केजरीवाल का समर्थन करने वाले चारों मुख्यमंत्रियों ने PM मोदी से की मुलाकात, प्रधानमंत्री से दिल्ली सरकार की समस्याओं का तत्काल समाधान करने का किया अनुरोध

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अधिकारियों को लेकर दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल अनिल बैजल के बीच शुरू हुआ टकराव फिलहाल खत्म होता नहीं दिख रहा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपनी मांगों को लेकर उपराज्यपाल अनिल बैजल के आवास पर लगातार पिछले छह दिनों (11 जून शाम से) से धरने पर बैठे हैं। केजरीवाल का साथ निभाने के लिए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मंत्री सत्येंद्र जैन और गोपाल राय लगातार उनके साथ धरने पर बने हुए है। अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करने पर धरने में शामिल सिसोदिया और जैन उपराज्यपाल के दफ्तर में बेमियादी भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।

PHOTO: @scribe_prashant

इस बीच दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल के धरने के मामले में नया मोड़ आ गया है। पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक और केरल के मुख्यमंत्रियों ने शनिवार (16 जून) को दिल्ली के अपने समकक्ष अरविंद केजरीवाल के प्रति एकजुटता दिखाई। चारों राज्यों के मुख्यमंत्री खुलकर केजरीवाल के समर्थन में आ गए हैं। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू, केरल के सीएम पिनरायी विजयन और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने केजरीवाल का समर्थन किया है।

वहीं, दिल्ली में आज यानी रविवार (17 जून) को नीति आयोग की चौथी बैठक के दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल का समर्थन करने वाले इन चारों मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट कर कहा कि मैंने आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल के माननीय मुख्यमंत्रियों के साथ आज माननीय प्रधानमंत्री से दिल्ली सरकार की समस्याओं का तत्काल समाधान करने का अनुरोध किया।

ममता बनर्जी ने ट्वीट कर कहा, ‘मेरे साथ आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल के मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी से रिक्वेस्ट की है कि दिल्ली सरकार की परेशानी का जल्द ही कोई हल निकाला जाए।’

इससे पहले शनिवार को केजरीवाल के आवास पर संवाददाता सम्मेलन में चारों मुख्यमंत्रियों ने केंद्र से तुरंत ‘‘संकट’’ का समाधान करने को कहा। अगले साल लोकसभा चुनावों के पहले विपक्षी दलों के साथ आने के प्रयासों के बीच केजरीवाल को चारों मुख्यमंत्रियों के समर्थन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा से मुकाबले के लिए विपक्षी दलों के साथ गठबंधन करने पर विचार कर रही कांग्रेस दिल्ली के मुख्यमंत्री के धरना पर बैठने की आलोचना कर रही है।

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘हम दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रति अपना समर्थन दिखाने के लिए यहां आए हैं। हम मांग करते हैं कि प्रधानमंत्री दखल दें और समस्या को सुलझाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।’’ हालांकि दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को धरने पर बैठे दिल्ली के सीएम से मुलाकात की अनुमति नहीं दी।

उपराज्यपाल अनिल बैजल की ओर से मिलने की अनुमति नहीं मिलने के बाद चारों मुख्यमंत्री केजरीवाल के आवास पर गए, जहां उनकी पत्नी ने पूरे वाकये से अवगत कराया। ममता ने कहा, ‘‘मैं दिल्ली के मुख्यमंत्री से मिलना चाहती थी लेकिन मौखिक रूप से मुझे बताया गया कि अनुमति नहीं मिलेगी। इसके बाद हम चारों ने उपराज्यपाल से मिलने का वक्त मांगा, लेकिन हमें बताया गया कि वह (बैजल) यहां नहीं हैं। हमें इजाजत नहीं दी गई।’’

इससे पहले चारों मुख्यमंत्रियों की बैठक आंध्र भवन में हुई। ममता, नायडू, विजयन और कुमारस्वामी आज यानी रविवार को नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली आए हुए हैं। चारों मुख्यमंत्री ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के निवास पर केजरीवाल की पत्नी और आप के कुछ अन्य नेताओं से मुलाकात की। बता दें कि केजरीवाल दिल्ली में नौकरशाहों की ‘‘हड़ताल’’ खत्म करवाने के लिए अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ उपराज्यपाल के कार्यालय में पिछले छह दिनों से धरना पर बैठे हैं।

ममता ने कहा, ‘‘हमें उनसे मुलाकात के लिए छह मिनट का भी समय नहीं दिया गया। हम चाहते हैं कि इस समस्या को सुलझाया जाए। यह संवैधानिक संकट बन गया है। आखिरकार अगर इस समस्या को नहीं सुलझाया गया तो लोगों को नुकसान होगा। अगर राजधानी में ये चीजें होंगी तो अन्य राज्यों में क्या होगा ? हम कल प्रधानमंत्री से मिलेंगे और उनसे समस्या को सुलझाने के लिए दखल देने का अनुरोध करेंगे।’’

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