रकबर खान हत्याकांड पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, राजस्थान सरकार से मांगा जवाब

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राजस्थान के अलवर जिले में अकबर खान उर्फ रकबर खान की 20 जुलाई में हुई पीट-पीटकर हत्या (लिचिंग) के मामले में संज्ञान लेते हुए सोमवार (20 अगस्त) को वसुंधरा राजे सरकार से राज्य द्वारा उठाए गए कदम के बारे में सूचित करने को कहा है। बता दें कि इससे पहले शीर्ष न्यायालय ने कथित गौरक्षा के नाम पर हिंसा से निबटने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए थे।

Express Photo by Rohit Jain Paras

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने राजस्थान सरकार के गृह विभाग के प्रधान सचिव से कहा कि वह लिंचिंग के मामले में की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा देते हुए हलफनामा दायर करें। बता दें कि अलवर जिले के रामगढ़ इलाके में 20 जुलाई को गौरक्षकों ने रकबर खान (28) की कथित तौर पर पिटाई कर दी थी। घटना के वक्त रकबर दो गायों को लाढ़पुरा गांव से हरियाणा स्थित अपने घर ला रहा था।

पीठ तुषार गांधी और कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला की ओर से दायर अवमानना याचिका की सुनवाई कर रही थी। याचिका में अलवर में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या मामले में राजस्थान सरकार के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई करने की मांग की गई थी।

शीर्ष अदालत ने सोमवार को सभी अन्य राज्य सरकारों से कहा है कि वे उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए सात सितंबर तक अनुपालन रिपोर्ट पेश करें। अदालत अब इस मामले पर सुनवाई 30 अगस्त को करेगी। बता दें कि इस मामले में राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने माना है कि रकबर की मौत पुलिस हिरासत में हुई थी।

अलवर जिला अस्पताल के तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने रकबर खान की पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक, रकबर के शरीर पर कई जगह चोट के गहरे निशान हैं। उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह पिटाई से सदमे के कारण बताई गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि रकबर को बहुत बेदर्दी से मारा पीटा गया था।

रकबर की पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट कहती है कि उनकी पसलियां टूटी हुई थी और एक पैर में भी फ्रैक्चर था। डॉक्टरों की रिपोर्ट कहती है कि इन चोटों के बाद रकबर सदमे में चल बसे। डॉक्टरों की एक टीम ने रकबर के शव का पोस्टमॉर्टम करने के बाद अपनी रिपोर्ट में कहा है कि रकबर के जिस्म पर जगह-जगह चोट के निशान थे। रिपोर्ट के अनुसार रकबर को भोथरे हथियार से चोट पहुंचाई गई।

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