सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बोलीं AAP विधायक अलका लांबा, निराश हूं पर कोर्ट के फैसले का सम्मान करती हूं, मोदी सरकार पर भी बोला हमला

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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (14 फरवरी) को दिल्ली सरकार बनाम उप राज्यपाल (LG) मामले में अधिकारों को लेकर बड़ा फैसला सुनाया। जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने दिल्ली सरकार को झटका देते हुए कहा है कि एसीबी, जांच आयोगों आदि पर केंद्र को अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर आम आदमी पार्टी (आप) की नेता व चांदनी चौक से विधायक अलका लांबा ने कहा कि, निराश हूँ पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का सम्मान करती हूं। साथ ही उन्होंने कहा कि ACB किसी के पास भी रहे भ्र्ष्टाचारियों के खिलाफ़ कार्यवाही जरूर होनी चाहिये।

अलका लांबा
फाइल फोटो: अलका लांबा

अलका लांबा ने अपने ट्वीट में लिखा, “निराश हूँ पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का सम्मान करती हूं, ACB किसी के पास भी रहे भ्र्ष्टाचारियों के खिलाफ़ कार्यवाही जरूर होनी चाहिये। मोदी सरकार ने ना खुद कोई कार्यवाही की और ना ही दिल्ली सरकार को करने दी। उम्मीद अगली सरकार बिना कोई समझौता किये भ्र्ष्टाचारियों के खिलाफ़ कार्यवाही करेगी।”

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले अलका लांबा ने ट्वीट कर लिखा था कि, “आज कुछ ही देर में सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला आने वाला है, पूरी उम्मीद है कि ABC दिल्ली सरकार के पास वापस आ जायेगी। अगर ऐसा होता है तो बताइए केजरीवाल सरकार सबसे पहले किस पर कार्यवाही करेगी या फिर उसे करनी चाहिये? बहुत हुई भ्र्ष्टाचार की मार, बस एक बार मिल जाये “एन्टी क्रप्शन ब्रांच”

जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने दिल्ली सरकार को झटका देते हुए कहा है कि ऑल इंडिया सर्विसेस, एसीबी, जांच आयोगों आदि पर केंद्र को अधिकार है। जस्टिस सीकरी ने कहा कि आसानी से कामकाज के लिए एक मैकेनिज्म होना चाहिए। वहीं यह भी कहा कि ज्वाइंट सेक्रेटरी से ऊपर के लेवल का ट्रांसफर करने का अधिकार उप राज्यपाल के पास है।

जस्टिस सीकरी ने फैसला पढ़ते हुए कहा कि एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) पर भी केंद्र का ही अधिकार है। वहीं बिजली पर राज्य सरकार का अधिकार बताया। जस्टिस सीकरी ने कहा कि जांच आयोग बनाने का अधिकार केंद्र के पास है।

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