VIDEO: राम मंदिर निर्माण में दान कर सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आए अक्षय कुमार, लोगों ने याद दिलाई वैष्णो देवी मंदिर न जाने वाली बात

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बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अक्षय कुमार ने रविवार (17 जनवरी) को सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो शेयर कर जानकारी दी है कि उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में योगदान किया है। इसके साथ ही उन्होंने अपने प्रशंसकों से भी अपील करते हुए कहा कि, वे राम मंदिर निर्माण के लिए दिल खोलकर दान करें।

अक्षय कुमार

अक्षय कुमार ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “बहुत खुशी की बात है कि अयोध्या में हमारे श्री राम के भव्य मंदिर का निर्माण शुरू हो चूका है, अब योगदान की बारी हमारी है। मैंने शुरुआत कर दी है, उम्मीद है आप भी साथ जुड़ेंगे। जय सियाराम।”

अक्षय कुमार ने अपने ट्विटर हैंडल पर जैसे ही यह वीडियो पोस्ट किया है। तभी से तमाम ट्विटर यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया है। यूजर्स ने अभिनेता को उनके एक पुराने इंटरव्यू को लेकर ट्रोल करना शुरु कर दिया। कुछ यूजर्स ने तो अक्षय कुमार का पुराना वीडियो भी शेयर किया। जिसमें दावा किया जा रहा है कि अक्षय ने वैष्णो देवी मंदिर जाने को पैसों की बर्बादी बताया था।

वहीं, कुछ अन्य यूजर्स ने अक्षय कुमार का एक और वीडियो शेयर कर रहे है जिसमें अभिनेता कह रहे है, “मैं मंदिर जाता हूं तो देखता हूं की वहां पैसे की खूब बर्बादी हो रही होती है, नारियल फोड़े जाते हैं दूध चढ़ाया जाता है, यह सब पैसे किसी जरूरतमंद पर खर्च क्यों नहीं होता।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “रामसेतु फिल्म का अभी से प्रचार शुरू कर दिया। राम मंदिर का सहारा लेकर फिल्म हिट करवाओ और बाद में हिन्दू धर्म का मजाक उड़ा कर अपनी बिरादरी वालों को खुश कर दो। बडे कलाकार हो अक्षय कुमार! जनता सब जान गई है अब और बेवकूफ नहीं बना पाओगे ॐ जय श्रीराम 卐”

एक यूजर ने लिखा, “अक्षय सर यहां खाने के लाले पड़े हैं और आप राम मंदिर में योगदान देने की बातें कर रहे हैं यह तो गलत गलत है ना सर लॉकडाउन तो सब की वाट लगा कर बैठ गया है।” बता दें कि, इसी तरह तमाम यूजर्स अक्षय के बयान पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

देखें कुछ ऐसे ही ट्वीट:

एक यूजर ने अक्षय कुमार के एक पुराने इंटरव्यू की कटिंग को भी शेयर किया है। अक्षय कुमार ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मैं अब वैष्णो देवी को बहुत मानता हूं लेकिन अब वहां नहीं जाता हूं। दो-ढाई लाख रुपये खर्चा हो जाता है है एक बार में। अब मैं क्या करता हूं कि अगर मुझे मन हुआ वैष्णो देवी जाने का, सोच लेता हूं दिमाग में कि जाना है। फिर ढाई लाख निकालता हूं। टाटा मेमोरियल कैंसल या यहां-वहां जा के किसी को भी दे देता हूं। वैष्णो देवी के दर्शन हो जाते हैं। कहीं जान की जरूरत ही नहीं है। वो मेरे घर में ही हैं। ये बात मेरी देर में समझ आई कि मंदिर का मतलब मन के अंदर। माता की इतनी मेहर है मेरे पर लेकिन उन्होंने ही मुझे ये रास्ता दिखाया है।’

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