गोरखपुर-फूलपुर उपचुनाव: BJP को टक्कर देने के एक हुए मायावती और अखिलेश, BSP ने सपा को समर्थन देने का किया ऐलान

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उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनावों से ठीक पहले राज्य में एक बड़ा राजनैतिक उलटफेर देखने को मिला है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के इस्तीफे से खाली हुई क्रमश: गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बीेएसपी) प्रमुख मायावती ने अपनी धूर विरोधी समाजवादी पार्टी (सपा) को समर्थन देने का फैसला किया है।

Photo: News 18

बीएसपी ने आधिकारिक तौर पर बैठक के बाद मंच से रविवार (4 मार्च) को सपा के लोकसभा प्रत्याशी को समर्थन देने का ऐलान किया। बता दें कि शनिवार को मायावती के घर एक बैठक हुई है जिसमें समर्थन पर चर्चा हुई है। रविवार को बीएसपी नेता घनश्याम खरवार ने कहा कि बहन जी (मायावती) के निर्देश पर देश और राज्य को खत्म करने वाली ताकतों को खत्म करने के लिए गोरखपुर के उपचुनाव में पिछड़े के बेटे प्रवीण निषाद और समाजवादी पार्टी को समर्थन देने का ऐलान किया है।

वहीं बीएसपी के इलाहाबाद के जोनल कॉर्डिनेटर अशोक गौतम ने कहा कि बीएसपी, बीजेपी का सफाया करना चाहती है इसलिए उनकी पार्टी ने एसपी को समर्थन देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ता बीजेपी को खत्म करना चाहते हैं, इसलिए बीएसपी के कार्यकर्ताओं ने फूलपुर में सपा के उम्मीदवार नगेन्द्र सिंह पटेल को वोट और सपोर्ट करने का फैसला किया है।

नवभारत टाइम्स के मुताबिक, उपचुनावों के अलावा बीएसपी ने राज्यसभा चुनाव में भी एसपी उम्मीदवारों को समर्थन देने की बात कही है। गोरखपुर में हुई बीएसपी की बैठक में एसपी उम्मीदवारों को समर्थन देने का फैसला लिया गया है। जानकारों का मानना है कि पूर्वोत्तर राज्यों में बीजेपी के शानदार प्रदर्शन के बाद अब उसे पहली कड़ी टक्कर उत्तर प्रदेश में मिल सकती है। यूपी में 23 मार्च को 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि देशभर में लगातार बढ़ रहे भारतीय जनता पार्टी के विजय रथ को रोकने के लिए यह दोनों बड़े दल एक बार फिर साथ आए हैं। जानकार मानते हैं कि दोनों दलों के एक साथ आने पर पिछड़े, दलित और मुसलमानों का बेहतरीन ‘कॉम्बिनेशन’ बनेगा। इन तीनों की आबादी राज्य में करीब 70 फीसदी है। तीनों एक मंच पर आ जाएंगे तो बीजेपी के लिए मुश्किल हो सकती हैं।

बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बसपा को एक भी सीट नहीं मिली थी, जबकि सपा मात्र पांच सीटों पर जीत सकी थी। वहीं वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा केवल 47 सीटों पर जीती थी, जबकि बसपा 19 सीटों पर ही सिमट गई थी। उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 और लोकसभा की 80 सीट हैं।

गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों पर 11 मार्च को चुनाव होने हैं। जबकि 14 मार्च को मतगणना होगी। दोनों सीटें बीजेपी के लिए इसलिए खास मायने रखती हैं, क्योंकि गोरखपुर से मौजूदा सीएम योगी आदित्यनाथ और फूलपुर से डेप्युटी सीएम केशव प्रसाद मौर्य सांसद थे। इन दोनों के इस्तीफे के बाद ये सीटें खाली हो गईं थीं। इससे पहले 1993 में उत्तर प्रदेश की सत्ता में SP-BSP के बीच ऐतिहासिक गठबंधन हुआ था

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