सरकार के आश्वासन पर CM फडणवीस के हाथों जूस पीकर अन्ना हजारे ने 7वें दिन तोड़ा अनशन

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किसानों की अलग-अलग समस्याओं का निवारण, लोकपाल-लोकायुक्त कानून सहित चुनाव सुधारों की मांग को लेकर पिछले 23 मार्च से दिल्ली के रामलीला मैदान पर अनशन पर बैठे मशहूर समाजसेवी अन्ना हजारे की सारी मांगे केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने मान ली हैं। इसके बाद अन्ना हजारे ने पिछले सात दिनों से जारी अपने अनशन को गुरुवार (29 मार्च) को खत्म कर दिया है। अन्ना को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया।

Photo: The Hindu/@Sushil_Verma9

अनशन तोड़े जाने के दौरान केंद्रीय कृषि राज्य गजेंद्र सिंह शेखावत भी मौजूद थे। अन्ना के साथियों ने दावा किया है कि सरकार ने उनकी सभी मांगें मान ली हैं। बता दें कि अन्ना हजारे 23 मार्च से अनशन पर बैठे थे। आज (29 मार्च) उनके अनशन का सातवां दिन था। अन्ना के सहयोगी दत्ता अवारी ने इस बारे में कहा कि अनशन के वक्त अन्ना का वजन पांच किलो घट गया। उनके रक्तचाप में भी गिरावट देखने को मिली थी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अन्ना ने बताया कि सरकार ने उनकी फसल पर डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की बात कबूल कर ली है। किसान कर्ज लेकर जो खेती करता है उसका नुकसान होने पर सरकार उस पर 50 फीसदी से अधिक भुगतान करेगी। वहीं, सरकार ने लोकपाल पर भी जल्द से जल्द कार्रवाई की बात की है। बता दें कि अन्ना केंद्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्त को नियुक्त करने तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य देने की मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे थे।

गौरतलब है कि इससे पहले अन्ना हजारे ने 16 अगस्त 2011 को भ्रष्टाचार के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठने की घोषणा की थी। सुबह ही उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अन्ना ने जेल में ही अनशन शुरू कर दिया। 19 अगस्त को उन्हें छोड़ा गया तो अन्ना ने रामलीला मैदान में डेरा जमा लिया। तब 12 दिन तक भूख हड़ताल चली थी। 288 घंटे बाद अन्ना ने 28 अगस्त को अपना अनशन तोड़ा था।

 

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