तुलसीराम प्रजापति फर्जी मुठभेड़: जांच अधिकारी ने अमित शाह को बताया ‘मुख्य साजिशकर्ता’, राहुल गांधी ने बीजेपी अध्यक्ष पर साधा निशाना

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तुलसीराम प्रजापति फर्जी मुठभेड़ के मुख्य साजिशकर्ता के रूप में कथितरूप से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का नाम आने पर तंज कसते हुए कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए वही सबसे सही व्यक्ति हैं।

राहुल गांधी ने गुरुवार (22 नवंबर) को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा, “गीता में कहा गया है कि आप सच्चाई से भाग नहीं सकते और यह बात हमेशा सही सिद्ध हुई। संदीप तमगडे ने अमित शाह का नाम ‘मुख्य साजिकर्ता’ के रूप में लिया गया है। बीजेपी के लिए यह पूरी तरह से उपयुक्त है कि वह ऐसे व्यक्ति को अपना अध्यक्ष बनाए रखे।”

आपको बता दें कि प्रजापति फर्जी मुठभेड़ मामले में मुख्य जांच अधिकारी आईपीएस संदीप तामगड़े ने अदालत में बताया कि सोहराबुद्दीन और तुलसी फर्जी मुठभेड़ राजनेता और अपराधियों की साठगांठ का परिणाम था। जांच अधिकारी संदीप तामगड़े ने बुधवार को अदालत में अपनी जांच में पाए गए तथ्यों को दोहराया। तमगडे ने सीबीआई अदालत से कहा कि अमित शाह और पूर्व आईपीएस अधिकारी डी जी बंजारा ‘मुख्य साजिशकर्ता’ थे।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ की जांच कर रहे अधिकारी ने सीबीआई कोर्ट को बताया कि इस हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ताओं में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और तीन आईपीएस अधिकारी थे। विशेष न्यायालय के सामने संदीप तामगड़े ने कहा कि इस आरोप के लिए उनके पास कोई आधार नहीं है। इस मामले में दायर चार्जशीट में यही दावा उन्होंने किया है। जांच में मिले सबूतों के आधार पर ही इन सभी के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था।

अन्य तीन आईपीएस अधिकारी- आईपीएस डीजी वंजारा, राजकुमार पांडियन और दिनेश एमएन इस पूरे षडयंत्र में शामिल हैं। तामगड़े ने अदालत में बताया कि सोहराबुद्दीन और उसके साथी तुलसी प्रजापति की फर्जी मुठभेड़ राजनेताओं और अपराधियों की साठगांठ का परिणाम था। बता दें कि आईपीएस अधिकारी तमगडे ने कथित मुठभेड़ में प्रजापति और सोहराबुद्दीन की हत्या से संबंधित दोनों मामलों की जांच की थी।

राजस्थान के तत्कालीन गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया का भी जिक्र

रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य जांच अधिकारी संदीप तामगड़े ने बचाव पक्ष के वकील के पूछने पर अदालत में यह भी बताया कि उन्होंने राजस्थान के तत्कालीन गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया, मार्बल व्यापारी विमल पाटनी और हैदराबाद के आईपीएस सुब्रमण्यम और एसआई श्रीनिवास राव से पूछताछ कर इनके खिलाफ भी चार्जशीट पेश की थी।

अधिकारी ने एक सवाल के जवाब में बताया कि आरोपी अमित शाह, गुलाबचंद कटारिया और विमल पाटनी का बयान उन्होंने खुद लिया था और उस पर हस्ताक्षर भी किए थे। लेकिन जब बचाव पक्ष के वकील ने बयान की कॉपी देखनी चाही तो पता चला कि वह अदालत के रिकॉर्ड में है ही नहीं। जज एस.जे. शर्मा के पूछने पर सीबीआई ने बताया कि बयान सीबीआई दफ्तर में रखे हैं।

 

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