VIDEO: अमित शाह ने बंगाल में पुरानी नौटंकी दोहराई, सोशल मीडिया पर उनके भाषण का ऐसे उड़ाया जा रहा है मजाक

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भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में मंगलवार (22 जनवरी) एक रैली को संबोधित करते हुए राज्‍य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। मालदा में उनकी इस रैली ने बाद से विवाद खड़ा हो गया है क्योंकि पार्टी ने राज्य की तृणमूल सरकार पर आरोप लगाया कि वहा चल रहे निर्माण कार्यों के कारण बीजेपी अध्यक्ष के हेलीकॉप्टर को उतरने की अनुमति नहीं देती है।

अमित शाह

रैली में अमित शाह ने कहा कि ममता दीदी को डर था कि अगर हमारी यात्रा राज्य में निकलती है तो उनकी सरकार की अंतिम यात्रा निकल जाएगी। इस दौरान अमित शाह ने रथयात्रा से लेकर रोहिंग्याओं, नागरिकता संशोधन बिल, दुर्गा पूजा विसर्जन और पिछले दिनों कोलकाता में हुए विपक्षी पार्टियों की रैली को लेकर भी सीएम ममता को घेरा।

मंगलवार को रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने हिंदुओं को दुर्गा पूजा और सरस्वती पूजा की बिना किसी डर के पूजा करने की अनुमति देकर बंगाल को विकसित करने का वादा किया। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर हिंदुओं को उनके धार्मिक उत्सव आयोजित करने से रोकने का आरोप लगाया। हालांकि, उन्होंने अपने आश्चर्यजनक दावों का समर्थन करने के लिए कोई सबूत नहीं दिया। बता दें कि बंगालियों के लिए वार्षिक कैलेंडर में दुर्गा पूजा सबसे लोकप्रिय कार्यक्रम है।

शाह का भाषण काफी हद तक धर्म के नाम पर वोट मांगने के इर्द-गिर्द घूमता था, जो भारतीय कानून के तहत गैर-कानूनी माना जाता है। शाह ने कहा कि बंगाल की तृणमूल सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है, दुर्गा और सरस्वती पूजा की अनुमति नहीं दे रही है, घुसपैठ को बढ़ावा दे रही है और राजनीतिक हत्यारों को संरक्षण दे रही है।

अपनी रैली में उन्होंने आगे कहा, ‘मैं हर बिद्धवादी, हिंदू और ईसाई को चिंता नहीं करने का आश्वासन देना चाहता हूं। हम नागरिकता संशोधन विधेयक के तहत प्रत्येक हिंदू बांग्लादेशी को नागरिकता देंगे, किसी की अनदेखी नहीं होगी। चाहे वे बौद्ध, सिख या ईसाई हों। जो लोग पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए हैं, बीजेपी की नरेंद्र मोदी की यह सरकार उन्हें नागरिकता देने का काम करेंगे।’

अमित शाह के इन बयानों की सोशल मीडिया पर जमकर अलोचना हो रहीं है। दया शंकर शर्मा नाम के एक यूजर ने लिखा, “बंगाल में विपक्षी ताकतों को देख क्या मोदी और शाह बैचेन हो गए है और क्या इसलिए अमित शाह अपने भड़काऊ भाषण से देश में सांप्रदायिक दंगे करना चाह रहे, 2019 लोकसभा के पहले।”

वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, “अमित शाह की भाषा से कहीं नहीं लगता है कि कोई राष्ट्रीय पार्टी का अध्यक्ष बोल रहा है। आखिर यह व्यक्ति देश को कहाँ ढकेलना चाहता है?” बता दें कि इसी तरह यूजर्स अमित शाह के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहें है।

वहीं, अमित शाह ने एक और ‘नौटंकी’ का सहारा लेकर अपना भाषण समाप्त किया जो उनके चुनावी भाषणों की पहचान बन गया। उन्होंने अपने दर्शकों को बताया कि वह पिछले पांच वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित योजनाओं की सूची को पढ़ने जा रहे हैं। शाह ने कहा कि सूची में 120 से अधिक योजनाएं थीं, लेकिन अगर वे चाहते थे कि सूची बंद हो जाए तो दर्शक बीच में ताली बजाना शुरू कर सकते हैं। उन्हें अपने स्क्रिप्ट में उन योजनाओं के नाम पढ़ने के लिए कांफी संघर्ष करना पड़ा और थोड़ी देर बाद वह स्क्रिप्ट पढ़ते हुए रुक गए। शाह ने कहा, “हे भाइयों, मैंने केवल 13 गिने हैं और आप थक गए हैं, ऐसी 129 योजनाएं हैं।

सोशल मीडिया पर अमित शाह का यह वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है। यूजर्स खराब अभिनय के लिए बीजेपी अध्यक्ष का जमकर मजाक उड़ा रहें हैं।

 

 

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