सुख-सुविधाओं को दरकिनार करते हुए गोहाना के मदीना गांव का अजय खेतों में प्रैक्टिस कर बना टेनिस चैंपियन

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सच्ची लगन हो तो फिर सुविधाओं की कमी राह में रोड़ा नहीं बन सकती। यह साबित कर दिखाया है हरियाणा के गोहाना के छोटे से गांव मदीना के 13 साल के अजय मलिक ने। खेतों में बने मिट्टी के साधारण कोर्ट पर प्रैक्टिस करने वाले अजय अंडर-14 नैशनल टेनिस चैंपियन बन गए हैं। DLTA कॉम्प्लेक्स में हाल ही में खत्म हुई चैंपियनशिप में उन्होंने बॉयज सिंगल्स।

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उच्च स्तरीय बुनियादी ढांचे और सुविधाओं की हंसी उड़ाते हुए अजय मलिक नए राष्ट्रीय टेनिस चैम्पियन बने है।

वह अपने पिता द्वारा कृषि भूमि पर बनाये गये मिट्टी के कोर्ट और मिट्टी पर अभ्यास करते थे।

हाल में डीएलटीए परिसर में समाप्त हुई राष्ट्रीय टेनिस चैम्पियनशिप में 13 वर्षीय अजय ने अंडर-14 लड़कों के एकल खिताब अपने नाम किया।

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उनके पिता अजमेर मलिक भारतीय सेना के सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए, उनके पास इतना भी पैसा नहीं था कि वे उसे मैचों के दौरान ब्रेक में केला या एनर्जी ड्रिंक भी दे सकें। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने डीएलटीए परिसर में खिताब जीता।

भाषा की खबर के अनुसार, अजय ने 10 साल की उम्र में टेनिस खेलना शुरू किया था और तीन साल के अंदर उन्होंने अपने उम्र के लिये उपलब्ध देश का सबसे बड़ा खिताब जीता। उन्हें कोचिंग अपने रिश्ते के भाई सोमबीर मलिक से मिली जो खुद टीवी पर मैच देखकर इस खेल को सीखा था लेकिन कोहनी की चोट के कारण उसे टेनिस छोड़ना पड़ा था।

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