स्मृति ईरानी और BJP को बड़ा झटका, अमेठी के रिटर्निंग अधिकारी ने राहुल गांधी के नामांकन को वैध ठहराया

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अमेठी से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की लोकसभा उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी सहित उनकी पार्टी को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नामांकन प्रपत्र को अमेठी के रिटर्निंग अधिकारी ने वैद्य घोषित कर दिया है। राहुल गांधी के नामांकन को योग्यता और नागरिकता के आधार पर चुनौती दी गई थी। मंगलवार को सुनवाई के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने राहुल गांधी के नामांकन को वैध करार दिया है। बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रत्याशी समेत कई नेताओं ने राहुल गांधी की नागरिकता पर सवाल उठाते हुए नामांकन खारिज करने की अपील की थी।

राहुल गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 10 अप्रैल को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। शनिवार को नामांकन पत्र की जांच के दौरान बहुजन मुक्ति पार्टी के अफजाल वारिस, निर्दलीय ध्रुवलाल, सुरेश कुमार शुक्ल व सुरेश चंद्र यादव ने अपने-अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से रिटर्निंग अधिकारी डॉक्टर राम मनोहर मिश्र के समक्ष लिखित आपत्तियां दाखिल कर कांग्रेस प्रत्याशी राहुल गांधी का नामांकन पत्र अवैध घोषित करने की मांग की थी।

इन शिकायतों के बाद इस मसले पर सोमवार को सुनवाई हुई और राहुल गांधी के वकील राहुल कौशिक कोर्ट में पेश हुए। प्रपत्रों की जांच के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी आपत्ति को खारिज कर दिया। अमेठी से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार ध्रुवलाल के वकील रवि प्रकाश ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष राहुल की नागरिकता और शैक्षिक योग्यता को लेकर सवाल उठाया था।

उन्होंने निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की थी कि राहुल गांधी ने ब्रिटिश नागरिकता ली थी, इसलिए उनका नामांकन रद्द किया जाए। इस शिकायत का हवाला देते हुए बीजेपी ने नई दिल्ली में गांधी से मामले में सफाई देने को कहा था। रवि प्रकाश ने ब्रिटेन में पंजीकृत एक कंपनी के कागजात के आधार पर यह दावा किया था। अमेठी के निर्वाचन अधिकारी राम मनोहर मिश्रा ने संवाददाताओं को बताया था कि राहुल गांधी के वकील ने जवाब दायर करने के लिए वक्त मांगा है और उन्हें इसके लिए सोमवार (22 अप्रैल) तक का वक्त दिया गया है।

बीजेपी ने बताया था ‘गंभीर’ आरोप

इस मामले में प्रेस कॉन्फेंस कर बीजेपी प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने संवाददाताओं को बताया था कि यह “चौंकाने” वाला है कि गांधी के वकील ने इन आपत्तियों पर जवाब देने के लिए वक्त मांगा है। उन्होंने कहा था, “यह गंभीर आरोप हैं। राहुल गांधी भारतीय नागरिक हैं या नही? क्या वह कभी ब्रिटिश नागरिक बने थे? उन्हें वास्तविक कहानी के साथ सामने आना चाहिए।”

राव ने दावा किया था कि एक ब्रिटिश कंपनी ने अधिकारियों के समक्ष अपने प्रतिवेदन में गांधी को एक ब्रिटिश नागरिक बताया। राहुल गांधी ने 2004 में कहा था कि उन्होंने इस कंपनी में निवेश किया था। शिकायत का हवाला देते हुए, बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि 2004 से 2014 के दौरान विभिन्न चुनावों में गांधी द्वारा दिए गए हलफनामे में “विसंगतियां हैं और तथ्यों को दबाने का प्रयास किया गया।’’

राव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था कि कैंब्रिज विश्वविद्यालय से विकास अर्थशास्त्र में एम. फिल किया था लेकिन बाद में दावा किया कि यह विकास अध्ययन में था। बीजेपी प्रवक्ता ने दावा किया कि जांच में यह पता चलता है कि उस वर्ष किसी राहुल विंसी को डिग्री मिली थी न कि राहुल गांधी को। राव ने कहा था, “हम यह जानना चाहेंगे कि क्या राहुल गांधी विभिन्न देशों में कई नामों से जाने जाते हैं।” उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई थी कि क्या गांधी की योग्यता भी कांग्रेस के घोषणा-पत्र की तरह है जो हर पांच साल पर बदल जाती है?

 

 

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  1. उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई थी कि क्या गांधी की योग्यता भी कांग्रेस के घोषणा-पत्र की तरह है जो हर पांच साल पर बदल जाती है?-मंत्री भी कभी ग्रेजुएट थी-की पार्टी भी हैरान है-कमाल है।

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