नम आंखों के साथ भारत के इन सपूतों को विदाई

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अब क्या लिखूँ????? अपनी जिंदगी के बारे में।। वो लोग ही बिछड़ गये…. जो कभी ज़िंदगी हुआ करते थे।

ये शब्द है कश्मीर में हिन्दोस्तान की आन बान और शान पर कुर्बान हुए इरशाद के जो उसने अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर आख़री बार अपडेट किया था. इरशाद के साथ साथ उसका दोस्त सलमान भी इस हमले में शहीद हो गया।

इरशाद का तीसरा दोस्त बुरी तरह जख्मी है। ये तीनो दोस्त अभी हाल ही में सेना में शामिल हुए थे। और अपनी ट्रेनिंग के लिए कश्मीर गए हुए थे। ट्रेनिंग पर जाने से पहले उसने अपना दोस्तों से जल्द वापस लौटने का वादा किया था। पर कुदरत को शायद कुछ और ही मंजूर था।

इनकी देश के लिए शहादत ने प्रतापगढ़ की मिट्टी को गौरवान्वित होने का मौका दिया है। पूरा प्रतापगढ़ इनकी शहादत के बाद से ही गमगीन है लेकिन साथ ही साथ प्रतापगढ़ के लोग इस बात को लेकर फ़ख्र भी महसूस कर रहे है कि उनकी मिट्टी के बेटों ने देश के लिए अपने खून का एक एक कतरा भी निचोड़ दिया और ये साबित कर दिया की देश की रक्षा के लिए इस देश का मुसलमान जान की बाजी लगाने से कभी पीछे नहीं हटा।

इनकी शहादत पर लोकप्रिय शायर और देश और दुनियाँ मे इमरान प्रतापगढ़ी के नाम से मशहूर मोहम्मद इमरान खान ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि। शहीद इरशाद और शहीद सलमान ये दोनों लाल, कल कश्मीर में हिन्दोस्तान की मिट्टी के लिये शहीद हो गये !

सलाम दोस्तों आपकी शहादत को, आज फ़ख़् हो रहा है कि मैं आपके प्रतापगढ़ का रहने वाला हूँ ! इलाहाबाद में क्रिकेट खेलते हुए इरशाद कई बार ग्राउंड पर मिल जाया करते थे, एक बात जो आज बार बार याद आ रही है, इरशाद कहते थे कि भाई क्या मैं अपने नाम के आगे प्रतापगढ़ी लगा सकता हूँ, मुझे हँसी भी आती थी और प्यार भी.

इरशाद ने फेसबुक पर अपनी जो आई डी बनायी उसमें इरशाद प्रतापगढ़ी ही लिखा। एक और कमाल की बात इरशाद और सलमान, दोनों साथ साथ पढ़ते थे, साथ साथ इलाहाबाद में रूम लेकर कोचिंग किया.

साथ सेना में भर्ती हुए और कल महज़ 20-21 साल की उम्र में साथ साथ शहीद हो गये। नम आंखों के साथ भारत के इन सपूतों को विदाई अल्लाह तुम्हे जन्नत नसीब करे शहीदों।

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