नजीब जंग के इस्तीफे के बाद दिल्ली के पूर्व पुलिस आयुक्त बी एस बस्सी उपराज्यपाल की दौड़ में शामिल

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नजीब जंग के इस्तीफे के बाद उपराज्यपाल पद के लिए सरकार कई नामों पर विचार पर विचार कर रही है। जिनमें प्रमुख रूप से दिल्ली पुलिस के पूर्व मुखिया बी एस बस्सी, किरण बेदी व नौकरशाह अनिल बैजल का नाम बताया जा रहा है।

अनिल बैजल

हालांकि इसका औपचारिक ऐलान होना अभी बाकी है। बताया जा रहा है कि गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह व कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में नया उपराज्यपाल तय कर लिया गया है।

नजीब जंग के इस्तीफे के साथ ही दिल्ली के अगले लेफ्टिनेंट गवर्नर को लेकर चर्चा जोर पकड़ ली है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल के बीच पिछले कुछ वर्षों से चली आ रही खींचतान की वजह से यह पद काफी सुर्खियों में रहा है। यही वजह है कि हर किसी की जिज्ञासा यह जानने में है कि कौन लेगा जंग की जगह?

किरण बेदी और दिल्ली के पूर्व पुलिस आयुक्त रहे बीएस बस्सी के नामों पर अटकलें है। सूत्रों की मानी जाए तो ये दोनों नाम फिट नहीं बैठ रहे। दोनों ही पूर्व नौकरशाहों की दिल्ली की केजरीवाल सरकार से ठनी रही है और ऐसे में उनकी नियुक्ति से ऐसा संदेश जाने का डर है कि केंद्र सरकार जानबूझकर दिल्ली सरकार को परेशान करना चाहती है। इसलिए अनिल बैजल का नाम शीर्ष पर बताया जा रहा हैै।

मीडिया रिपोट्स के मुताबिक, बैजल विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के कार्यकारिणी समिति के सदस्य रह चुके हैं। इस संस्थान से पहले भी कई सदस्यों को सीनियर पदों पर लाया जा चुका है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनने से पहले अजित डोवाल भी इसके सदस्य रह चुके हैं।

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1969 बैच के आईएएस अधिकारी अनिल बैजल अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के काल में गृह सचिव रहे हैं। वह पहले डीडीए (दिल्ली विकास प्राधिकरण) में भी रह चुके हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में प्रखर रहे हैं। वह विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में एक्जीक्यूटिव काउंसिल से भी जुड़े रहे हैं।

बैजल इंडियन एयरलाईन्स के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर के रुप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। साथ ही वह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एडीसनल सेकरेट्री और एविएशन मिनिस्ट्री में ज्वाइंट सेकरेट्री भी रहे हैं।

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