कोरोना वायरस: तबलीगी जमात पर फर्जी खबर फैलाते हुए पकड़ा गया ANI, नोएडा पुलिस की फटकार के बाद न्यूज एजेंसी पर भड़के सोशल मीडिया यूजर्स

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समाचार एजेंसी एएनआई एक बार फिर से सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गया है, लोग न्यूज एजेंसी की जमकर आलोचना कर रहे है। दरअसल, मंगलवार को एएनआई यूपी ने एक ख़बर ट्वीट किया, जिसे नोएडा पुलिस ने फर्जी करार दे दिया। नोएडा पुलिस की फटकार के बाद एएनआई यूपी ने फेक न्यूज डिलीट कर दिया।

तबलीगी जमात

दरअसल, एएनआई यूपी ने मंगलवार (7 अप्रैल) को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया। एएनआई यूपी ने अपने ट्वीट में गौतम बुद्ध नगर के DCP (डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस) संकल्प शर्मा के बयान का हवाला देते हुए लिखा, “नोएडा सेक्टर- 5, हरौला में उन लोगों को क्वारंटीन किया गया है, जो तबलीगी जमात के लोगों के कॉन्टैक्ट में आए।” एएनआई यूपी के इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए एएनआई की मालिक स्मिता प्रकाश ने कहा, “नोएडा सुरक्षित रहो।”

हालांकि, एएनआई यूपी के इस ट्वीट के बाद नोएडा पुलिस के डीसीपी रैंक के अधिकारी ने सार्वजनिक रूप से समाचार एजेंसी के दावे का खंडन किया और इसे ‘फर्जी खबर’ करार दे दिया। नोएडा DCP के ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा गया, “प्रक्रिया के मुताबिक, उन लोगों को क्वारंटीन किया गया है, जो कोरोना पॉजिटिव मामलों के संपर्क में आए हैं। तबलीगी जमात का कोई जिक्र नहीं है। आप मिसकोट कर रहे हैं और फेक न्यूज़ फैला रहे हैं।”

नोएडा डीसीपी के इस ट्वीट को पुलिस कमिश्नरेट नोएडा के ट्विटर हैंडल से भी रिट्वीट किया गया। डीसीपी नोएडा के इस ट्वीट के बाद न्यूज एजेंसी सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गया। कई लोगों ने फर्जी खबरें फैलाने के लिए न्यूज एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

हालांकि, सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करने के बाद एएनआई यूपी ने अपने ट्विटर हैंडल इस फर्जी खबर को डिलीट किया और एक स्पष्टीकरण जारी किया। एएनआई यूपी ने करेक्शन के बाद दोबारा ट्वीट किया। लेकिन अपने इस ट्वीट में उन्होंने तबलीगी जमात वाली बात हटा दी।

बता दें कि, इससे पहले ज़ी मीडिया भी तबलीगी जमातियों के बारे में फर्जी खबर फैलाता हुआ पकड़ा गया था। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद पुलिस की प्रतिक्रिया के बाद ज़ी मीडिया ने अपने फर्जी ख़बर को अपने ट्विटर अकाउंट से डिलीट कर दिया था।

दरअसल, 6 अप्रैल को ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया गया था। अपने इस ट्वीट में ज़ी ने तबलीगी जमातियों के सदस्यों को लेकर एक खबर शेयर की थी। खबर की हेडलाइन थी- “फिरोजाबाद में 4 तबलीगी जमाती कोरोना पॉजिटिव, इन्हें लेने पहुंची मेडिकल टीम पर हुआ पथराव।” अपने इस ट्वीट के साथ ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड ने यूपी पुलिस और फिरोजबाद पुलिस को टैग किया था।

ज़ी न्यूज़ द्वारा फर्जी खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए फिरोजाबाद पुलिस ने लिखा था, “आपके द्वारा असत्य एवं भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं। जबकि जनपद फिरोजाबाद में न तो किसी मेडिकल टीम एवं न ही एंबुलेंस गाड़ी पर किसी तरह का पथराव किया गया है। आप अपने द्वारा किए गए ट्वीट को तत्काल डिलीट करें।” फिरोजाबाद पुलिस के इस ट्वीट के बाद ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड ने अपने ट्विटर हैंडल से इस फर्जी खबर को तुरंत हटा लिया।

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