NSA अजीत डोभाल ने कहा- ‘जम्मू-कश्मीर के लिए अलग संविधान एक गलती थी’, PDP भड़की

0

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने मंगलवार (4 सितंबर) को कहा कि जम्मू-कश्मीर के लिए अलग संविधान होना संभवत: एक ‘‘त्रुटि’’ थी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि संप्रभुता से कभी समझौता नहीं किया जा सकता।

New Delhi: NSA Ajit Doval after a Cabinet meeting at South Block in New Delhi on Wednesday. PTI Photo by Subhav Shukla (PTI4_6_2016_000024b)

डोभाल ने कश्मीर पर यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब सुप्रीम कोर्ट संविधान के अनुच्छेद 35-ए की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। अनुच्छेद 35-ए के तहत जम्मू-कश्मीर के स्थायी निवासियों को खास तरह के अधिकार और कुछ विशेषाधिकार दिए गए हैं।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, देश के पहले उप-प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल पर लिखी एक किताब के विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए डोभाल ने कहा कि उन्होंने देश की मजबूत आधारशिला रखने में अहम योगदान किया है। डोभाल ने इस मौके पर पटेल को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

उन्होंने कहा कि संप्रभुता को ‘‘न तो कमजोर किया जा सकता है और न ही गलत तरीके से परिभाषित किया जा सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब अंग्रेज भारत छोड़कर गए तो संभवत: वे भारत को एक मजबूत संप्रभु देश के रूप में छोड़कर नहीं जाना चाहते थे।’’

डोभाल ने कहा कि इस संदर्भ में पटेल ने अंग्रेजों की योजना शायद समझ ली कि वे कैसे देश में टूट के बीज बोना चाह रहे हैं। उन्होंने कहा कि पटेल का योगदान सिर्फ राज्यों के विलय तक नहीं बल्कि इससे कहीं अधिक है।

PDP ने बयान को बताया अनुचित

अजित डोभाल के इस बयान पर बवाल मच गया है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने अजीत डोभाल के बयान पर आपत्ति जताई है। पीडीपी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता रफी मीर ने कहा, ‘ऐसे समय में जब कश्मीर नाजुक और राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है, डोभाल के ऐसे अनुचित बयान कश्मीर की जनता के प्रति उनकी असंवेदनशीलता दिखाते हैं।’

समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक मीर ने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्म है कि एक मुस्लिम बहुल राज्य द्विराष्ट्र के सिद्धांत को नकार कर एक हिंदू बहुल देश पर विश्वास कर उसके साथ जाने का फैसला करता है और दूसरी तरफ यहां राज्य के विशेष दर्जे पर हमला कर हमारा उत्पीड़न किया जा रहा है।’

उन्होंने कहा, ‘ एनएसए को बताना चाहूंगा कि राज्य के विलय का दस्तावेज एक वैध कानूनी दस्तावेज है और किसी को इसके अनुच्छेद आठ को नहीं भूलना चाहिए, जिसके पहले वाक्य में कहा गया है कि यह समझौता किसी भी प्रकार से राज्य में और राज्य के बाहर संप्रभुता को प्रभावित नहीं करता।’

Pizza Hut

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here