड़वी ने जातीय टिप्पणियों से तंग आकर पिछले हफ्ते कथित रूप से खुदकुशी कर ली थी जिसके बाद तीनों लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

तड़वी (26) ने पिछले बुधवार ने अपने कमरे में फंदा लगा कर खुदकुशी कर ली थी। इसके बाद उसके परिवार ने आरोप लगाया था कि साथी डॉक्टर उसे ताने मारते थे और जातिगत टिप्पणियां करते थे क्योंकि वह अनुसूचित जनजाति से ताल्लुक रखती थी। ‘वंचित बहुजन अघाडी’ और अन्य दलित एवं आदिवासी संगठनों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया था। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

मुंबई के नायर अस्पताल में मई 2018 में पायल तड़वी का एडमिशन हुआ था और वो इसी अस्पताल में बतौर रेजिडेंट डॉक्टर तैनात थी। एडमिशन आरक्षित कोटे से होने के कारण उसके तीन सीनियर सहयोगी इस बार पर उसे प्रताड़ित करते थे और बार-बार इसका जिक्र भी करते थे। यह सिलसिला कई महीनों तक चला। छात्रा ने इसकी शिकायत हॉस्टल के अधिकारियों से भी की थी, लेकिन हुआ कुछ नहीं और आखिर में 22 मई को कथित तौर पर इस परेशानी से तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली। (इंपुट: भाषा के साथ)

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