आंध्र प्रदेश की उपमुख्यमंत्री की फिसली जुबान, कहा- हमारी सरकार का लक्ष्य ‘भ्रष्ट शासन’ देना है

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राजनेताओं की जुबान फिसलनी आम बात है, लेकिन कई बार नेता ऐसी बात बोल जाते हैं जिसके लिए बाद उन्हें शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। ऐसा ही एक वाकया आंध्र प्रदेश में देखने को मिला। आंध्र प्रदेश की नव-नियुक्त उपमुख्यमंत्री पी पुष्पा श्रीवानी को जुबान फिसलने की वजह से शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। दरअसल, समाचार एजेंसी एएनआई शनिवार को उनकी जुबान फिसल गई और उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार का लक्ष्य आंध्र प्रदेश में भ्रष्ट शासन मुहैया कराना है।’

बताया जाता है कि डिप्टी सीएम पुष्पा श्रीवानी चुनाव जीतने के बाद पहली बाद अपने गृह जनपद पहुंची थीं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुष्पा श्रीवानी अपनी सरकार की योजनाओं के बारे में मीडिया को बताया। इसी दौरान वह यह बताने की कोशिश कर रही थीं कि उनकी सरकार का लक्ष्य है कि एक ‘भ्रटाचार मुक्त शासन’ हो, लेकिन गलती से वो ‘भ्रष्टाचार शासन’ बोल गईं। और प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार का लक्ष्य राज्य में भ्रष्ट शासन देना है।’

इस मामले में विपक्षी पार्टी टीडीपी (TDP) ने निशाना साधते हुए कहा, ‘हम डिप्टी सीएम के बयान से सहमत हैं।’ टीडीपी ने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा, ‘अपने लक्ष्य के बारे में बताने के लिए धन्यवाद मैडम, हम आपके बयान से सहमत हैं। बता दें कि हालही में बीते विधानसभा चुनावों में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी के नेतृत्व में वाईएसआर कांग्रेस ने 151 सीटें जीती थीं और इस बार के चुनाव में एन चंद्रबाबू नायडू की पार्टी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। नायडू की पार्टी टीडीपी केवल 23 सीटों पर ही निपट गई थी।

बता दें कि आंध्र प्रदेश के विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाले रेड्डी ने सत्ता में बिल्कुल अनोखा फार्मूला पेश किया है। मुख्यमंत्री वाई. एस. जगनमोहन रेड्डी की मंत्रिपरिषद में शामिल पांच नए मंत्रियों को उप मुख्यमंत्री का पद दिया गया है। भारत के सियासी इतिहास में संभवत: ऐसा पहली बार ही होगा जब कि सरकार में पांच उपमुख्यमंत्री होंगे। जगन मोहन ने पांच डिप्टी सीएम का फार्मूला राज्य में सभी वर्गों और जातियों संतुलन के लिए किया है।

पामुला पुष्पा श्रीवानी (एसटी), पिल्ली सुभाष चंद्र बोस (बीसी), अल्ला काली कृष्ण श्रीनिवास उर्फ नानी (कापू), के नारायण स्वामी (एससी) और अमजत बाशा (मुस्लिम) को उप मुख्यमंत्री बनाया गया है। बोस जगन के पिता दिवंगत वाई एस राजशेखर रेड्डी की सरकार में भी मंत्री थे। उन्हें राजस्व विभाग सौंपा गया है वहीं नारायण स्वामी को उत्पाद शुल्क और वाणिज्यिक कर विभाग का जिम्मा दिया गया है।

बाशा को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, श्रीवानी को जनजाति कल्याण और नानी को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग दिया गया है। जगन ने अपने पिता की ही तरह एक महिला को गृह मंत्री नियुक्त किया है। मेकाथोटी सुचारिता को गृह एवं आपदा प्रबंधन विभाग सौंपा गया है। अपने चुनावी वादे की तर्ज पर जगनमोहन रेड्डी ने पिछड़ी जाति से सात, अनुसूचित जाति से पांच, अनुसूचित जनजाति एवं मुस्लिम समुदाय से एक-एक और कापू तथा रेड्डी समुदाय से चार-चार विधायकों को अपने मंत्रिमंडल में जगह दी है।

 

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