LIVE टीवी डिबेट के दौरान बीजेपी IT सेल के प्रमुख अमित मालवीय को योगेंद्र यादव द्वारा करना पड़ा शर्मिंदगी का सामना, देखिए वीडियो

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आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व सहयोगी व स्वराज इंडिया के संस्थापक योगेंद्र यादव पर निशाना साधते के चक्कर में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय खुद उनके निशाने पर आ गए। वहीं, सोशल मीडिया पर भी लोग अमित मालवीय को जमकर ट्रोल कर रहें है। स्वराज इंडिया के प्रमुख योगेंद्र यादव ने हाल ही में इंडिया टुडे पर एक लाइव टीवी बहस में उन्हें शर्मिंदा किया था।

अमित मालवीय
फाइल फोटो: अमित मालवीय और योगेंद्र यादव

एक टीवी डिबेट में हिस्सा लेने के दौरान अमित मालवीय ने योगेंद्र यादव पर भारत में जाति की राजनीति खेलने का आरोप लगया। मालवीय के आरोपों पर अपनी राय रखते हुए यादव ने खुलासा किया कि कैसे उनके दादा की हत्या उनके पिता के सामने एक मुस्लिम व्यक्ति ने की थी, जो उस समय केवल सात साल के थे। योगेंद्र यादव के अनुसार, उनके पिता एक सच्चे गांधीवादी थे और इसलिए, उन्होंने नफरत के साथ अपने पिता के हत्यारे के घृणित कार्य का जवाब नहीं देने का फैसला किया।

उन्होंने कहा, लेकिन वे महात्मा गांधी के दिन थे। वह आपके (मालवीय) जैसे व्यक्तियों में से एक बन सकते थे, वह कोई ऐसे व्यक्ति बन सकते थे जो आपके जैसे हिंदू, हिंदू, हिंदू चिल्लाए। वह गांधी के शिष्य थे। लेकिन उन्होंने अपने हर बच्चे को मुस्लिम नाम देने का फैसला किया। अब, मुझे नहीं लगता कि आप जैसे किसी व्यक्ति की सराहना करना संभव है। किसी भी अन्य देशों में किसी ने उनके बारे में उपन्यास लिखे होंगे… मुझे नहीं पता कि क्या आप जैसे लोग इस तरह की मानवीय संवेदनशीलता को समझने में सक्षम हैं।

योगेंद्र यादव का यह वीडियो अब सोशल मीडिया तेजी से वायरल हो रहा है, वीडियो वायरल होने के बाद लोग यादव की जमकर प्रशंसा कर रहें है। इसके साथ ही यूजर्स मालवीय को जमकर ट्रोल कर रहें है।

एक दिन बाद ही बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने यादव के भाषण का एक वीडियो शेयर किया, जो उन्होंने हरियाणा के मेवात में मुसलमानों के एक समूह को संबोधित करते हुए दिया था। वीडियो पोस्ट करते हुए मालवीय ने लिखा, मैं आमतौर पर टीवी बहस को सोशल मीडिया पर नहीं ले जाता, लेकिन योगेंद्र यादव के चेहरे को बेनकाब करने के लिए यह है। इस वीडियो में उन्हें मुस्लिम बहुल मेवात में मुस्लिम दर्शकों के लिए अपनी मुस्लिम पहचान को भंग करते हुए देखा जा सकता है। यदि यह राजनीतिक राजनीति नहीं है, तो क्या है?

मालवीय द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में यादव एक समूह के लोगों को संबोधित करते हुए एक कहानी शेयर कर रहें है। वीडियो में उन्हें कहते हुए सुनाई दे रहा है कि, ‘माफ किजिएगा, लेकिन मैं आपका सिर्फ एक मिनट लूंगा। आप में से बहुत से लोगों को पता होगा कि मेरे दादाजी हिंदू-मुस्लिम दंगे में मारे गए थे। यह 1936 की बात है। हिसार में उनकी एक गंडासे से हत्या कर दी गई थी। एक मुस्लिम भीड़ थी, जिसने मार दिया था। अब सोचिए मेरे पिता जी, वो सात साल का बच्चा जिसने अपने पिता की हत्या अपने आंख से सामने देखी थी। वह चाहता तो जिंदगी भर मुस्लमानों से नफरत कर सकता था। लेकिन उन्होंने अपने बच्चों को मुस्लिम नाम देने का फैसला किया। इसका नाम सलीम है।

अमित मालवीय द्वारा पोस्ट किया गया वीडियो :

मालवीय द्वारा वीडियो शेयर करने के बाद यादव ने अपने भाषण का पूरा वीडियो अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया। इस वीडियो को शेयर करते हुए यादव ने लिखा, अमित मालवीय ने कुछ सेकंड के वीडियो को प्रसारित किया है। मेरे भाषण के बस इस छोटे से टुकड़े को सुने। बीजेपी झूठ की फैक्ट्री ने मेरे शब्द काट दिए: “ना हिन्दू बनेगा ना मुस्लेमान बनेगा”! इसके अलावा: “नफ़रत का जवाब मोहब्बत से देना है” क्या हम हैरान हैं?

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