मोदी के मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने कर्नाटक कांग्रेस नेता की मुस्लिम पत्नी पर की टिप्पणी

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अपने विवादित बयानों को लेकर अक्सर मीडिया की सुर्खियों में रहने वाले कर्नाटक के सिरसी से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद व केन्द्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने अब अपने प्रतिद्वंद्वी कर्नाटक कांग्रेस के नेता दिनेश गुंडु राव पर व्यक्तिगत टिप्पणी की है। अनंत हेगड़े ने दिनेश गुंडु राव पर उनकी पत्नी को लेकर बयान दिया। उन्होंने कांग्रेस नेता पर हमला करते हुए कहा कि मैं दिनेश गुंडु राव को एक ऐसे शख्स के रूप में जानता हूं जो एक मुस्लिम महिला के पीछे भागा था।

अनंत कुमार हेगड़े
फाइल फोटो: अनंत कुमार हेगड़े

दरअसल कांग्रेस नेता दिनेश गुंडु राव ने ट्विटर के माध्यम से केन्द्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े से सवाल पूछा था। केन्द्रीय मंत्री ने कांग्रेस नेता के सवालों का जवाब देने की बजाय, उनकी पत्नी तबू राव को बहस के बीच में ले आए। तबू राव मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। अनंत कुमार ने पलटवार करते हुए लिखा, ‘मैं पक्का दिनेश जी राव के सवालों का जवाब दूंगा, लेकिन पहले वह यह खुलासा कर सकते हैं कि उनकी उपलब्धियों के साथ कौन हैं? मैं केवल उन्हें एक ऐसे शख्स के रूप में जानता हैं, जो कि एक मुस्लिम महिला के पीछे पड़े थे।’

दरअसल, अनंत कुमार हेगड़े के एक कट्टर बयान पर दिनेश राव ने अपने ट्विटर हैंडल से उनको ट्वीट करते हुए पूछा था कि, ‘केंद्रीय मंत्री या सांसद बनने के बाद आपकी उपलब्धियां क्या रही हैं? कर्नाटक के विकास में आपका क्या योगदान है? मैं निश्चित रूप से यह कह सकता हूं कि यह अफसोस की बात है कि ऐसे लोग मंत्री बन गए हैं और सांसद के रूप में चुने जाने में कामयाब रहे हैं।’

इस पर दिनेश गुंडु राव ने फिर ट्वीट करते हुए केंद्रीय मंत्री को निशाना बनाते हुए जवाब दिया। राव ने पलटवार करते हुए लिखा, ‘अनंत कुमार हेगड़े का इतने नीचे स्तर पर जाकर व्यक्तिगत मुद्दों को बीच में लाना देखकर दुख हुआ। अंदाजा लगाइए क्या ये उनकी संस्कृति की कमी है? क्या उन्होंने हमारे हिंदू धर्मग्रंथों से कुछ नहीं सीखा? अब समय जा चुका है, लेकिन वह अभी भी एक प्रतिष्ठित व्यक्ति बनने की कोशिश कर सकते हैं।’

बता दें कि अनंत कुमार हेगड़े ने रविवार को कर्नाटक के कोडागु में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि, जो हिंदू लड़कियों को छुए, उसके हाथ नहीं बचने चाहिए। इतिहास इसी तरह लिखा जाता है और जब आप इतिहास लिखते हैं, तो आपके अंदर हिम्मत आती है। आप इतिहास पढ़ते हैं तो आपके अंदर डरने वाली भावनाएं आती हैं। अब यह आप लोगों को तय करना है कि आप इतिहास लिखना चाहते हैं या फिर इतिहास पढ़ना चाहते हैं।

बता दें कि अनंत कुमार हेगड़े वही बीजेपी के मंत्री हैं जिन्होंने पिछले साल संविधान बदलने जैसा विवावित बयान दिया था। अनंत कुमार हेगड़े ने पिछले साल उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा था कि बीजेपी ‘संविधान बदलने के लिए’ सत्ता में आई है। हालांकि, अनंत कुमार हेगड़े ने संविधान में संशोधन के अपने विवादित बयान पर लोकसभा के अंदर माफी भी मांगी थी और कहा था कि उनके बयान को ‘तोड़-मरोड़कर’ पेश किया गया।

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