उन्नाव गैंगरेप केस: इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश- ‘आरोपी BJP विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को हिरासत में नहीं गिरफ्तार करें’

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उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले की बांगरमऊ विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर सीबीआई ने हिरासत में ले लिया है। उन्नाव गैंगरेप मामले में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा सीबीआई जांच की अनुशंसा किए जाने के बाद जांच एजेंसी के अधिकारियों ने मुख्य आरोपी सेंगर को शुक्रवार (13 अप्रैल) की तड़के हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि कुलदीप सेंगर को उनके लखनऊ स्थित आवास से सुबह करीब 4.30 बजे हिरासत में लिया गया है।

(Indian Express photo by Vishal Srivastav)

इस बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार (13 अप्रैल) को पूरे मामले पर सख्त रूख अपनाते हुए सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से 2 मई तक प्रगति रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है।हाईकोर्ट ने कहा है कि आरोपी की हिरासत काफी नहीं है, उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। बता दें कि सीबीआई बीजेपी विधायक पर लगे रेप के आरोप, पीड़िता के पिता की हत्या, युवती के पिता पर दर्ज आर्म्स ऐक्ट के मामले की जांच में जुट गई है।

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उन्नाव बलात्कार मामले में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार करने का सीबीआई के जांच अधिकारी को आज निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश डी.बी. भोसले और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल स्वरूप चतुर्वेदी द्वारा लिखे पत्र पर यह आदेश दिया। इससे पहले अदालत ने इस पत्र का संज्ञान लेते हुये इसे जनहित याचिका में तब्दील करके इस मामले पर सुनवाई शुरू की थी।

राज्य सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि विधायक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है और अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। अदालत को सूचित किया गया कि इस मामले की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ली है। इस पर अदालत ने सीबीआई को कानून के मुताबिक सख्ती से जांच करने और बलात्कार के इस मामले में जमानत पाए अन्य आरोपियों की जमानत रद्द करने के लिए आवेदन दाखिल करने पर विचार करने का निर्देश दिया।

अदालत ने सीबीआई को दो मई, 2018 को सुबह दस बजे तक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया। इस मामले में अब दो मई को आगे सुनवाई होगी। अदालत ने कल महाधिवक्ता से पूछा था कि क्या राज्य सरकार ने बलात्कार के आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार करने का प्रस्ताव किया है। इस पर महाधिवक्ता ने जवाब दिया था कि वह इस संबंध में कोई बयान देने की स्थिति में नहीं हैं और पुलिस शिकायतकर्ता एवं गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद ही कानून के मुताबिक अपना काम करेगी।

सीबीआई इस मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सीबीआई ने इस मामले में गुरुवार को शाम को ही जांच शुरू की थी। विधायक के खिलाफ इस मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। गौरतलब है कि बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने बुधवार (11 अप्रैल) देर रात विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

विधायक के खिलाफ एसआईटी द्वारा दर्ज कराए गए रेप के केस के साथ ही विधायक के भाई अतुल सिंह द्वारा पीड़िता के पिता के साथ मारपीट और जेल में उनकी मौत का मामला शामिल है। सूत्रों की मानें तो सीबीआई शुक्रवार सुबह कुलदीप सेंगर को स्थानीय अदालत में पेश कर उन्हें रिमांड पर भेजने की मांग कर सकती है। हालांकि अब तक एजेंसी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश शासन से आदेश जारी होने के बाद विधायक के खिलाफ आईपीसी की धारा 363 (अपहरण), 366 (अपहरण कर शादी के लिए दवाब डालना), 376 (बलात्‍कार), 506 (धमकाना) और पॉस्‍को एक्‍ट के तहत मामला दर्ज किया है। SIT की शुरुआती रिपोर्ट के बाद कुलदीप सेंगर के खिलाफ बुधवार (11 अप्रैल) को FIR का फैसला लिया गया। इसके साथ ही मामले में लापरवाही के दोषी पाए दो डॉक्टरों व एक पुलिस क्षेत्रधिकारी को निलंबित किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में बीजेपी विधायक और अन्य पर एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप है। अपने साथ हुए अपराध के मुद्दे को उठाने के लिए लड़की ने मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्महत्या की कोशिश की। जिसके बाद कथित तौर पर उसके पिता को पुलिस ने उठा लिया। आरोप है कि उनकी बर्बर तरीके से पिटाई की गई और हिरासत में ही उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक के शरीर में कई घाव पाए गए थे। पीड़ित परिवार ने पुलिस हिरासत में मारपीट का आरोप लगाया।

पीड़िता के पिता की बेरहमी से हुई थी पिटाई

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, रेप पीड़िता के पिता की मौत का कारण पिटाई के दौरान बड़ी आंत फटना बताया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि चोटों से प्रतीत होता है कि पिटाई किसी भोथरी वस्तु जैसे मोटे डंडे या फिर बंदूक के कुंदे आदि से की गई जिससे गहरी अंदरूनी चोट लगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने लिखा है कि मारपीट में उसकी बड़ी आंत फट गई थी। शरीर पर 14 स्थानों पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। ये चोट 6-7 दिन पुराने होने की भी पुष्टि हुई है।

पीड़िता के पिता ने तोड़ा दम, विधायक का भाई गिरफ्तार

बता दें कि बीजेपी विधायक कुल्दीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगाने वाली पीड़िता के पिता की सोमवार (9 अप्रैल) सुबह मौत हो गई थी। पुलिस के मुताबिक उसके पेट में दर्द उठा था, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पीड़िता के पिता से मारपीट के मामले में पुलिस ने मंगलवार (10 अप्रैल) को विधायक के भाई अतुल सिंह सेंगर पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दायर करते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

विधायक के भाई पर आरोप यह है कि उसने पीड़िता के पिता को बुरी तरह पीटा था जिसकी वजह से उनकी जेल में मौत हो गई थी। पीड़िता के मुताबिक विधायक का भाई उनके पिता पर केस वापस लेने का दबाव बना रहा था। उसे उन्नाव के माखी थाने में दर्ज मुकदमे में गिरफ्तार किया गया और शाम को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया। अतुल सिंह के चार साथियों को भी गिरफ्तार किया गया है। वहीं, इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।

 

 

 

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