दिल्ली: शराब के शौकीनों को न कोरोना वायरस का ख़ौफ़ रोक पाया और न ही ‘विशेष कोरोना शुल्क’, दुकानों के बाहर दिखी लंबी-लंबी कतारें

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कोरोना लॉकडाउन के बीच देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार (5 मई) को लगातार दूसरे दिन भी शराब की दुकानों के बाहर भारी भीड़ देखने को मिली। शराब के शौकीनों को न तो कोरोना वायरस के संक्रमण का खौफ़ था और न ही उसपर लगाया गया भारी ‘विशेष कोरोना शुल्क’ उनके हौसले पस्त कर सका।

दिल्ली
फाइल फोटो

कृष्णा नगर और विश्वास नगर सहित कई जगहों पर शराब की दुकानों के बाहर सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें देखने को मिली। वहीं, भारी भीड़ को नियंत्रित करने और सामाजिक दूरी के नियम का पालन कराने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल को भी तैनात किया गया। मध्य दिल्ली के गोल मार्केट जैसे कुछ इलाकों में शराब की दुकानें बंद रहीं। यहां भीड़ को काबू में ऱखने के लिए अर्द्धसैनिक बलों के कर्मियों को भी तैनात किया गया।

गौरतलब है कि, गृह मंत्रालय द्वारा लॉकडाउन में दी गई ताजा रियायत के मुताबिक, सुबह नौ बजे से शाम साढ़े छह बजे तक शराब की करीब 150 सरकारी दुकानें खोलने की इजाजत दी गई है। सोमवार को भीड़ के अनियंत्रित हो जाने के बाद शराब की कई दुकानों को बंद कर दिया गया था, क्योंकि लोग सामाजिक दूरी के नियम की परवाह नहीं कर रहे थे। बाद में रात को, दिल्ली सरकार ने शराब की बिक्री पर 70 फीसदी ‘विशेष कोरोना शुल्क’ लगा दिया।

दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने सोमवार को शराब की दुकानों के बाहर अव्यवस्था के बाद एक रिपोर्ट तैयार की है जिसमें दिल्ली में शराब की बिक्री का वक्त बढ़ाने की सलाह दी गई है। बुराड़ी में रहने वाले भरत कुमार सुबह आठ बजे से शराब की दुकान के बाहर कतार में खड़े हो गए और उनके आगे कई लोग पहले से ही लगे थे। दुकान खुलने का समय नौ बजे से है। उन्होंने कहा, ”मैं शराब के लिए सुबह आठ बजे से कतार में लगा था। बावजूद इसके, मुझे तीन बोतल शराब खरीदने में डेढ़ घंटे का वक्त लगा।”

शराब पर ‘कोरोना शुल्क’ लगाने के सरकार के फैसले के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ” इससे हमें फर्क नहीं पड़ता।” बहरहाल, ऐसे भी कई लोग थे जो दूसरे दिन भी शराब नहीं खरीद पाए। पूर्वी दिल्ली के शकरपुर से आए राजकुमार (38) ने कहा, ”मैं कृष्णा नगर में कुछ दुकानों पर गया, लेकिन वहां लगभग 400-500 लोगों की लंबी कतारें थीं। इधर, दुकान नहीं खुली हैं और पुलिसकर्मी हमें वापस भेज रहे हैं। यह उचित नहीं है। सरकार ने इतनी कीमत बढ़ा दी है और फिर भी कोई इसे खरीदने की कोशिश करता है, तो भी यह नहीं मिलती है।”

बता दें कि, देश में जारी कोरोना संकट के बीच तीसरे चरण के लॉकडाउन यानी सोमवार (4 मई) से देश के कई शहरों में शराब की बिक्री की इजाजत दी गई थी। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखने की हिदायत दी गई थी। लॉकडाउन 3.0 के पहले ही दिन मिली छूट के कारण दिल्ली में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गईं। इस बीच दिल्ली में भीड़ को देखते हुए कई शराब की दुकानों को बंद भी करवा दिया गया।

दिल्ली सरकार ने सोमवार रात बड़ा फैसला लेते हुए “शराब की बोतलों के एमआरपी पर 70 प्रतिशत “विशेष कोरोना शुल्क” लगा दिया गया है। दिल्ली सरकार ने एमआरपी पर 70 फीसदी टैक्स की घोषणा की है यानी दिल्ली में जो शराब की बोतल 1000 रुपये में मिलती होगी, वो आज से 1700 रुपये की मिलेगी। माना जा रहा है कि रेट बढ़ाए जाने से दुकानों पर भीड़ घटेगी। (इंपुट: भाषा के साथ)

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